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अब अपनी पंसद की यूनिफार्म खरीद सकेंगे बच्चे

Fri, 24 Sep 2021 12:56 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 24 Sep 2021 12:56 AM IST
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education
पीलीभीत। बेसिक स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावक अब खुद यूनिफार्म, स्वेटर, जूते-मोजे और बैग खरीद सकते हैं। अब यूनिफार्म के रुपये स्कूलों को न देकर सीधे अभिभावकों के खाते में ट्रांसफर किए जाएंगे। इसकी पूरी योजना शासन स्तर पर बन गई है। जिले में सभी स्कूलों से बच्चों के अभिभावकों के बैंक डिटेल मांगी जा रही है।
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जिले में बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से 1503 स्कूल संचालित हो रहे हैं। इनमें 571 उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं और 932 प्राथमिक विद्यालय शामिल हैं। जहां दो लाख बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। कोरोना महामारी के चलते शैक्षिक सत्र 2021-22 में स्कूल तो खुले थे, लेकिन बच्चों को स्कूल नहीं बुलाया जा रहा था। एक सितंबर से बच्चों का स्कूल आना शुरू हुआ है। इसलिए अभी तक ड्रेस आदि का खरीद या वितरण नहीं हो सकी है। गुणवत्ता को लेकर और समय से ड्रेस वितरण न होने से काफी सवाल उठते थे। लेकिन शासन ने नई व्यवस्था लागू करने जा रही है। जिसमें बच्चों के अभिभावक मनपंसद ड्रेस और जूते मोजू समेत स्कूली बैग खरीद सकेंगे। नई व्यवस्था के तहत एक बच्चे को 1056 रुपये मिलेंगे। इसमें 600 रुपये यूनिफॉर्म, 200 रुपये स्वेटर, 135 रुपये जूते, 21 रुपये मोजे और 100 रुपये स्कूल बैग के लिए शामिल हैं। यह रकम डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से यह पैसा बच्चों या उनके परिजनों के खातों में भेजा जाएगा। स्कूल में जो बच्चे पंजीकृत हैं, उनका डेटा बेसिक शिक्षा विभाग की प्रेरणा एप पर अपलोड करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए बीएसए कार्यालय ने स्कूलों से डाटा जुटाने की प्रक्रिया में जुट गया है।
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वितरण में देरी को खत्म करने के लिए विभाग ने लिया फैसला
बेसिक शिक्षा विभाग की मानें तो अभी तक इन सभी चीजों की केंद्रीयकृत खरीद होती थी। इसके बाद मंडल, जनपद और फिर ब्लॉक वार इनका वितरण होता था। मतलब स्कूल तक सामग्री पहुंचने की एक लंबी प्रक्रिया थी। इससे बच्चों तक यूनिफॉर्म, जूते-मोजे पहुंचने में देरी होती थी। इस देरी को खत्म करने के लिए विभाग ने सीधे बच्चों के खातों में पैसा भेजने का फैसला लिया है। ताकि अभिभावक जल्द यूनिफॉर्म स्वेटर, जूते-मोजे खरीद सकें।
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क्वालिटी पर उठते थे सवाल
जिले में कई बार यूनिफॉर्म व ड्रेस-जूतों की क्वालिटी पर भी सवाल उठते थे। अब बच्चे व उनके परिजन अपनी मर्जी से खरीद सकेंगे। इससे विभाग पर किसी प्रकार का आक्षेप नहीं लगेगा। परिजन अपने मनमाफिक यूनिफॉर्म व ड्रेस व जूता-मोजे खरीद सकेंगे।

अब विभाग की ओर से बच्चों को यूनिफॉर्म व जूता मोजा नहीं दिया जाएगा। इसके लिए सीधे बच्चों के अभिभावक के खाते में रकम दी जाएगी। इसके लिए तैयारियां शुरू करा दी गई है। बच्चों के अभिभावकों का बैंक डिटेल जुटाया जा रहा है। - चंद्रकेश सिंह, बीएसए
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