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Pilibhit News: पहले बाघ पकड़ो बाद में उठने देंगे शव... दो घंटे बाद माने आक्रोशित ग्रामीण
Fri, 18 Jul 2025 12:54 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Fri, 18 Jul 2025 12:54 AM IST
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पीलीभीत। बाघ के ताबड़तोड़ हमलों से ग्रामीणों का आक्रोश भड़क गया। पुलिस ने महिला के शव को पोस्टमाॅर्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू की तो ग्रामीण हंगामा करने लगे। शव को खेत के पास ही रुकवा लिया। मौके पर पहुंचे अफसरों को खारी-खोटी सुनाई। कहा कि पहले बाघ पकड़ें, फिर शव को उठने देंगे। वन विभाग पकड़ने के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति कर रहा है। डीएम ज्ञानेंद्र सिंह, एसपी अभिषेक यादव ग्रामीणों को समझाने में जुटे रहे। विधायक स्वामी प्रवक्तानंद को भी ग्रामीणों का विरोध झेलना पड़ा। करीब दो घंटे चली वार्ता के बाद ग्रामीण माने।
मंडरिया गांव निवासी महिला की बाघ हमले में मौत का पता चलते ही आसपास गांव के हजारों लोग घटनास्थल के पास एकत्र हो गए। गन्ने के खेत में पड़ा महिला का शव देख ग्रामीणों का आक्रोश और भी बढ़ने लगा। जानकारी पर पहले सीओ सदर विधि भूषण मौर्य फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। कुछ ही देर में डीएम ज्ञानेंद्र सिंह, एएसपी विक्रम दहिया मौके पर पहुंच गए। शव को गन्ने के खेत से बाहर निकाला गया। जानकारी पर एसपी अभिषेक यादव भी मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने शव को ले जाने से इन्कार कर दिया। इस पर डीएम-एसपी ग्रामीणों को समझाते रहे। ग्रामीणों का कहना था कि बाघ कई दिनों से क्षेत्र में घूम रहा है। एक ग्रामीण को पूर्व में ही मार चुका है। इसके बाद भी वन विभाग उसे नहीं पकड़ सका।
इसका नतीजा यह निकला कि बाघ ने बृहस्पतिवार को एक महिला को मार दिया जबकि दो अन्य घायल हो गए। ग्रामीणों के आक्रोश को देख स्वामी प्रवक्तानंद भी मौके पर पहुंचे। विधायक ने डीएफओ से नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि आखिर बाघ क्यों नहीं पकड़ा जा रहा है। इंसानों में दहशत है, लोग जान गवां रहे हैं। कहा 24 घंटे में बाघ पकड़ा जाए। इस पर अफसरों ने हामी भरी, लेकिन ग्रामीण फिर भी शव को उठाने देने को राजी नहीं हुए। विधायक ने करीब दो घंटे तक ग्रामीणों को समझाने के प्रयास किए, इसके बाद शव को उठने दिया गया।
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दूसरे रास्ते से शव को उठा ले जाने पर भड़के ग्रामीण
महिला को गन्ने के खेत में ले जाकर मारने की घटना के बाद जुटे ग्रामीण बाघ को पकड़ने की मांग करने लगे। इस बीच अफसरों की मौजूदगी में पुलिस ने गन्ने के खेत में पड़े महिला के शव को कब्जे में लिया और ग्रामीणों से बचकर दूसरे रास्ते से ले जाने लगे। भनक लगते ही भीड़ उस ओर दौड़ी और शव को रुकवा लिया।
दूरी बनाकर खड़ी रहीं वन विभाग की टीमें
घटनाओं के बाद अफसर और करीब पांच थानों का फोर्स मौके पर पहुंच गया। ग्रामीणों का वन विभाग के प्रति आक्रोश था। इसके चलते वन विभाग के अफसर और टीमें संसाधनों के साथ टनकपुर हाईवे पर खड़ी रहीं। हालांकि डीएफओ भरत कुमार डीके डीएम-एसपी के साथ मौके पर पहुंचे। विधायक के सामने बाघ को पकड़ने की योजना बताकर प्रभावी प्रयास करने की बात कही।
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मंडरिया गांव निवासी महिला की बाघ हमले में मौत का पता चलते ही आसपास गांव के हजारों लोग घटनास्थल के पास एकत्र हो गए। गन्ने के खेत में पड़ा महिला का शव देख ग्रामीणों का आक्रोश और भी बढ़ने लगा। जानकारी पर पहले सीओ सदर विधि भूषण मौर्य फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। कुछ ही देर में डीएम ज्ञानेंद्र सिंह, एएसपी विक्रम दहिया मौके पर पहुंच गए। शव को गन्ने के खेत से बाहर निकाला गया। जानकारी पर एसपी अभिषेक यादव भी मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने शव को ले जाने से इन्कार कर दिया। इस पर डीएम-एसपी ग्रामीणों को समझाते रहे। ग्रामीणों का कहना था कि बाघ कई दिनों से क्षेत्र में घूम रहा है। एक ग्रामीण को पूर्व में ही मार चुका है। इसके बाद भी वन विभाग उसे नहीं पकड़ सका।
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इसका नतीजा यह निकला कि बाघ ने बृहस्पतिवार को एक महिला को मार दिया जबकि दो अन्य घायल हो गए। ग्रामीणों के आक्रोश को देख स्वामी प्रवक्तानंद भी मौके पर पहुंचे। विधायक ने डीएफओ से नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि आखिर बाघ क्यों नहीं पकड़ा जा रहा है। इंसानों में दहशत है, लोग जान गवां रहे हैं। कहा 24 घंटे में बाघ पकड़ा जाए। इस पर अफसरों ने हामी भरी, लेकिन ग्रामीण फिर भी शव को उठाने देने को राजी नहीं हुए। विधायक ने करीब दो घंटे तक ग्रामीणों को समझाने के प्रयास किए, इसके बाद शव को उठने दिया गया।
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दूसरे रास्ते से शव को उठा ले जाने पर भड़के ग्रामीण
महिला को गन्ने के खेत में ले जाकर मारने की घटना के बाद जुटे ग्रामीण बाघ को पकड़ने की मांग करने लगे। इस बीच अफसरों की मौजूदगी में पुलिस ने गन्ने के खेत में पड़े महिला के शव को कब्जे में लिया और ग्रामीणों से बचकर दूसरे रास्ते से ले जाने लगे। भनक लगते ही भीड़ उस ओर दौड़ी और शव को रुकवा लिया।
दूरी बनाकर खड़ी रहीं वन विभाग की टीमें
घटनाओं के बाद अफसर और करीब पांच थानों का फोर्स मौके पर पहुंच गया। ग्रामीणों का वन विभाग के प्रति आक्रोश था। इसके चलते वन विभाग के अफसर और टीमें संसाधनों के साथ टनकपुर हाईवे पर खड़ी रहीं। हालांकि डीएफओ भरत कुमार डीके डीएम-एसपी के साथ मौके पर पहुंचे। विधायक के सामने बाघ को पकड़ने की योजना बताकर प्रभावी प्रयास करने की बात कही।