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जिला अस्पताल की बिजली गुल, अल्ट्रासाउंड और सीटी स्कैन नहीं हुए
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लाइट न होने से एक्सरे कक्ष के बाहर परेशान मरीज।
- फोटो : PILIBHIT
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पीलीभीत। जिला अस्पताल में मंगलवार को पहुंचे मरीजों को असुविधाओं का सामना करना पड़ा। करीब चार घंटे तक बिजली नहीं थी। वार्ड से लेकर ओपीडी तक मरीज गर्मी से परेशान दिखे। एक्सरे, सीटी स्कैन और अल्ट्रासाउंड भी नहीं हो सका। कई मरीजों को लौटना पड़ा। दोपहर बाद सप्लाई शुरू होने के बाद ही राहत मिल सकी।
कचहरी, एसपी आफिस के अलावा जिला अस्पताल में भी बिजली मुहैया कराने के लिए अलग से लाइन है। इससे अस्पताल में 24 घंटे बिजली मुहैया होती है। सोमवार की रात अचानक 33 केवीए की सप्लाई में फॉल्ट हो गया था। अस्पताल में अंधेरा छा गया। समस्या को दुरुस्त करने के प्रयास शुरू किए, लेकिन सफलता न मिलने से मंगलवार को भी सप्लाई शुरू नहीं हो सकी। दो जेनरेटर अस्पताल में हैं लेकिन बड़ा जेनरेटर चला ही नहीं।
छोटे जेनरेटर से पूरा अस्पताल रोशन नहीं हो सका। अस्पताल खुलने के बाद मंगलवार को सुबह से ही मरीजों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। बिजली न मिलने की वजह से मरीजों के अल्ट्रासाउंड, एक्सरे और सीटी स्कैन नहीं हुए। मरीजों ने कई घंटे तक बैठकर इंतजार किया। तीमारदार हाथ वाले पंखे की मदद से हवा करते दिखे। ओपीडी में भी असुविधाएं हावी रही। हालांकि चिकित्सकों ने मरीज देखे। दोपहर बाद जब बिजली सप्लाई दुरुस्त हुई तो मरीजों ने राहत की सांस ली। बिजली आने के बाद भी मरीजों की जांच शुरू हो सकी।
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फॉल्ट होने के बाद बिजली विभाग को सूचना दी गई थी। मंगलवार दोपहर बाद तक फॉल्ट सही हो सका। इसके बाद सप्लाई को शुरू किया गया। बिजली न होने से चिकित्सा कार्य प्रभावित हुआ है। -डॉ. विजय कुमार तिवारी, सीएमएस, जिलॉ चिकित्सालय
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कचहरी, एसपी आफिस के अलावा जिला अस्पताल में भी बिजली मुहैया कराने के लिए अलग से लाइन है। इससे अस्पताल में 24 घंटे बिजली मुहैया होती है। सोमवार की रात अचानक 33 केवीए की सप्लाई में फॉल्ट हो गया था। अस्पताल में अंधेरा छा गया। समस्या को दुरुस्त करने के प्रयास शुरू किए, लेकिन सफलता न मिलने से मंगलवार को भी सप्लाई शुरू नहीं हो सकी। दो जेनरेटर अस्पताल में हैं लेकिन बड़ा जेनरेटर चला ही नहीं।
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छोटे जेनरेटर से पूरा अस्पताल रोशन नहीं हो सका। अस्पताल खुलने के बाद मंगलवार को सुबह से ही मरीजों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। बिजली न मिलने की वजह से मरीजों के अल्ट्रासाउंड, एक्सरे और सीटी स्कैन नहीं हुए। मरीजों ने कई घंटे तक बैठकर इंतजार किया। तीमारदार हाथ वाले पंखे की मदद से हवा करते दिखे। ओपीडी में भी असुविधाएं हावी रही। हालांकि चिकित्सकों ने मरीज देखे। दोपहर बाद जब बिजली सप्लाई दुरुस्त हुई तो मरीजों ने राहत की सांस ली। बिजली आने के बाद भी मरीजों की जांच शुरू हो सकी।
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फॉल्ट होने के बाद बिजली विभाग को सूचना दी गई थी। मंगलवार दोपहर बाद तक फॉल्ट सही हो सका। इसके बाद सप्लाई को शुरू किया गया। बिजली न होने से चिकित्सा कार्य प्रभावित हुआ है। -डॉ. विजय कुमार तिवारी, सीएमएस, जिलॉ चिकित्सालय