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Pilibhit News: छठे दिन भी टीमों की पकड़ से दूर लंगड़ी बाघिन, अपर पीसीसीएफ ने परखी हकीकत
Sat, 10 May 2025 12:08 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Sat, 10 May 2025 12:08 AM IST
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अपर पीसीसीएफ प्रोजेक्ट टाइगर ने दौरा कर जुटाई बाघिन की जानकारी। स्रोत विभाग
पीलीभीत। महोफ रेंज में घूम रही लंगड़ी बाघिन छठे दिन भी निगरानी में जुटी टीम की पकड़ से दूर रही। शुक्रवार को अपर पीसीसीएफ प्रोजेक्ट टाइगर ललित कुमार ने स्थिति का जायजा लिया। अफसरों के अलावा फील्ड स्टाफ से बाघिन को लेकर जानकारी जुटाई और जरूरी निर्देश दिए।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व की महोफ रेंज में बीते रविवार को लंगड़ाकर चलने वाली बाघिन का वीडियो सामने आया था। वीडियो में चलने में असमर्थ बाघिन कमजोर भी दिखाई दे रही थी। वीडियो को गंभीरता से लेकर पीटीआर के अफसरों ने चार टीमों के अलावा क्षेत्र में 15 कैमरे लगाकर उसकी निगरानी शुरू की थी। पर्यटन क्षेत्र को देखते हुए बाघिन को रेस्क्यू करने की अनुमति भी ले ली गई। पिछले छह दिनों से टीमें बाघिन को रेस्क्यू करने के प्रयासों में जुटी हैं। इसके लिए पिंजरा भी रखवाने के साथ रेस्क्यू वाहन को भी तैनात किया गया, लेकिन टीमों को बाघिन की लोकेशन नहीं मिल पा रही है। दो दिन पूर्व दिखी बाघिन कुछ देर बाद फिर टीमों की नजरों से दूर हो गई। हाथियों के अलावा रेस्क्यू ट्रैक्टर से निगरानी के बाद भी उसकी मौजूदगी दिखाई नहीं दी।
इधर शुक्रवार को अपर पीसीसीएफ प्रोजेक्ट टाइगर ललित कुमार महोफ रेंज पहुंचे। उन्होंने बाघिन की मौजूदगी वाले क्षेत्र का दौरा कर स्थिति को परखा। डीएफओ भरत कुमार डीके और महोफ रेंजर सहेंद्र यादव से जानकारी जुटाई। उसके चहलकदमी के दायरे और अधिक मौजूदगी वाले क्षेत्र के बारे में जानकारी की। इसके बाद जरूरी निर्देश दिए।
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हाथी, 14 कैमरों और ड्रोन से भी रखी जा रही नजर
बाघिन को पकड़ने के लिए विभाग की ओर से गंभीरता बरती जा रही है। इसके लिए फील्ड स्टाफ के साथ हाथी, 14 कैमरे लगाने के साथ ड्रोन कैमरे से भी उसकी मौजूदगी को ट्रेस करने के प्रयास किए जा रहे हैं। मगर छह दिन बीतने के बाद भी सही लोकेशन न मिल पाने से बाघिन को पकड़ा नहीं जा सका है।
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पीलीभीत टाइगर रिजर्व की महोफ रेंज में बीते रविवार को लंगड़ाकर चलने वाली बाघिन का वीडियो सामने आया था। वीडियो में चलने में असमर्थ बाघिन कमजोर भी दिखाई दे रही थी। वीडियो को गंभीरता से लेकर पीटीआर के अफसरों ने चार टीमों के अलावा क्षेत्र में 15 कैमरे लगाकर उसकी निगरानी शुरू की थी। पर्यटन क्षेत्र को देखते हुए बाघिन को रेस्क्यू करने की अनुमति भी ले ली गई। पिछले छह दिनों से टीमें बाघिन को रेस्क्यू करने के प्रयासों में जुटी हैं। इसके लिए पिंजरा भी रखवाने के साथ रेस्क्यू वाहन को भी तैनात किया गया, लेकिन टीमों को बाघिन की लोकेशन नहीं मिल पा रही है। दो दिन पूर्व दिखी बाघिन कुछ देर बाद फिर टीमों की नजरों से दूर हो गई। हाथियों के अलावा रेस्क्यू ट्रैक्टर से निगरानी के बाद भी उसकी मौजूदगी दिखाई नहीं दी।
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इधर शुक्रवार को अपर पीसीसीएफ प्रोजेक्ट टाइगर ललित कुमार महोफ रेंज पहुंचे। उन्होंने बाघिन की मौजूदगी वाले क्षेत्र का दौरा कर स्थिति को परखा। डीएफओ भरत कुमार डीके और महोफ रेंजर सहेंद्र यादव से जानकारी जुटाई। उसके चहलकदमी के दायरे और अधिक मौजूदगी वाले क्षेत्र के बारे में जानकारी की। इसके बाद जरूरी निर्देश दिए।
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हाथी, 14 कैमरों और ड्रोन से भी रखी जा रही नजर
बाघिन को पकड़ने के लिए विभाग की ओर से गंभीरता बरती जा रही है। इसके लिए फील्ड स्टाफ के साथ हाथी, 14 कैमरे लगाने के साथ ड्रोन कैमरे से भी उसकी मौजूदगी को ट्रेस करने के प्रयास किए जा रहे हैं। मगर छह दिन बीतने के बाद भी सही लोकेशन न मिल पाने से बाघिन को पकड़ा नहीं जा सका है।