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किसान नेता वीएम सिंह अदालत से 28 वर्ष पुराने मारपीट के मामले में दोष मुक्त

Wed, 01 Jun 2022 12:24 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 01 Jun 2022 12:24 AM IST
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Farmer leader VM Singh acquitted in 28 year old assault case
पीलीभीत। किसान नेता वीएम सिंह को अदालत ने 28 वर्ष पुराने मारपीट और अनुसूचित जाति उत्पीड़न के मामले में दोषमुक्त करार दिया। द किसान चीनी मिल पूरनपुर के कर्मी अहिबरन सिंह ने पूरनपुर कोतवाली में तत्कालीन विधायक और किसान नेता वीएम सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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इसमें मारपीट और अनुसूचित जाति उत्पीड़न का आरोप लगाया गया था। पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की थी। मामला अदालत में विचाराधीन था। इसमें मंगलवार को अपर सत्र न्यायाधीश/ विशेष न्यायाधीश एमपी/एमएलए अभिषेक पांडेय की अदालत ने फैसला सुनाया। इसमें वीएम को दोषमुक्त किया गया।
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वादी अहिबरन सिंह के नाम नोटिस जारी करने का आदेश दिया गया। वादी अहिबरन सिंह पर अदालत झूठी गवाही देने का आरोप है। पुलिस को जो बयान उन्होंने दिया था। अदालत में वह उससे मुकर गए। अदालत ने इसे झूठी गवाही का मामला माना। बचाव पक्ष की ओर से सैयद मोहम्मद उरूज ने पैरवी की।
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क्या था मामला - पूरनपुर सहकारी चीनी मिल गेस्ट हाउस के कर्मचारी अहिबरन ने 6 जनवरी 1994 को थाना पूरनपुर में दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा था कि वह चीनी मिल गेस्ट हाउस में कर्मचारी है। 5 जनवरी 1994 को अपनी ड्यूटी पर तैनात था। रात में 11 बजे करीब क्षेत्रीय विधायक वीएम सिंह अपने समर्थकों के साथ अतिथि गृह में आए।
विधायक के समर्थक लोग नशे में थे तब विधायक ने उन्हें बुलाकर वीआईपी सुइट खोलने के लिए कहा। उन्होंने मना किया। विधायक गुस्से में आ गए और उसे जाति सूचक शब्दों की प्रयोग करते हुए धमकाया और मारपीट की।
सीबीसीआईडी ने की थी विवेचना - पुलिस की विवेचना के बाद सीबीसीआईडी ने विवेचना की थी। किसान नेता वीएम सिंह, मोहल्ला शेर मोहम्मद निवासी उनके ड्राइवर माजिद व पूरनपुर निवासी राममूर्ति यादव के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया था। आरोप पत्र के विरुद्ध उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की गई।

उच्च न्यायालय ने मुकदमे की कार्यवाही वर्ष 2000 में स्थगित कर दी थी। इसके बाद 2018 में उच्च न्यायालय द्वारा स्थगन आदेश खारिज कर दिया गया। दौरान मुकदमा आरोपी राममूर्ति यादव की मृत्यु हो गई। आरोपी माजिद के न्यायालय में उपस्थित नहीं हुआ। एमपी/ एमएलए न्यायालय द्वारा वीएम सिंह की पत्रावली अलग कर मुकदमे की सुनवाई की गई।
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