{"_id":"5d34cabe8ebc3e6c9e1b94cb","slug":"education-pilibhit-news-bly369529113","type":"story","status":"publish","title_hn":"एलपीजी किट पकड़ी अपने लाडलों का खुद ख्याल रखें मम्मी-पापा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एलपीजी किट पकड़ी अपने लाडलों का खुद ख्याल रखें मम्मी-पापा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीलीभीत। आपको अपने लाडलों का खुद ख्याल रखना पड़ेगा क्योंकि स्कूल वाहनों में अब भी धड़ल्ले से एलपीजी किट का प्रयोग किया जा रहा है। यह बात रविवार को तब स्पष्ट हो गई जब अवकाश के बाद भी संभागीय परिवहन विभाग की ओर से स्कूली वाहनों के खिलाफ अभियान चलाया गया। चेकिंग अभियान के दौरान बीसलपुर में पांच स्कूली वैन सीज की गईं। सभी में एलपीजी किट लगी थीं।
स्कूल संचालक बच्चों के प्रति गंभीर नहीं है। स्कूली वाहन में एलपीजी गैस किट लगाने पर प्रतिबंध है। बावजूद इसके मानकों को ताक पर रखकर एलपीजी किट लगे वाहनों से बच्चों को ढोकर उनकी जान से खिलवाड़ किया जा रहा है। एआरटीओ अमिताभ राय ने बीसलपुर में चेकिंग के दौरान पांच स्कूली वैन की जांच की। सभी में एलपीजी किट लगी मिली। इस पर सभी स्कूली वैन सीज कर दी गई। इसके अलावा बरखेड़ा में मानकों की अनदेखी पर दो मैजिक के चालान करने के साथ ही ललौरीखेड़ा में एक ओवरलोड ट्रक सीज किया गया। कार्रवाई के डर से सहमे कई वाहन चालक चेकिंग देख दूर खड़े रहेे। उन्होंने अन्य रास्ता तलाशने में भलाई समझी।
कुछ दिन चलकर ठप पड़ जाते हैं अभियान
पीलीभीत। स्कूल वैन में गैस किट का प्रयोग पकड़े जाने के बाद अब भले ही परिवहन विभाग के अधिकारी पीठ थपथपाने में जुटे हो। कार्रवाई को लेकर खुद के सख्त होने का दावा पेश किया जा रहा हो, लेकिन यह कहना गलत नहीं होगा कि ये खेल विभाग की शह पर ही खेला जा रहा है। विभागीय अधिकारी से लेकर कर्मचारी इस दिशा में संजीदा नहीं रहते। कुछ दिन अभियान चलाए जाते हैं। इक्का-दुक्का वाहनों पर कार्रवाई करने के बाद अभिलेख मेनटेन कर आला अधिकारियों की वाहवाही लूटने के बाद निगाह फेर ली जाती है। दुबारा कोई इस पर सख्ती नहीं करता।
विज्ञापन
इससे पहले भी कई बार परिवहन विभाग की ओर से सख्त दावे किए गए थे। बीते साल एक एबुेंलस में भी गैस किट लगी मिली थी। उसमें रिफलिंग करते वक्त आग लग गई थी। इसके बाद स्कूल वाहन और एंबुलेंस की चेकिंग कराने को अभियान शुरू किया गया था। दावा किया गया था कि गैस किट लगे वाहनों पर नकेल कसी जाएगी, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हो सका। चंद दिन बाद ही अफसर इसको भुला गए। अब एआरटीओ की ओर से की गई कार्रवाई के बाद विभाग सख्ती की बातें तो कर रहा है, लेकिन यह कितने दिन तक चलेगी। यह खुद वह नहीं बता सकते। एआरटीओ अमिताभ राय का कहना है कि किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। अभियान आगे भी जारी रहेगा।
विज्ञापन
स्कूल संचालक बच्चों के प्रति गंभीर नहीं है। स्कूली वाहन में एलपीजी गैस किट लगाने पर प्रतिबंध है। बावजूद इसके मानकों को ताक पर रखकर एलपीजी किट लगे वाहनों से बच्चों को ढोकर उनकी जान से खिलवाड़ किया जा रहा है। एआरटीओ अमिताभ राय ने बीसलपुर में चेकिंग के दौरान पांच स्कूली वैन की जांच की। सभी में एलपीजी किट लगी मिली। इस पर सभी स्कूली वैन सीज कर दी गई। इसके अलावा बरखेड़ा में मानकों की अनदेखी पर दो मैजिक के चालान करने के साथ ही ललौरीखेड़ा में एक ओवरलोड ट्रक सीज किया गया। कार्रवाई के डर से सहमे कई वाहन चालक चेकिंग देख दूर खड़े रहेे। उन्होंने अन्य रास्ता तलाशने में भलाई समझी।
विज्ञापन
कुछ दिन चलकर ठप पड़ जाते हैं अभियान
पीलीभीत। स्कूल वैन में गैस किट का प्रयोग पकड़े जाने के बाद अब भले ही परिवहन विभाग के अधिकारी पीठ थपथपाने में जुटे हो। कार्रवाई को लेकर खुद के सख्त होने का दावा पेश किया जा रहा हो, लेकिन यह कहना गलत नहीं होगा कि ये खेल विभाग की शह पर ही खेला जा रहा है। विभागीय अधिकारी से लेकर कर्मचारी इस दिशा में संजीदा नहीं रहते। कुछ दिन अभियान चलाए जाते हैं। इक्का-दुक्का वाहनों पर कार्रवाई करने के बाद अभिलेख मेनटेन कर आला अधिकारियों की वाहवाही लूटने के बाद निगाह फेर ली जाती है। दुबारा कोई इस पर सख्ती नहीं करता।
विज्ञापन
इससे पहले भी कई बार परिवहन विभाग की ओर से सख्त दावे किए गए थे। बीते साल एक एबुेंलस में भी गैस किट लगी मिली थी। उसमें रिफलिंग करते वक्त आग लग गई थी। इसके बाद स्कूल वाहन और एंबुलेंस की चेकिंग कराने को अभियान शुरू किया गया था। दावा किया गया था कि गैस किट लगे वाहनों पर नकेल कसी जाएगी, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हो सका। चंद दिन बाद ही अफसर इसको भुला गए। अब एआरटीओ की ओर से की गई कार्रवाई के बाद विभाग सख्ती की बातें तो कर रहा है, लेकिन यह कितने दिन तक चलेगी। यह खुद वह नहीं बता सकते। एआरटीओ अमिताभ राय का कहना है कि किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। अभियान आगे भी जारी रहेगा।