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एसआईटी की जांच में फंसे तीन शिक्षक, प्रमाण पत्र दोबारा मंगाए गए

Mon, 06 Jul 2020 10:35 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 06 Jul 2020 10:35 PM IST
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fake certificate of teachers
पीलीभीत। प्रदेश भर में फर्जी शिक्षकों की जांच में जुटी एसआईटी की सूची में पीलीभीत के भी तीन शिक्षकों के नाम आए हैं। वर्तमान में एक शिक्षक की तैनाती मथुरा में हैं, जबकि दो की जनपद के पूरनपुर और बरखेड़ा ब्लॉक क्षेत्र के स्कूलों में हैं। इन शिक्षकों के अभिलेख फर्जी होने की आशंका के मद्देनजर इनके प्रमाण पत्र दोबारा मंगाए गए हैं। बीएसए ने खंड शिक्षा अधिकारियों को दो शिक्षकों के मूल अभिलेख जमा करने के बाद उनकी जांच के निर्देश दिए हैं।
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राज्य सरकार फर्जी शिक्षकों की जांच करा रही है। एसआईटी की जांच में पूरे प्रदेश में 342 शिक्षकों के नाम फर्जी मिले हैं। इनकी छानबीन दोबारा से चल रही है। इसमें जनपद के भी तीन शिक्षक शामिल है। इनमें पूरनपुर ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय नानकपुरा शारदा पार में कार्यरत शिक्षक अमित कुमार, बरखेड़ा ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय जैतपुर में कार्यरत शिक्षक बिजेंद्र सिंह और भानु प्रकाश रावत हैं। शिक्षक भानु प्रकाश पीलीभीत से तबादला कराकर जनपद मथुरा में कार्यरत हैं। अमित कुमार की नियुक्ति 72000 शिक्षक भर्ती और बिजेंद्र सिंह की उर्दू बीटीसी में हुई थी। शासन से सूची प्राप्त होने पर बीएसए देवेंद्र स्वरूप ने जनपद के तीनों शिक्षकों को मूल अभिलेख के साथ कार्यालय में उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। शिक्षक अपने मूल अभिलेखों के साथ सोमवार को बीएसए कार्यालय भी पहुंचे। शिक्षक अमित कुमार चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ और बिजेंद्र सिंह एमजेपी रूहेलखंड विश्वविद्यालय से स्नातक है। बीएसए ने कहा कि शिक्षकों के ज्वाइनिंग के वक्त जमा किए गए प्रमाण पत्रों से उनके मूल प्रमाण का मिलान किया जाएगा। मथुरा में कार्यरत शिक्षक के प्रमाण पत्र अभी बीएसए के पास नहीं पहुंचे।
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शासन से आई सूची में तीन शिक्षकों का नाम प्रकाश में आया है। इनमें एक शिक्षक मथुरा में कार्यरत है, जबकि दो जनपद में ही हैं। जनपद में कार्यरत दोनों शिक्षकों के मूल अभिलेख जमा कर लिए गए है। इनकी सत्यता की जांच कराई जा रही है। - देवेंद्र स्वरूप, बीएसए
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