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वोट देने के लिए नाव से नदी पार कर पहुंचे थारू पट्टी में रहने वाले परिवार
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पीलीभीत : शारदा पार से मतदान करने के लिए के लिए नाव से आते थारू जनजाति के लोग। संवाद
- फोटो : PILIBHIT
कलीनगर (पीलीभीत)। लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए मतदान में भागीदारी वोटर के लिए जरूरी है। लेकिन लंबी दूरी और उसमें भी कई समस्याओं के आड़े आने के बावजूद वोट डालने का उत्साह थारू परिवारों से ही सीखा जा सकता है।
दरअसल कलीनगर तहसील में ढकिया ताल्लुके महाराजपुर के मौजा गोरख डिब्बी और थारू पट्टी में करीब 170 परिवार रहते हैं। इनमें वोटरों की संख्या भी पांच सौ के करीब है। वोट डालने के लिए गांव से सात किमी की दूरी तय कर नदी पर आना पड़ता है। नाव से नदी को पार कर फिर तीन किमी की दूरी तय कर नगरिया खुर्द और रमनगरा क्षेत्र के बूथों पर आकर वोट डाल पाते हैं। बुधवार को सुबह से वोट डालने के लिए आने वाले इन परिवारों की भीड़ नदी पर देखने को मिली। पुरुषों के साथ महिलाओं और युवाओं में जबरदस्त उत्साह देखा गया। राधे राना ने बताया कि हर बार उम्मीदों को आगे रखकर वोट जरूर करते हैं। यह अलग बात है कि हम लोगों की समस्या पर आज तक ध्यान
नहीं दिया। ऐसी ही बात अन्य लोगों ने कही। लेकिन इन सबके बावजूद इन लोगों का मतदान के प्रति उत्साह कभी कम न हुआ। संवाद
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दरअसल कलीनगर तहसील में ढकिया ताल्लुके महाराजपुर के मौजा गोरख डिब्बी और थारू पट्टी में करीब 170 परिवार रहते हैं। इनमें वोटरों की संख्या भी पांच सौ के करीब है। वोट डालने के लिए गांव से सात किमी की दूरी तय कर नदी पर आना पड़ता है। नाव से नदी को पार कर फिर तीन किमी की दूरी तय कर नगरिया खुर्द और रमनगरा क्षेत्र के बूथों पर आकर वोट डाल पाते हैं। बुधवार को सुबह से वोट डालने के लिए आने वाले इन परिवारों की भीड़ नदी पर देखने को मिली। पुरुषों के साथ महिलाओं और युवाओं में जबरदस्त उत्साह देखा गया। राधे राना ने बताया कि हर बार उम्मीदों को आगे रखकर वोट जरूर करते हैं। यह अलग बात है कि हम लोगों की समस्या पर आज तक ध्यान
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नहीं दिया। ऐसी ही बात अन्य लोगों ने कही। लेकिन इन सबके बावजूद इन लोगों का मतदान के प्रति उत्साह कभी कम न हुआ। संवाद