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शहर की सड़क पर हर दिन बिछेंगे 10 लाख
पीलीभीत।
Updated Sun, 15 Mar 2015 11:31 PM IST
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नगर की सड़क सुधार के लिए शहर की नगर पालिका को विभिन्न मदों में मिले
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2.56 करोड़ रूपये के बजट को खत्म हो रहे वित्तीय वर्ष में ठिकाने लगाने के
लिए पालिका प्रशासन ने एक साथ सभी सड़के खुदवा उस पर रोड़ा (छोटा पत्थर) व
गिट्टी आदि डाल दी है।
पालिका का दावा है कि अब तक वह इस मिली रकम में से करीब एक करोड़ रूपये की धनराशि खर्च कर चुका है। शेष 60 फीसदी रकम वह बचे वित्तीय वर्ष में खर्च कर सड़क की मरम्मत करा लेगा।
शहर की सबसे व्यस्त रोड स्टेडियम रोड हो या फिर बेलो वाले चौराहे से कमल्ले चौराहा रोड। नौगवां चौराहा से गंदेनाला तक की सड़क हो या फिर बेलो वाले चौराहे से बाले मियां की मजार रोड। शहर की यह वह सभी प्रमुख सड़कें हैं जिन पर पूरे दिन शहरवासी आते-जाते हैं।
इनके अलावा भी शहर की कुछ और सड़के ऐंसी हैं जो काफी खस्ताहाल में हैं। चालू वित्तीय वर्ष के शुरू में तो पालिका प्रशासन इनकी दशा सुधारने पर महज चर्चा ही करता रह गया और शहर की जनता इन खस्ताहाल सड़कों से जैसे-तैसे गुजरती रही। अब जब वित्तीय वर्ष का अंतिम माह आया तो पालिका प्रशासन को इन सड़कों की मरम्मत के लिए विभिन्न मदों व योजनाओं से सड़क निर्माण व मरम्मत के नाम पर मिले करीब ढ़ाई करोड़ से अधिक की धनराशि को ठिकाने लगाने के लिए आनन-फानन में मरम्मत/निर्माण के लिए सभी सड़के जेसीवी पिछले एक सप्ताह में खुदवा दीं तथा उनमे से कई सड़कों पर पत्थर-गिट्टी बिछवा दी तो कुछ सड़क के किनारे निर्माण सामग्री खरीदवा कर रखवा दी है।
पालिका प्रशासन का दावा है कि इसमे से अवस्थापना मद की 122.39 लाख रूपये व राज्य वित्त पोषित आयोग से 82.10 लाख रूपये क्रमश: नवंबर 2014 व दिसंबर 2014 में मिले। जबकि नगरीय सुधार योजना मद में 60.81 लाख रूपये फरवरी 2015 में मिले। पालिका इसमे से करीब एक करोड़ रूपये अब तक खर्च कर चुकी है। शेष बची डेढ़ करोड़ रूपये की धनराशि को पालिका प्रशासन 15 दिन में बिछाएगा। यही नहीं गति से बजट ठिकाने लगाने को काम चल रहा है उससे उसकी गुणवत्ता भी प्रभावित होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।
फैक्ट फाइल
अवस्थापना मद से होने वाला खर्चा
. सुनगढ़ी तिराहे से नौगवां चौराहा तक 86.92
. सेलीव्रेशन से शिवशक्ति बारात घर तक 19.41
. ,, रेलवे पुलिया तक 16.06
नगरीय सुधार योजना में होने वाला खर्चा
. बेलों वाले चौराहे से बालेमियां मजार तक 57.12
. गौरीशंकर मंदिर से ब्रह्मचारी घाट तक 38.00
-----------------------------------
राज्य वित्त आयोग से होने वाला खर्चा
. नौगवां चौराहे से गंदेनाले तक 57.12
बेलोवाले चौराहे से कमल्ले चौराहे तक 25.04
(नोट: सभी रकम लाख रूपये में)
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सड़क निर्माण कार्य में देरी एक तो बजट विलंब से मिलने से हुई, दूसरे ठंड का मौसम होने के कारण भी देरी हुई। शहर की सड़कें पक्की बनाई जानी हैं। इसमें प्रयोग किया जाने वाला तारकोल तभी ठीक से काम करता है, जब तापमान करीब 26 डिग्री सेल्सियस हो। मथुरा से तारकोल मंगाने के लिए डिमांड एक सप्ताह पहले भेज दी थी। एक-दो दिन में तारकोल पहुंचने की उम्मीद है। उसके पहुंचते ही युद्ध स्तर पर काम करवा शेष बची रकम से इसी वित्तीय वर्ष में ही कार्य करवा दिया जाएगा।
-अरुणमणि त्रिपाठी, ईओ नगर पालिका
पालिका का दावा है कि अब तक वह इस मिली रकम में से करीब एक करोड़ रूपये की धनराशि खर्च कर चुका है। शेष 60 फीसदी रकम वह बचे वित्तीय वर्ष में खर्च कर सड़क की मरम्मत करा लेगा।
शहर की सबसे व्यस्त रोड स्टेडियम रोड हो या फिर बेलो वाले चौराहे से कमल्ले चौराहा रोड। नौगवां चौराहा से गंदेनाला तक की सड़क हो या फिर बेलो वाले चौराहे से बाले मियां की मजार रोड। शहर की यह वह सभी प्रमुख सड़कें हैं जिन पर पूरे दिन शहरवासी आते-जाते हैं।
इनके अलावा भी शहर की कुछ और सड़के ऐंसी हैं जो काफी खस्ताहाल में हैं। चालू वित्तीय वर्ष के शुरू में तो पालिका प्रशासन इनकी दशा सुधारने पर महज चर्चा ही करता रह गया और शहर की जनता इन खस्ताहाल सड़कों से जैसे-तैसे गुजरती रही। अब जब वित्तीय वर्ष का अंतिम माह आया तो पालिका प्रशासन को इन सड़कों की मरम्मत के लिए विभिन्न मदों व योजनाओं से सड़क निर्माण व मरम्मत के नाम पर मिले करीब ढ़ाई करोड़ से अधिक की धनराशि को ठिकाने लगाने के लिए आनन-फानन में मरम्मत/निर्माण के लिए सभी सड़के जेसीवी पिछले एक सप्ताह में खुदवा दीं तथा उनमे से कई सड़कों पर पत्थर-गिट्टी बिछवा दी तो कुछ सड़क के किनारे निर्माण सामग्री खरीदवा कर रखवा दी है।
पालिका प्रशासन का दावा है कि इसमे से अवस्थापना मद की 122.39 लाख रूपये व राज्य वित्त पोषित आयोग से 82.10 लाख रूपये क्रमश: नवंबर 2014 व दिसंबर 2014 में मिले। जबकि नगरीय सुधार योजना मद में 60.81 लाख रूपये फरवरी 2015 में मिले। पालिका इसमे से करीब एक करोड़ रूपये अब तक खर्च कर चुकी है। शेष बची डेढ़ करोड़ रूपये की धनराशि को पालिका प्रशासन 15 दिन में बिछाएगा। यही नहीं गति से बजट ठिकाने लगाने को काम चल रहा है उससे उसकी गुणवत्ता भी प्रभावित होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।
फैक्ट फाइल
अवस्थापना मद से होने वाला खर्चा
. सुनगढ़ी तिराहे से नौगवां चौराहा तक 86.92
. सेलीव्रेशन से शिवशक्ति बारात घर तक 19.41
. ,, रेलवे पुलिया तक 16.06
नगरीय सुधार योजना में होने वाला खर्चा
. बेलों वाले चौराहे से बालेमियां मजार तक 57.12
. गौरीशंकर मंदिर से ब्रह्मचारी घाट तक 38.00
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राज्य वित्त आयोग से होने वाला खर्चा
. नौगवां चौराहे से गंदेनाले तक 57.12
बेलोवाले चौराहे से कमल्ले चौराहे तक 25.04
(नोट: सभी रकम लाख रूपये में)
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सड़क निर्माण कार्य में देरी एक तो बजट विलंब से मिलने से हुई, दूसरे ठंड का मौसम होने के कारण भी देरी हुई। शहर की सड़कें पक्की बनाई जानी हैं। इसमें प्रयोग किया जाने वाला तारकोल तभी ठीक से काम करता है, जब तापमान करीब 26 डिग्री सेल्सियस हो। मथुरा से तारकोल मंगाने के लिए डिमांड एक सप्ताह पहले भेज दी थी। एक-दो दिन में तारकोल पहुंचने की उम्मीद है। उसके पहुंचते ही युद्ध स्तर पर काम करवा शेष बची रकम से इसी वित्तीय वर्ष में ही कार्य करवा दिया जाएगा।
-अरुणमणि त्रिपाठी, ईओ नगर पालिका