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धान की सरकारी खरीद रोक कर धरना देने बैठ गए कर्मचारी, किसान नेताओं पर लगाए आरोप

Wed, 27 Oct 2021 12:24 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 27 Oct 2021 12:24 AM IST
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Employees sat on dharna by stopping government purchase of paddy, accusing farmer leaders
पूरनपुर में मंडी समिति गेट पर धरना देकर प्रदर्शन करते धान खरीद केंद्र प्रभारी और उनका स्टाफ, ठेके - फोटो : PILIBHIT
पूरनपुर। धान खरीद केंद्र के प्रभारियों-कर्मचारियों ने किसान नेताओं पर बिचौलिया होने का आरोप लगाते हुए मंगलवार को कार्य बहिष्कार कर दिया। ठेकेदारों के साथ केंद्र प्रभारी- कर्मचारियों ने मंडी गेट पर धरना देकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने डीएम को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को देकर किसान नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए। मंडी में आने पर प्रतिबंध लगाने, उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की। इसे लेकर साढ़े तीन घंटे तौल बंद रही। एसडीएम के समझाने पर कर्मचारी काम पर लौट आए।
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धान तुलवाने को लिए गए आठ हजार रुपये पकड़े जाने की घटना के दूसरे दिन मंगलवार को सुबह नौ बजे धान खरीद केंद्रों के प्रभारियों और कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार कर हाथों में काली पट्टी बांधकर मंडी गेट पर धरना देकर प्रदर्शन किया। इस दौरान भाकियू और कुछ किसान नेताओं का नाम लेकर उनके खिलाफ नारेबाजी की गई। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि धान खरीद केंद्रों पर किसान नेताओं के रूप में बिचौलिया हावी हैं। जो मानक के विरुद्ध धान खरीद का दबाव बनाते हैं। धमका कर वीडियो बनाते हैं। जान की धमकी और सुरक्षा का खतरा बताकर भयभीत करते हैं। इसकी शुरुआत महिला खरीद केंद्र प्रभारी से अभद्रता कर की गई। गुड़ मंडी में एसडीएम की मौजूदगी में रात में केंद्र प्रभारियों को बंधक बनाकर अभद्रता कर धमकाया गया और धान की तौल कराई गई। पिछले दिनों नायब तहसीलदार के मंडी पहुंचने पर उनसे अभद्रता कर माफी मंगवाई गई। सोमवार को विपणन सहायक को धमकाते हुए खराब धान तौलने का दबाव बनाया गया। उनकी जेब में रुपये डालकर आठ हजार रुपये सुविधा शुल्क लेने का आरोप लगाते हुए निलंबित कराया गया। कर्मचारियों से अभिलेख छीनना, केंद्र पर तौले हुए धान के बोरों को जबरन फाड़ना, बदलने का दबाव बनाया जाता है। प्रदर्शनकारियों ने बिचौलियों पर कार्रवाई न होने तक धरना प्रदर्शन जारी होने की चेतावनी दी। अपरान्ह करीब साढ़े बारह बजे मंडी पहुंचे एसडीएम रामस्वरूप को डीएम को संबोधित ज्ञापन प्रदर्शनकारियों ने सौंपा। ज्ञापन में किसान नेता मनप्रीत सिंह, सतनाम सिंह, बलजिंदर सिंह, गुरविंदर सिंह को मंडी में आने पर प्रतिबंध लगाने, उनके खिलाफ क्रय नीति के विपरीत कार्य करने, सरकारी कार्य में बाधा डालने, जान से मारने की धमकी देने, बगैर मानक के धान तुलवाने का दबाव बनाने, कर्मचारियों से सरकारी अभिलेख छीनने, धान के बोरों को जबरन फाड़ने, बदलवाने पर रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की गई। एसडीएम रामस्वरूप ने खरीद केंद्र प्रभारियों को किसानों के धान की तौल करने के निर्देश दिए। इस पर खरीद केंद्र प्रभारियों ने अपरान्ह साढ़े बारह बजे कार्य बहिष्कार समाप्त कर काम शुरू किया।
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फेल किया गया धान मानक का निकलने पर केंद्र प्रभारी माने जाएंगे जिम्मेदार
पूरनपुर। एसडीएम रामस्वरूप ने धरना समाप्त कराने के दौरान कहा कि किसानों को बेवजह परेशान न किया जाए। अगर किसी खरीद केंद्र पर पहुंचे चार किसानों का धान अधोमानक बताकर लौटाया गया और गठित समिति ने जांच में मानक के अनुरूप धान को पाया। तब किसानों का बेवजह उत्पीड़न होना माना जाएगा। इस पर संबंधित केंद्र प्रभारी पर कार्रवाई कराई जाएगी।
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धान खरीद में तानाशाह रवैया अपनाया जा रहा है। इसे भाकियू बर्दाश्त नहीं करेगी। किसानों के लिए संघर्ष करने वाले किसान नेता बिचौलिया नहीं है। किसान नेताओं को बिचौलिया कहने पर पहले लोगों को सबूत देना चाहिए। धान खरीद में गड़बड़ी और सुविधा शुल्क वसूली की शिकायत पर अफसर सबूत मांगते हैं। सबूत देने पर भी आरोपी कर्मचारी पर कड़ी कार्रवाई रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गई।
- स्वराज सिंह, जिलाध्यक्ष भाकियू
केंद्रों पर अवैध वसूली हो रही है। कुछ खरीद केंद्र प्रभारी शातिर हैं जो निरीक्षण को पहुंचने वाले अफसरों से शिकायत कर गुमराह करते हैं। सुविधा शुल्क की पोल खुलने से केंद्र प्रभारी वसूली में कोई आड़े न आए इसका दबाव बना रहे हैं। जांच करा ली जाए, सब स्पष्ट हो जाएगा।
- गुरप्रीत सिंह, राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के युवा के अध्यक्ष
अधिकांश खरीद केंद्रों पर बगैर सुविधा शुल्क की मांग पूरी न होने पर खरीद नहीं हो रही है। खरीद केंद्र प्रभारी धान खरीद में किसानों से खुली लूट में कोई बाधक न बने। इसको लेकर आरोप लगा रहे हैं। उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। खरीदे गए धान और रिजेक्ट होने वाले धान की जांच हो।

- मनप्रीत सिंह, जिलाअध्यक्ष अन्नदाता किसान यूनियन।
अगर केंद्र प्रभारी ईमानदारी से खरीद करें, तब किसान परेशान नहीं होंगे और नेताओं को नहीं बुलाएंगे। अधिकांश खरीद केंद्र प्रभारियों ने गुट बना रखा है। किसानों से लूट के लिए अक्सर एकजुट हो जाते हैं।
- बलजिंदर सिंह, प्रदेश महामंत्री अन्नदाता किसान यूनियन।
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