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घरों से सटकर और खेतों के ऊपर से गुजर रहे जर्जर बिजली के तार बने मुसीबत
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शहर के गैस चौराहा के पास मुख्य बाजार से सटे इलाके में बिल्डिंग के पास तारों का मकड़जाल।
- फोटो : PILIBHIT
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पीलीभीत। बिजली की अघोषित कटौती की समस्या लंबे समय से जनपदवासियों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। कभी फाल्ट के बाद तार टूटते हैं, तो कभी ट्रांसफॉर्मर में खराबी की वजह से घंटों सप्लाई ठप रहती है।
बिजली सप्लाई से हटकर बात करें तो जर्जर तारों की समस्या का ही समाधान नहीं हो सका है। घरों से सटकर तो खेतों के ऊपर से बिजली के तार गुजर रहे हैं। पावर कारपोरेशन की लचर व्यवस्था शहर से लेकर गांवों तक हावी है। शहर की अधिकांश गलियों और मुख्य रास्तों पर तारों का मकड़जाल है। सालों से तारों को बदला नहीं जा सका है। घरों से सटकर गुजर रहे जर्जर तार कई बार हादसे का सबब भी बने। घरों की दीवारों में करंट उतर आया। बिजली के उपकरण फुंकने की घटनाएं भी हुईं। उधर, ग्रामीण इलाकों में भी जर्जर तारों ने कम तबाही नहीं मचाई। तारों के टूटकर गिरने से कई जान जा चुकी हैं। आए दिन तार टूटकर खेतों में गिरने से फसल में आग लग जाती है। धान की फसल पककर तैयार होने वाली है। किसान फसल काटने के लिए खेतों में जमा होंगे। ऐसे में जर्जर तार टूटकर गिरते ही फसल के नुकसान और किसानों की जान पर भी आफत बनी रहेगी। बावजूद इसके विभाग समस्या से बेपरवाह बना हुआ है।
हादसे होते गए मगर नहीं दिया ध्यान
मोहल्ला मोहम्मद वासिल निवासी एक ठेकेदार के मकान से बिजली के तार सटे हुए हैं। कई बार बारिश के दिनों में मकान में करंट उतर चुका है। उपकरण भी फुंक चुके हैं। शिकायतें भी हुई, मगर कोई समाधान नहीं हुआ। आवास विकास कॉलोनी, आसफजान, जमुनी चौराहा, गैस चौराहा, मुख्य बाजार समेत शहर के अधिकांश इलाकों में तारों की बदतर तस्वीर देखी जा सकती है। उधर, न्यूरिया, गजरौला, बरहा समेत कई गांवों में तारों के टूटकर खेतों में गिरने से पूर्व में कई लोगों की जान तक चली गई थी।
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30 साल से नहीं बदले गए तार...परेवा के लोग परेशान
परेवा वैश्य। पावर कॉरपोरेशन के अमरिया सब स्टेशन से परेवा वैश्य गांव को बिजली मिलती है। 11 हजार केवी की हाईटेंशन लाइन अमरिया तक खेतों के ऊपर से गुजरती है। 10 किलोमीटर के तार जर्जर हो चुके हैं। तीन दशक के बाद भी इन्हें बदला नहीं गया। कुछ खेतों में तो आलम यह है कि किसान हाथ उठाए तो तारों को छू जाए। बीते माह तार टूटकर गिरने से कंबाइन में भी आग लग गई थी, जबकि मजदूर बाल-बाल बचे थे। पिछले साल फसल को भी आग लगने से काफी नुकसान हुआ, मगर समाधान नहीं किया गया।
बोले किसान:
बिजली के तारों की वजह से करंट लगने का डर लगा रहता है। तार भी जर्जर हो चुके हैं। इन्हें बदलवाने की कई बार मांग की गई, मगर सुनवाई नहीं हुई। बहाना बनाकर टाल दिया गया। - पीतमराम
धान की कटाई का समय आ रहा है। खेतों के ऊपर से गुजरते जर्जर तारों के टूटने या फिर चिंगारी निकलने से आग लगने का डर सताता रहता है। जर्जर तारों का समाधान कराना चाहिए। - नईम खां
बोले अधिकारी:
अधिकांश जगह तार पहले से थे। बाद में सटाकर मकान बनवा लिए गए। जर्जर तारों को बदलने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। शासन स्तर पर भी पत्राचार किए गए हैं। जल्द इस दिशा में काम शुरू होने की उममीद है। - असीम कुमार, एक्सईएन, पावर कॉरपोरेशन
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बिजली सप्लाई से हटकर बात करें तो जर्जर तारों की समस्या का ही समाधान नहीं हो सका है। घरों से सटकर तो खेतों के ऊपर से बिजली के तार गुजर रहे हैं। पावर कारपोरेशन की लचर व्यवस्था शहर से लेकर गांवों तक हावी है। शहर की अधिकांश गलियों और मुख्य रास्तों पर तारों का मकड़जाल है। सालों से तारों को बदला नहीं जा सका है। घरों से सटकर गुजर रहे जर्जर तार कई बार हादसे का सबब भी बने। घरों की दीवारों में करंट उतर आया। बिजली के उपकरण फुंकने की घटनाएं भी हुईं। उधर, ग्रामीण इलाकों में भी जर्जर तारों ने कम तबाही नहीं मचाई। तारों के टूटकर गिरने से कई जान जा चुकी हैं। आए दिन तार टूटकर खेतों में गिरने से फसल में आग लग जाती है। धान की फसल पककर तैयार होने वाली है। किसान फसल काटने के लिए खेतों में जमा होंगे। ऐसे में जर्जर तार टूटकर गिरते ही फसल के नुकसान और किसानों की जान पर भी आफत बनी रहेगी। बावजूद इसके विभाग समस्या से बेपरवाह बना हुआ है।
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हादसे होते गए मगर नहीं दिया ध्यान
मोहल्ला मोहम्मद वासिल निवासी एक ठेकेदार के मकान से बिजली के तार सटे हुए हैं। कई बार बारिश के दिनों में मकान में करंट उतर चुका है। उपकरण भी फुंक चुके हैं। शिकायतें भी हुई, मगर कोई समाधान नहीं हुआ। आवास विकास कॉलोनी, आसफजान, जमुनी चौराहा, गैस चौराहा, मुख्य बाजार समेत शहर के अधिकांश इलाकों में तारों की बदतर तस्वीर देखी जा सकती है। उधर, न्यूरिया, गजरौला, बरहा समेत कई गांवों में तारों के टूटकर खेतों में गिरने से पूर्व में कई लोगों की जान तक चली गई थी।
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30 साल से नहीं बदले गए तार...परेवा के लोग परेशान
परेवा वैश्य। पावर कॉरपोरेशन के अमरिया सब स्टेशन से परेवा वैश्य गांव को बिजली मिलती है। 11 हजार केवी की हाईटेंशन लाइन अमरिया तक खेतों के ऊपर से गुजरती है। 10 किलोमीटर के तार जर्जर हो चुके हैं। तीन दशक के बाद भी इन्हें बदला नहीं गया। कुछ खेतों में तो आलम यह है कि किसान हाथ उठाए तो तारों को छू जाए। बीते माह तार टूटकर गिरने से कंबाइन में भी आग लग गई थी, जबकि मजदूर बाल-बाल बचे थे। पिछले साल फसल को भी आग लगने से काफी नुकसान हुआ, मगर समाधान नहीं किया गया।
बोले किसान:
बिजली के तारों की वजह से करंट लगने का डर लगा रहता है। तार भी जर्जर हो चुके हैं। इन्हें बदलवाने की कई बार मांग की गई, मगर सुनवाई नहीं हुई। बहाना बनाकर टाल दिया गया। - पीतमराम
धान की कटाई का समय आ रहा है। खेतों के ऊपर से गुजरते जर्जर तारों के टूटने या फिर चिंगारी निकलने से आग लगने का डर सताता रहता है। जर्जर तारों का समाधान कराना चाहिए। - नईम खां
बोले अधिकारी:
अधिकांश जगह तार पहले से थे। बाद में सटाकर मकान बनवा लिए गए। जर्जर तारों को बदलने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। शासन स्तर पर भी पत्राचार किए गए हैं। जल्द इस दिशा में काम शुरू होने की उममीद है। - असीम कुमार, एक्सईएन, पावर कॉरपोरेशन

जहानाबाद के गांव परेवा वैश्य में इस तरह गुजर रहे जर्जर तार।- फोटो : PILIBHIT