Pilibhit News: म्यूजिक सिस्टम को बनाया हथियार, बाघ से बचने के लिए किसानों ने अपनाया यह तरीका
पीलीभीत जनपद और उत्तराखण्ड की सीमा में कई दिनों से बाघ की दहशत कायम है। बाघ कई लोगों पर हमला कर चुका है। ऐसे में किसानों ने बाघ से बचने के लिए अनोखा तरीका अपनाया है।
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पीलीभीत के न्यूरिया क्षेत्र में बाघ की दहशत के बीच फसलों की रखवाली और गन्ने की कटाई-छिलाई को लेकर किसान परेशान हैं। वन विभाग की ओर निगरानी के लिए औपचारिकताएं निभाई जा रही हैं। ऐसे में बाघ से बचाव के लिए किसानों ने नया तरीका अपनाया है। ट्रैक्टर को खेत में खड़ा कर तेज आवाज में म्यूजिक बजाकर कटाई का कार्य किया जा रहा है, जिससे वन्यजीव खेत में न टिक सके।
बाघ कई लोगों पर कर चुका है हमला
जनपद और उत्तराखण्ड की सीमा में कई दिनों से बाघ की दहशत कायम है। बाघ उत्तराखंड और पीलीभीत की सीमा में चहलकदमी कर कई लोगों को निवाला बना चुका है। इसको लेकर इलाके में दहशत का मौहाल है। वन विभाग की ओर से निगरानी का दावा किया जा रहा है लेकिन वह नाकाफी साबित हो रहा है।
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ऐसे में किसान नुकसान से बचने के लिए खुद जागरूक हुए हैं। ट्रैक्टर को खेत में खड़ा कर तेज आवाज में गाने बजाए जा रहे हैं, जिससे बाघ व अन्य वन्यजीव खेत में न रुके। ध्वनि की आवाज से वन्यजीव खेत से बाहर निकल जाए। किसानों का यह तरीका कारगर भी साबित हो रहा है। वहीं खेतों में किसान और मजदूर एकजुट होकर काम कर रहे हैं। बता दें कि न्यूरिया क्षेत्र पीलीभीत टाइगर रिजर्व से सटा हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि कुछ दिनों से इलाके में बाघ देखा जा रहा है।