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बहुत जरूरी होने पर ही मिलेगा जिला जजी में प्रवेश
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पीलीभीत। जिला जजी में जरूरी होने पर ही प्रवेश मिलेगा। अनावश्यक तौर पर होने वाली भीड़ को रोका जाएगा। क्योंकि कोरोना संक्रमण को देखते हुए उच्च न्यायालय प्रशासन ने जिला अदालतों में अनावश्यक होने वाली भीड़ पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। हाईकोर्ट ने आदेश दिया है कि अधिकारी भी रोटेशन से एक-एक दिन छोड़कर न्यायिक कार्य करेंगे।
दरअसल उच्च न्यायालय ने 9 जनवरी को ही एक सर्कुलर जारी किया था। इसमें कहा गया था कि अदालत न पहुंचने वाले आपराधिक मामलों के अभियुक्तों के विरुद्ध उत्पीड़नात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी। प्रदेश में कोरोना के मरीजों को देखते हुए रविवार को एक और सर्कुलर जारी किया गया है। इस सर्कुलर के अनुसार जिला जजी में बहुत आवश्यक होने पर ही प्रवेश मिलेगा। न्यायिक अधिकारी एक-एक दिन रोटेशन से कार्य करेंगे। न्यायिक अधिकारियों को प्रतिदिन न्यायालय नहीं आना है। हाईकोर्ट ने गर्भवती होने पर न्यायिक अधिकारी या कर्मचारी को न्यायालय आने में छूट दे दी गई है। बहरहाल उच्च न्यायालय के नए आदेश के अनुसार अब मुकदमों के वादकारियों को बहुत जरूरी होने पर ही कचहरी आने की जरूरत है। जिला जज सुधीर कुमार ने हाईकोर्ट के आदेश के क्रम में आदेश पारित कर न्यायिक अधिकारियों को रोटेशन से न्यायिक कार्य करने की व्यवस्था लागू कर दी है।
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दरअसल उच्च न्यायालय ने 9 जनवरी को ही एक सर्कुलर जारी किया था। इसमें कहा गया था कि अदालत न पहुंचने वाले आपराधिक मामलों के अभियुक्तों के विरुद्ध उत्पीड़नात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी। प्रदेश में कोरोना के मरीजों को देखते हुए रविवार को एक और सर्कुलर जारी किया गया है। इस सर्कुलर के अनुसार जिला जजी में बहुत आवश्यक होने पर ही प्रवेश मिलेगा। न्यायिक अधिकारी एक-एक दिन रोटेशन से कार्य करेंगे। न्यायिक अधिकारियों को प्रतिदिन न्यायालय नहीं आना है। हाईकोर्ट ने गर्भवती होने पर न्यायिक अधिकारी या कर्मचारी को न्यायालय आने में छूट दे दी गई है। बहरहाल उच्च न्यायालय के नए आदेश के अनुसार अब मुकदमों के वादकारियों को बहुत जरूरी होने पर ही कचहरी आने की जरूरत है। जिला जज सुधीर कुमार ने हाईकोर्ट के आदेश के क्रम में आदेश पारित कर न्यायिक अधिकारियों को रोटेशन से न्यायिक कार्य करने की व्यवस्था लागू कर दी है।
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