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अघोषित बिजली कटौती के विरोध में किसानों का धरना-प्रदर्शन
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पूरनपुर। बिजली की अघोषित कटौती के विरोध में किसानों ने एक्सईएन दफ्तर के बाहर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। तहसीलदार और सीओ की मौजूदगी में एसडीओ से हुई वार्ता पर प्रदर्शनकारी संतुष्ट नहीं हुए। उनका कहना था कि पॉवर कारपोरेशन के इंजीनियर दो साल से आश्वासन दे रहे हैं। थ्री-फेस बिजली सप्लाई न मिलने से धान की रोपाई नहीं हो पा रही है। खरीफ की अन्य फसलें भी सूखने लगी हैं। शाम करीब पांच बजे धरना स्थल पहुंचे एसडीएम राजेंद्र प्रसाद और अधिशासी अभियंता अरविंद कुमार ने सबलपुर फीडर को घुंघचाई बिजली घर से सप्लाई दिलवाने और शीघ्र ही भूमिगत केबल सही कराने का आश्वासन दिया। इस पर चल रहा बेमियादी धरना प्रदर्शन स्थगित कर दिया गया। समस्या का समाधान न होने पर किसानों ने दोबारा आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है।
सबलपुर और पिपरिया दुलई फीडर से पहले अलग-अलग बिजली सप्लाई होती थी। दो साल पहले पिपरिया दुलई फीडर की भूमिगत केबल में गड़बड़ी आ गई। तब से पिपरिया दुलई और सबलपुर फीडर को टुकड़ों में बिजली सप्लाई मिल रही है। शेड्यूल के अनुसार बिजली सप्लाई न मिलने और थ्री फेस की जगह टू फेस बिजली सप्लाई होने से फसलों की सिंचाई करने के लिए किसानों की मोटरें नहीं चल पाती। इस समस्या से किसान पिछले दो साल से जूझ रहे हैं। किसान कई बार पॉवर कारपोरेशन इंजीनियरों से समस्या समाधान की मांग कर चुके हैं, मगर, समस्या जस की तस बनी हुई है। इसके विरोध मेें किसानों ने 26 जून को भी अधिशासी अभियंता कार्यालय के बाहर धरना- प्रदर्शन किया था। एक्सईएन ने शीघ्र समाधान का आश्वासन पर किसानों ने धरना प्रदर्शन समाप्त कर दिया था। किसानों ने उसी दिन समस्या का समाधान न होने पर 29 जून से बेमियादी धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी थी। उसी के अनुसार सोमवार को भाकियू के नेतृत्व में किसानों ने एक्सईएन कार्यालय के बाहर धरना- प्रदर्शन और नारेबाजी की। प्रदर्शन करने वालों में लालू मिश्रा, स्वराज सिंह, भूपेंद्र सिंह, गुरप्रीत सिंह, जसपाल सिंह, कुलदीप सिंह, अमरीक सिंह आदि थे।
डेढ़ किलोमीटर भूमिगत केबल डाली गई थी। दो साल पहले आए फाल्ट से समस्या बनी हुई है। केबल बदलने पर डेढ़ करोड़ का खर्च होगा। जेई अवकाश पर गए हैं। उनके लौटने के बाद समस्या का समाधान कराया जाएगा। - शोएब अंसारी, एसडीओ।
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सबलपुर और पिपरिया दुलई फीडर से पहले अलग-अलग बिजली सप्लाई होती थी। दो साल पहले पिपरिया दुलई फीडर की भूमिगत केबल में गड़बड़ी आ गई। तब से पिपरिया दुलई और सबलपुर फीडर को टुकड़ों में बिजली सप्लाई मिल रही है। शेड्यूल के अनुसार बिजली सप्लाई न मिलने और थ्री फेस की जगह टू फेस बिजली सप्लाई होने से फसलों की सिंचाई करने के लिए किसानों की मोटरें नहीं चल पाती। इस समस्या से किसान पिछले दो साल से जूझ रहे हैं। किसान कई बार पॉवर कारपोरेशन इंजीनियरों से समस्या समाधान की मांग कर चुके हैं, मगर, समस्या जस की तस बनी हुई है। इसके विरोध मेें किसानों ने 26 जून को भी अधिशासी अभियंता कार्यालय के बाहर धरना- प्रदर्शन किया था। एक्सईएन ने शीघ्र समाधान का आश्वासन पर किसानों ने धरना प्रदर्शन समाप्त कर दिया था। किसानों ने उसी दिन समस्या का समाधान न होने पर 29 जून से बेमियादी धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी थी। उसी के अनुसार सोमवार को भाकियू के नेतृत्व में किसानों ने एक्सईएन कार्यालय के बाहर धरना- प्रदर्शन और नारेबाजी की। प्रदर्शन करने वालों में लालू मिश्रा, स्वराज सिंह, भूपेंद्र सिंह, गुरप्रीत सिंह, जसपाल सिंह, कुलदीप सिंह, अमरीक सिंह आदि थे।
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डेढ़ किलोमीटर भूमिगत केबल डाली गई थी। दो साल पहले आए फाल्ट से समस्या बनी हुई है। केबल बदलने पर डेढ़ करोड़ का खर्च होगा। जेई अवकाश पर गए हैं। उनके लौटने के बाद समस्या का समाधान कराया जाएगा। - शोएब अंसारी, एसडीओ।
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