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Pilibhit News: आयुष्मान कार्ड की आस में अस्पताल के चक्कर काट रहे बुजुर्ग

Wed, 27 Nov 2024 12:29 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 27 Nov 2024 12:29 AM IST
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Elderly people are roaming around hospitals in the hope of getting Ayushman card
प्रमेंद्र अवस्थी।
पीलीभीत। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना से मुफ्त इलाज की आस में 70 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्ग आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए जिला अस्पताल के आयुष्मान कक्ष के चक्कर काट रहे हैं। विभागीय कर्मचारी कभी पोर्टल में तकनीकी खराबी तो कभी अन्य अभिलेख अधूरे बताकर बुजुर्गों को दौड़ा रहे है। कई-कई दिन चक्कर लगाने के बाद भी बुजुर्गों का आयुष्मान कार्ड नहीं बन पा रहा है।
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70 वर्ष से अधिक उम्र के लाभार्थियों को आयुष्मान योजना का लाभ दिया जाना है। इस आयु वर्ग के लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड प्राथमिकता से बनाए जाने के शासन से निर्देश भी हैं। कहा गया कि लाभार्थियों को ज्यादा दौड़ाया न जाए। साथ ही इस उम्र के लोगों के अधिक से अधिक कार्ड बनाए जाएं।
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बावजूद इसके जिले में 70 वर्ष से अधिक उम्र के लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड बनाए जाने की रफ्तार काफी धीमी है। बुजुर्गों को दौड़ाया जा रहा है। मंगलवार की दोपहर जिला अस्पताल के आयुष्मान कक्ष में कार्ड बनवाने के लिए खड़े बुजुर्गों ने अपना दर्द बयां किया। कहा कि कई बार आ चुके हैं, आयुष्मान कार्ड अब तक नहीं बन सका है। कभी पोर्टल में तकनीकी खराबी बता दी जाती है, तो कभी कोई अन्य कमी।
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विभाग की ओर से बैठने तक की व्यवस्था नहीं
70 वर्ष के बुजुर्गों के लिए अस्पताल के आयुष्मान कक्ष में बैठने तक का प्रबंध नहीं किया गया है। बुजुर्ग जमीन पर बैठते हैं। इस समय फर्श भी काफी ठंडी है। इससे दिक्कत होती है। योजना के चालू होने के बाद भी विभाग ने कोई अतिरिक्त व्यवस्था नहीं की है।



घंटों खड़े रहने के बाद मायूस लौट जाते हैं वृद्ध
आयुष्मान कक्ष का आलम यह है कि यहां पर आने बुजुर्गाें को सही जानकारी भी नहीं दी जाती है। बुजुर्ग कई घंटे खड़े रहते हैं। इसके बाद उन्हें कोई न कोई कमी या फिर विभागीय अड़चन बताकर लौटा दिया जाता है।
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पत्नी और अपना आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए दो बार यहां आ चुका हूं। आज भी आया, लेकिन कोई सही जवाब नहीं दिया गया। करीब एक घंटे से बैठे हैं।
- जोगिंदर सिंह



कागज जमा करने के बाद भी दो तीन बार चक्कर लगा चुका हूं, लेकिन अब तक सही जवाब नहीं मिला है। आज भी दो घंटे से यहां अपनी बारी का इंतजार कर रहा हूं।
- प्रभु दयाल



आयुष्मान कार्ड बनवाने के करीब 10 बार आ चुका हूं। कभी कुछ तो कभी कुछ कह कर टरका दिया जाता है। जिम्मेदारों को व्यवस्थाएं परखनी चाहिए।
- प्रमेंद्र अवस्थी

आयुष्मान कार्ड रोजाना बनाए जा रहे हैैं। तकनीकी खराबी की वजह से पोर्टल नहीं चल रहा है। इससे काम-काज प्रभावित हुआ।
- मयूर शर्मा, जिला समन्वयक, आयुष्मान कार्ड

प्रमेंद्र अवस्थी।

प्रमेंद्र अवस्थी।

प्रमेंद्र अवस्थी।

प्रमेंद्र अवस्थी।

प्रमेंद्र अवस्थी।

प्रमेंद्र अवस्थी।

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