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स्कूल भवन को भगवा रंग में देख भड़की डीएम
अमर उजाला ब्यूरो पीलीभीत।
Updated Sat, 09 Dec 2017 11:15 PM IST
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school painted in bhagwa
- फोटो : amar ujala
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ग्राम प्रधान ने फटकार के बाद सफेद रंग शुरू कराई रंगाई पुताई
बाल स्वास्थ्य पोषण माह का शनिवार को शुभारंभ करने 11.30 बजे पहुंचीं डीएम शीतल वर्मा परिषदीय विद्यालय रूपपुर कृपा के भवन का रंग देखकर भड़क उठी। उन्होंने तुरंत प्रधान को तलब कर फटकार लगाई। डीएम के फटकारने पर प्रधान ने स्कूल भवन की सफेद रंग से रंगाई पुताई शुरू करा दी। करीब तीन दिन पूर्व इन स्कूल भवनों का रंग भगवा होने की चर्चाएं आम रहीं।
डीएम गांव रुपपुर कृपा स्थित प्राथमिक विद्यालय में बाल पोषण माह का शुभारंभ करने पहुंची। इस दौरान उनकी नजर प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय पर पड़ी। भवन का रंग नारंगी देखकर वह भड़क उठीं। उन्होंने तत्काल ग्राम प्रधान को तलब किया और नारंगी रंग से स्कूल भवन की पुताई कराने का कारण पूछा। इस पर ग्राम प्रधान कोई जवाब नहीं दे सके। डीएम की फटकार के बाद ग्राम प्रधान ने सफेद कलर मंगवाकर स्कूल भवन की रंगाई पुताई शुरू करा दी।
मालूम हो कि शासन द्वारा चालू सत्र में रंगाई पुताई को मिलने वाली धनराशि इस बार अभी तक आवंटित नहीं की गई है। विद्यालय की रंगाई पुताई के लिए प्रत्येक विद्यालय को पांच हजार रुपये की धनराशि आवंटित की जाती है। जो विद्यालय प्रबंध समिति के खाते में भेजी जाती है। इधर रंगाई पुताई की धनराशि न मिलने पर जिले के अधिकांश स्कूलों में शिक्षकों द्वारा अपनी जेब से महंगा डिस्टेंपर मंगाकर रंगाई पुताई कराई गई है।
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इस संबंध में बीएसए डॉ. इंद्रजीत प्रजापति ने बताया कि कुछ स्कूलों का रंग भगवा होने की बात कही जा रही थी, लेकिन उनका रंग गुलाबी पाया गया। पूरनपुर ब्लॉक में एक स्कूल का रंग भगवा पाया गया था। जिसका रंग तत्काल बदलवा दिया गया। इसको लेकर जिलाधिकारी द्वारा यदि कोई निर्देश दिए जाते हैं तो उसका पालन किया जाएगा।
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बाल स्वास्थ्य पोषण माह का शनिवार को शुभारंभ करने 11.30 बजे पहुंचीं डीएम शीतल वर्मा परिषदीय विद्यालय रूपपुर कृपा के भवन का रंग देखकर भड़क उठी। उन्होंने तुरंत प्रधान को तलब कर फटकार लगाई। डीएम के फटकारने पर प्रधान ने स्कूल भवन की सफेद रंग से रंगाई पुताई शुरू करा दी। करीब तीन दिन पूर्व इन स्कूल भवनों का रंग भगवा होने की चर्चाएं आम रहीं।
डीएम गांव रुपपुर कृपा स्थित प्राथमिक विद्यालय में बाल पोषण माह का शुभारंभ करने पहुंची। इस दौरान उनकी नजर प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय पर पड़ी। भवन का रंग नारंगी देखकर वह भड़क उठीं। उन्होंने तत्काल ग्राम प्रधान को तलब किया और नारंगी रंग से स्कूल भवन की पुताई कराने का कारण पूछा। इस पर ग्राम प्रधान कोई जवाब नहीं दे सके। डीएम की फटकार के बाद ग्राम प्रधान ने सफेद कलर मंगवाकर स्कूल भवन की रंगाई पुताई शुरू करा दी।
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मालूम हो कि शासन द्वारा चालू सत्र में रंगाई पुताई को मिलने वाली धनराशि इस बार अभी तक आवंटित नहीं की गई है। विद्यालय की रंगाई पुताई के लिए प्रत्येक विद्यालय को पांच हजार रुपये की धनराशि आवंटित की जाती है। जो विद्यालय प्रबंध समिति के खाते में भेजी जाती है। इधर रंगाई पुताई की धनराशि न मिलने पर जिले के अधिकांश स्कूलों में शिक्षकों द्वारा अपनी जेब से महंगा डिस्टेंपर मंगाकर रंगाई पुताई कराई गई है।
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इस संबंध में बीएसए डॉ. इंद्रजीत प्रजापति ने बताया कि कुछ स्कूलों का रंग भगवा होने की बात कही जा रही थी, लेकिन उनका रंग गुलाबी पाया गया। पूरनपुर ब्लॉक में एक स्कूल का रंग भगवा पाया गया था। जिसका रंग तत्काल बदलवा दिया गया। इसको लेकर जिलाधिकारी द्वारा यदि कोई निर्देश दिए जाते हैं तो उसका पालन किया जाएगा।
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