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Pilibhit News: किसानों ने कहा- फैक्टरी लगाकर नौकरी देने का झांसा दिया और खरीद ली जमीन

Wed, 11 Sep 2024 02:01 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 11 Sep 2024 02:01 AM IST
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Farmers said- they were lured with the promise of setting up a factory and giving jobs and bought the land
बरेली सितारगंज नेशनल हाईवे की जांच करती टीम।फाइल फोटो
पीलीभीत। बरेली-सितारगंज हाईवे के लिए जमीन अधिग्रहण में हुए घोटाले की परतें धीरे-धीरे खुल रही हैं। सोमवार को जांच करने पहुंचीं अपर आयुक्त प्रीति जायसवाल ने सेटेलाइट की तस्वीरों को खंगाला तो पता लगा कि अधिसूचना जारी होने के बाद अमरिया और जहानाबाद क्षेत्र में घोटाले की नीयत से बैनामे और खाली भूखंडों पर निर्माण कराए गए। उद्यमियों ने अफसरों-कर्मचारियों की मिलीभगत से बड़े स्तर पर खेल किया।
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अमरिया निवासी किसान हसीब खां ने अपर आयुक्त को बताया कि खरीदारों ने उन्हें अच्छी रकम देने के साथ ही फैक्टरी लगाकर उनके दो पुत्रों को प्रति माह 35 हजार रुपये की नौकरी देने का झांसा देकर जमीन खरीद ली, लेकिन ढांचा बनाकर मुआवजा हड़पने के बाद संपर्क खत्म कर दिया। अपर आयुक्त ने सेटेलाइट की तस्वीरों को खंगाला गया तो वर्ष 2022-23 में संबंधित भूखंडों पर कोई ढांचा नहीं दिखा। इसके बाद ही वहां निर्माण कराए गए।
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अधिसूचना जारी होने के बाद कई भूखंडों का बैनामा होने की बात सामने आई। इस दौरान जिम्मेदार बेपरवाह बने रहे। किसानों ने अफसरों के सामने लेखपालों की भूमिका पर भी सवाल उठाए। अपर आयुक्त ने जहानाबाद क्षेत्र के उगनपुर, सरदारनगर, हुसैननगर सहित अमरिया क्षेत्र के कई गांवों में जाकर मौके की पड़ताल और किसानों से बातचीत की। भू उपयोग बदलवाए बिना ही भवन का निर्माण कराने का मामला सामने आया। सदर और अमरिया तहसील के अफसरों ने ऐसे भवनों को चिह्नित कर जमीन के मालिक का नाम शामिल करते हुए बरेली से आई टीम को रिपोर्ट भी सौंपी।
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बोले किसान- अफसरों को बताई सच्चाई

अफसरों ने बयान दर्ज किए। जमीन को बेचने की सच्चाई बताई गई। यह भी बताया कि चंद दिनों में जमीन खरीदने के बाद ढांचा बनाने और मुआवजा लेने के बाद खरीदार गायब हो गए।

- हसीब खां
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जमीन पर फैक्टरी लगाकर परिजनों की नौकरी लगवाने का लालच दिया गया। अफसरों को भी यहीं बयान दिए। विस्तार से सब कुछ बताया गया।
- समीर
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बरेली से अपर आयुक्त के नेतृत्व में टीम आई थी। सदर तहसील के एसडीएम देवेंद्र सिंह ने मौके पर जाकर उनको जरूरी जानकारी दी है।
- विजयवर्धन तोमर, सिटी मजिस्ट्रेट और भूमि अध्याप्ति अधिकारी
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ग्राम उगनपुर में रामेश्वर दयाल गंगवार ने गलत तरह से मुआवजा लिया है। उन्होंने भू उपयोग बदलवाए बिना ही अधिक मुआवजा लेने के लिए ढांचा खड़ा कर दिया। इसकी रिपोर्ट अपर आयुक्त को दी गई है।
- देवेंद्र सिंह, एसडीएम

बरेली सितारगंज नेशनल हाईवे की जांच करती टीम।फाइल फोटो

बरेली सितारगंज नेशनल हाईवे की जांच करती टीम।फाइल फोटो

बरेली सितारगंज नेशनल हाईवे की जांच करती टीम।फाइल फोटो

बरेली सितारगंज नेशनल हाईवे की जांच करती टीम।फाइल फोटो

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