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फिर जंगली हाथियों ने मचाया उत्पात, झाले तोड़े, फसलों को पहुंचाया नुकसान
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माधोटांडा। एक बार फिर जंगली हाथियों ने शारदा नदी के पार नेपाल सीमा से सटे गोरख डिब्बी इलाके में उत्पात मचाया। तीन किसानों केे झाले तोड़ दिए। फसलों को रौंदकर खराब कर दिया। शारदा नदी के किनारे जानवरों की गौड़ी बनाकर रहने वाले ग्वालों के भी छप्पर तहस-नहस कर दिए। ग्रामीणों के मुताबिक अब हाथियों की संख्या दो से बढ़कर तीन हो गई है। उनके साथ एक हाथी का बच्चा भी बताया जा रहा है।
जंगली हाथियों का इंडो-नेपाल सीमा से सटे इलाकों में तांडव जारी है। सोमवार रात तीन जंगली हाथी और एक हाथी का बच्चा सीमा से सटे गोरख डिब्बी क्षेत्र में पहुंच गए। गांव के किसान कपाली, विनोद, संतोष के झाले तहस-नहस कर दिए। वहां पर रखा सामान भी फैला दिया। इसके बाद जंगली हाथी शारदा नदी के किनारे आ गए। यहां पशुओं की गौड़ी बनाकर लोग रहते हैं। उनके भी झालों को नुकसान पहुंचाया। उत्पाद मचाने के बाद हाथी लग्गा बग्गा के जंगल में की तरफ चले गए। खेतों पर खड़ी फसलों को भी नुकसान पहुंचाया गया। ऐसे में अब गांवों में हाथियों की दहशत बढ़ गई है। वन विभाग की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे। डिप्टी डायरेक्टर नवीन खंडेलवाल ने बताया कि टीम को पहले ही निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। इसको लेकर गंभीरता से कदम उठाए जाएंगे।
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जंगली हाथियों का इंडो-नेपाल सीमा से सटे इलाकों में तांडव जारी है। सोमवार रात तीन जंगली हाथी और एक हाथी का बच्चा सीमा से सटे गोरख डिब्बी क्षेत्र में पहुंच गए। गांव के किसान कपाली, विनोद, संतोष के झाले तहस-नहस कर दिए। वहां पर रखा सामान भी फैला दिया। इसके बाद जंगली हाथी शारदा नदी के किनारे आ गए। यहां पशुओं की गौड़ी बनाकर लोग रहते हैं। उनके भी झालों को नुकसान पहुंचाया। उत्पाद मचाने के बाद हाथी लग्गा बग्गा के जंगल में की तरफ चले गए। खेतों पर खड़ी फसलों को भी नुकसान पहुंचाया गया। ऐसे में अब गांवों में हाथियों की दहशत बढ़ गई है। वन विभाग की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे। डिप्टी डायरेक्टर नवीन खंडेलवाल ने बताया कि टीम को पहले ही निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। इसको लेकर गंभीरता से कदम उठाए जाएंगे।
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