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कॉलोनाइजरों से मिलकर 33 हजार केवीए की बिजली लाइन हटाने पहुंची टीम को किसानों ने खदेड़ा

Sun, 26 Dec 2021 11:55 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 26 Dec 2021 11:55 PM IST
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Farmers chased the team that reached to remove 33 thousand KVA power line together with colonizers
पीलीभीत के गांव बरहा में खंबे लगाने आई टीम से बहस करते लोग। संवाद - फोटो : PILIBHIT
पीलीभीत। गांव बरहा में असम हाईवे के पास 33 हजार केवीए की विद्युत लाइन दशकों पुरानी है। आरोप है कि इसी लाइन के नीचे कई कॉलोनाइजरों ने प्लाटिंग शुरू कर दी है। किसानों का आरोप है कि राजस्व और पावर कॉरपोरेशन के अधिकारी कॉलोनाइजर्स के फायदे के लिए विद्युत लाइन को शिफ्ट कर रहे हैं। मौजूदा लाइन के पोल हटाकर उनके खेतों में लगाना चाहते हैं। किसानों और पोल लगाने पहुंची टीम के बीच रविवार को नोकझोंक हुई। किसानों ने कहा कि डीएम से मिलेंगे। तब काम करने देंगे। जब टीम नहीं मानी तो किसानों ने खदेड़ दिया।
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शहर से सटे गांव बरहा के किसानों की कृषि भूमि असम हाईवे के पार है। हाईवे किनारे ही 33 हजार केवीए की विद्युत लाइन दशकों पहले से लगी है। किसानों का आरोप था कि कॉलोनाइजरों ने बिजली लाइन के नीचे बनी राइस मिल के आसपास ही प्लॉटिंग शुरू कर दी है। विद्युत लाइन के कारण प्लॉटिंग के विस्तार में दिक्कत आ रही है। इससे कॉलोनाइजरों ने राजस्व और पावर कॉरपोरेशन के अधिकारियों से सांठगांठ कर विद्युत लाइन को हटाकर उनके खेतों में पोल लगाने की तैयारी शुरू कर दी। पोल गलत तरीके से लगाए जा रहे हैं। किसानों का कहना था कि अगर लाइन हटाने का आदेश है, तो पूरी लाइन क्यों नहीं हटाई जा रही है। सिर्फ चार पोल जो प्लॉटों में लगे हैं, उन्हें ही क्यों हटाया जा रहा है। किसानों के विरोध के चलते पोल लगाने वाली टीम को रोक दिया गया। इसके बाद राजस्व और पुलिस टीम मौके पर पहुंची। किसानों को समझाने का प्रयास किया। मगर किसानों ने पोल खेतों में लगवाने से मना कर दिया।
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डीएम के यहां जाओ, या फिर लखनऊ
पोल लगाने टीम के साथ एक राजस्व लेखपाल भी पहुंचे। पहले तो लेखपाल ने अफसरशाही दिखाई। बाद में किसानों को नियम कानून केे बारे में जानकारी दी। इसके बाद भी किसानों ने खेतों में पोल लगाने से मना करते हुए डीएम से गुहार लगाने की बात लेेखपाल से कही। इस पर लेखपाल का तर्क था कि डीएम के यहां जाओ, या फिर लखनऊ। पोल तो यहीं लगेंगे। इसके बाद लेखपाल लौट गया।
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बोले किसान: डीएम ने दिया था आश्वासन, मगर फिर भी पोल लगाने पहुंची टीम
गांव बरहा निवासी सोहनलाल, जवाहर, घासीराम, रूपलाल, ढाकनलाल, पूरनलाल, भूपराम आदि ने बताया कि एक सप्ताह पहले इस समस्या को लेकर डीएम से मिल थे। डीएम ने 15 दिन का समय देते हुए समस्या के निस्तारण का बात कही, मगर यह लोग डीएम के आदेश का उल्लंघन करते हुए पोल लगाने पहुंच गए। इस मामले में दोबारा डीएम से मिलेंगे।

मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। अगर 33 हजार केवीए की लाइन को हटाया जा रहा है। वह गलत तरीके से हटाई जा रही है। जांच कराई जाएगी। संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - एसके मुधकर, अधीक्षण अभियंता
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