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Pilibhit News: फाइलेरिया अभियान शुरू, स्वास्थ्य केंद्रों पर खिलाई गई दवा

Sun, 11 Feb 2024 01:33 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत Updated Sun, 11 Feb 2024 01:33 AM IST
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Filariasis eradication campaign started, medicine given at health centers
लोागे को फाइलेरिया की दवा का वितरण करते सीएमओ डॉ. आलोक कुमार । स्रोत - स्वास्थ विभाग
पीलीभीत। जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर शनिवार को फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) अभियान चलाया गया। इसमें केंद्रों पर आए लोगों को चिकित्सकों ने दवा का सेवन कराया। 28 फरवरी तक चलने वाले इस अभियान में 12,46,963 लोगों को फाइलेरिया रोधी दवा खिलाने का लक्ष्य है।
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फाइलेरिया का प्रभाव चार ब्लॉकों, पूरनपुर, न्यूरिया, बरखेड़ा और बिलसंडा में अधिक होने से, इन पर खासा ध्यान दिया जा रहा है। फाइलेरिया रोधी दवा डीईसी और एल्बेंडाजोल का सेवन आयु अनुसार कराया जा रहा है। अभियान में कुल 1082 टीमें लगी हैं। ये घर-घर जाकर लोगों को अपने सामने दवा का सेवन कराएंगी। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आलोक कुमार ने शनिवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र न्यूरिया से अभियान शुरू किया।
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एसीएमओ डॉ. हरिदत्त नेमी, अधीक्षक डॉ. लोकेश गंगवार व राजीव मौर्या की मौजूदगी में केंद्र पर आए लोगों को दवा का सेवन कराया गया। सीएचसी बिलसंडा में अभियान का शुभारंभ नगर पंचायत अध्यक्ष दीपक कुमार ने किया। इस दौरान डीएमओ पंकज द्विवेदी व मलेरिया निरीक्षक सुमित श्रीवास्तव मौजूद रहे। सीएचसी पूरनपुर में एसीएमओ डॉ. छत्रपाल, अधीक्षक डॉ. अनिकेत गंगवार, एमआई सुमित श्रीवास्तव ने अभियान के तहत मरीजों को दवा दिलाई।
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सीएचसी माधोटांडा से अभियान की शुरुआत जिला पंचायत सदस्य डॉ. विवेक ने किया। इस अवसर पर पाथ संस्था से डॉ. अरुण कुमार, एमआई रजा फाजिल उपस्थित रहे। सीएचसी कुरैया में ब्लॉक प्रमुख अनुराग दीक्षित ने अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर प्रभारी अधीक्षक डॉ. छत्रपाल और एमआई कृष्ण प्रताप दुबे उपस्थित रहे।


दवा को लेकर न पालें भ्रम
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, दो साल से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती और अति गंभीर बीमारों को छोड़कर सभी को दवा खानी है, इसमें कोताही न बरतें। डीएमओ ने कहा, फाइलेरिया रोधी दवाएं पूरी तरह सुरक्षित हैं। इसका विपरीत प्रभाव नहीं है। दवा खाने के बाद उल्टी, चक्कर, खुजली या जी मिचलाने जैसे लक्षण का मतलब है कि उस व्यक्ति के शरीर में फाइलेरिया के परजीवी मौजूद है। ये लक्षण दवा सेवन के बाद परजीवियों के मरने से उत्पन्न होते हैं। सामान्यतः ये लक्षण स्वयं समाप्त हो जाते हैं, लेकिन विशेष परिस्थिति में आशा कार्यकर्ता के माध्यम से प्रशिक्षित रैपिड रिस्पॉन्स टीम को बुलाया जा सकता है।

लोागे को फाइलेरिया की दवा का वितरण करते सीएमओ डॉ. आलोक कुमार । स्रोत - स्वास्थ विभाग

लोागे को फाइलेरिया की दवा का वितरण करते सीएमओ डॉ. आलोक कुमार । स्रोत - स्वास्थ विभाग

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