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बिना भेदभाव होंगे जिला पंचायत के काम
पीलीभ्ाीत ब्यूराो
Updated Mon, 05 Jun 2017 10:07 PM IST
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िजजिला पंचायत की बैठक
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जिला पंचायत बोर्ड की सात माह बाद हुई बैठक में विकास कार्यों के लिए प्राप्त करीब नौ करोड़ की धनराशि को सभी 34 जिला पंचायत सदस्यों के क्षेत्रों में बिना भेदभाव बराबर बराबर खर्च करने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा नया सभागार बनवाने, परिसंपत्तियों का ब्योरा सभी सदस्यों को दिलाने सहित कई प्रस्ताव पास हुए।
विधानसभा चुनाव और इसके बाद हुए अविश्वास प्रस्ताव के चलते जिला पंचायत बोर्ड की बैठक करीब सात माह बाद जिला पंचायत सभागार में जिला पंचायत अध्यक्ष आरती महेंद्र की अध्यक्षता में हुई। एएमए जागन सिंह ने पिछली बैठक की कार्यवाही पढ़कर सुनाई। इसके बाद सदस्यों ने अपने विचार रखे। चर्चा के दौरान आरोप प्रत्यारोप एवं अधिकारियों पर शिकायतें न सुनने, पूर्व में बताए गए कार्यों को न करने सहित कई आरोप लगाए गए। एएमए ने बताया कि वर्तमान वित्तीय वर्ष के लिए नौ करोड़ का प्रस्ताव है जिससे सभी वार्डों में बराबर बराबर कार्य कराए जाएंगे। सभागार छोटा होने पर सदस्यों ने बैठने की समस्या रखी। जिसपर कैंटीन के पीछे खाली पड़ी जगह पर नया सभागार बनाने का निर्णय लिया गया। सड़कों पर चर्चा के दौरान सदस्यों ने बताया कि उन्हें इस बात की जानकारी ही नहीं हो पाती कि कौन सी सड़क किस विभाग के पास है। इस पर सीडीओ ने पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता से सड़कों की डायरेक्टरी सभी सदस्यों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। गन्ना, शिक्षा सहित कई विभागों के अधिकारियों के अनुपस्थित होने पर सदस्यों ने नाराजगी व्यक्त की। सभी केे खिलाफ कार्रवाई करने का प्रस्ताव पास किया गया। अंत में बीसलपुर विधायक रामसरन वर्मा ने नवनिर्वाचित विधायकों का सदन से परिचय कराया। कुछ सदस्यों ने बैठक में पहली बार पहुंचने पर विधायकों का अभिनंदन करने की इच्छा व्यक्त की, लेकिन फूलमालाएं ही उपलब्ध नहीं हो सकीं। चारों विधायकों ने भी अपने विचार रखे। अंत में जिला पंचायत अध्यक्ष आरती महेंद्र ने सभी का आभार व्यक्त किया। इस मौके पर शहर विधायक संजय सिंह गंगवार, बरखेड़ा विधायक किशन लाल राजपूत, पूरनपुर विधायक बाबूराम पासवान भी मौजूद रहे।
अनाधिकृत लोगों के बैठने पर हुआ हंगामा
जिला पंचायत बोर्ड की बैठक में कई महिला सदस्यों के साथ उनके पति भी मौजूद थे, जबकि कुछ के साथ प्रतिनिधि व अन्य लोग थे। इसके चलते सभागार में कुर्सियां कम पड़ गईं। बैठक शुरू होने के बाद पहुंचे विधायकों के बैठने की व्यवस्था करनी मुश्किल हो गई। इस पर काफी देर हंगामा हुआ। पहले विधायकों ने बैठक छोड़ने का ऐलान किया। बाद में कुछ सदस्यों ने महिला सदस्य के पतियों से बाहर जाने तो कहा तो महिला सदस्य आग बबूला हो गई और हंगामा कर बैठक छोड़ने की धमकी दे डाली। इस पर सीडीओ ने सभी को समझाकर शांत कराया। तय हुआ कि आगामी बैठक में केवल सदस्य ही बैठक में मौजूद रहेंगे।
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यह प्रस्ताव हुए पास
-कैंटीन के पीछे नया सभाकक्ष बनेगा।
-परिसंपत्तियों की सूची सभी सदस्यों को मिलेगी।
-जमीन के पट्टे व किरायानामा निरस्त होगा।
-पूरनपुर के स्कूल के नाम होगी जमीन
-बारातघर का होगा उच्चीकरण।
-जनप्रतिनिधियों की शिकायतों का बनेगा रजिस्टर।
-शिलापटों पर संबधित सदस्य के नाम अंकित होंगे।
-बैठक में अनुपस्थित अधिकारियों पर कार्रवाई होगी।
-शौचालय निर्माण की जांच को कमेटी बनेगी।
-प्रति माह बोर्ड की बैठक करने पर बनी सहमति
-ब्लाक स्तरीय बैठकों में जिपं सदस्यों को भी बुलाया जाए।
सदस्यों ने लगाए आरोप
- बिजली विभाग कर रहा वसूली
- जिला पंचायत में चल रहा 35 प्रतिशत कमीशन
- बनने के साथ टूटने लगी सड़कें
- बैठक के बाद नहीं मिलती सदस्यों को तवज्जो
- खास के इशारे पर चल रहे निर्माण कार्य
-अल्पसंख्यक गांव में ठप पड़ी हैं पानी की टंकियां
सामने आई अविश्वास प्रस्ताव गिरने की खुन्नस
पीलीभीत। जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ पेश हुआ अविश्वास प्रस्ताव गिरने की खुन्नस सोमवार को खुलकर सामने आ गई। प्रस्ताव प्रस्तुत करने वाले पक्ष के कुछ लोगों ने बैठक से बाहर निकले सदस्यों को घेरकर सरेआम धमकी देकर अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में शपथपत्र देने के एवज में दी गई रकम भी वापस मांगी। इसको लेकर कुछ सदस्यों से उनकी नोंकझोक भी हुई। मामला बढ़ता देख अन्य सदस्यों ने किसी तरह मामला शांत कराया।
विधानसभा चुनाव के बाद जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ बीसलपुर की जिला पंचायत सदस्य शोभना देवी की ओर से 19 सदस्यों के शपथपत्रों के साथ अविश्वास प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया था। इसके लिए बुलाई गई बैठक में मात्र एक महिला सदस्य ही पहुंची थी जिससे प्रस्ताव गिर गया था। सूत्रों की मानें तो अविश्वास प्रस्ताव से पूर्व सदस्यों की खरीद फरोख्त हुई थी, लेकिन पर्याप्त संख्या बल न जुटने और भाजपा पदाधिकारियों व हाईकमान से सहयोग न मिलने से अविश्वास प्रस्ताव प्रस्तुत करने वालों के मंसूबे धराशायी हो गए थे। सोमवार को करीब डेढ़ बजे बैठक समाप्त होने के बाद जैसे ही सदस्य सभागार से बाहर निकलने शुरू हुए बीसलपुर से आए लोगों ने कुछ सदस्यों को घेर लिया और सरेआम धमकी देकर दी गई रकम वापस मांगने लगे। इसको लेकर जिला पंचायत सदस्य मोहम्मद अकरम व महेंद्र सिंह से इन लोगों की कहासुनी हुई। बात बढ़ने पर अन्य सदस्यों ने मामले को शांत कराया। सोमवार को जिला पंचायत में हुई यह कहासुनी भले ही कुछ देर में शांत हो गई हो लेकिन यह कब तक शांत रहेगी और किस रूप में सामने आएगी कुछ नहीं कहा जा सकता। वहीं दूसरी ओर सत्ता हासिल करने को जनप्रतिनिधि किस हद तक जाने को तैयार रहते हैं यह भी इससे साफ हो गया।
जल्द भाजपा में जा सकती है जिला पंचायत अध्यक्ष
पीलीभीत। यूं तो जिला पंचायत अध्यक्ष सपा से जीतकर आई थीं लेकिन सोमवार की बैठक में वह भाजपा के रंग में रंगी नजर आई। बैठक की पूरी कमान उनके पड़ोस में बैठे बीसलपुर विधायक रामसरन वर्मा के हाथों रही। माना जा रहा है कि वह जल्द ही पाला बदलकर भाजपा में जा सकती हैं। बैठक के बाद इसकी चर्चा भी रही।
करीब दो साल पूर्व हुए चुनाव में जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर पूरनपुर के तत्कालीन सपा विधायक पीतमराम की पुत्रवधू आरती महेंद्र ने सपा प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़कर कब्जा जमाया था। प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद उनकी कुर्सी डगमगाने लगी थी। उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव भी लाया गया लेकिन उनके ससुर ने कुछ भाजपा के लोगों से नजदीकियां बनाकर कुर्सी को बचा लिया। अविश्वास प्रस्ताव गिरने के दिन से ही यह चर्चा आम हो गई थी कि जल्द ही आरती पाला बदल सकती हैं। विधानसभा चुनाव और अविश्वास प्रस्ताव गिरने के बाद सोमवार को हुई पहली बैठक का नजारा कुछ अलग दिखा। जिला पंचायत अध्यक्ष सपा की होते हुए भी उनके बराबर की कुर्सी पर बीसलपुर विधायक रामसरन वर्मा विराजमान थे और बैठक की कार्रवाई शुरू होने से लेकर समाप्ति तक काफी कुछ कार्रवाई उनके निर्देशन में ही चलती रही। बीच में कई बार वह अध्यक्ष आरती महेंद्र से कानाफूसी करते भी देखे गए। इतना ही नहीं बैठक की समाप्ति पर भाजपा जिलाध्यक्ष सुरेश गंगवार भी पहली बार जिला पंचायत पहुंचे। इसको लेकर जिला पंचायत में जल्द बड़े बदलाव की अटकलें तेज हो गई हैं और माना जा रहा है कि जल्द वह पाला बदल सकती है।
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विधानसभा चुनाव और इसके बाद हुए अविश्वास प्रस्ताव के चलते जिला पंचायत बोर्ड की बैठक करीब सात माह बाद जिला पंचायत सभागार में जिला पंचायत अध्यक्ष आरती महेंद्र की अध्यक्षता में हुई। एएमए जागन सिंह ने पिछली बैठक की कार्यवाही पढ़कर सुनाई। इसके बाद सदस्यों ने अपने विचार रखे। चर्चा के दौरान आरोप प्रत्यारोप एवं अधिकारियों पर शिकायतें न सुनने, पूर्व में बताए गए कार्यों को न करने सहित कई आरोप लगाए गए। एएमए ने बताया कि वर्तमान वित्तीय वर्ष के लिए नौ करोड़ का प्रस्ताव है जिससे सभी वार्डों में बराबर बराबर कार्य कराए जाएंगे। सभागार छोटा होने पर सदस्यों ने बैठने की समस्या रखी। जिसपर कैंटीन के पीछे खाली पड़ी जगह पर नया सभागार बनाने का निर्णय लिया गया। सड़कों पर चर्चा के दौरान सदस्यों ने बताया कि उन्हें इस बात की जानकारी ही नहीं हो पाती कि कौन सी सड़क किस विभाग के पास है। इस पर सीडीओ ने पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता से सड़कों की डायरेक्टरी सभी सदस्यों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। गन्ना, शिक्षा सहित कई विभागों के अधिकारियों के अनुपस्थित होने पर सदस्यों ने नाराजगी व्यक्त की। सभी केे खिलाफ कार्रवाई करने का प्रस्ताव पास किया गया। अंत में बीसलपुर विधायक रामसरन वर्मा ने नवनिर्वाचित विधायकों का सदन से परिचय कराया। कुछ सदस्यों ने बैठक में पहली बार पहुंचने पर विधायकों का अभिनंदन करने की इच्छा व्यक्त की, लेकिन फूलमालाएं ही उपलब्ध नहीं हो सकीं। चारों विधायकों ने भी अपने विचार रखे। अंत में जिला पंचायत अध्यक्ष आरती महेंद्र ने सभी का आभार व्यक्त किया। इस मौके पर शहर विधायक संजय सिंह गंगवार, बरखेड़ा विधायक किशन लाल राजपूत, पूरनपुर विधायक बाबूराम पासवान भी मौजूद रहे।
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अनाधिकृत लोगों के बैठने पर हुआ हंगामा
जिला पंचायत बोर्ड की बैठक में कई महिला सदस्यों के साथ उनके पति भी मौजूद थे, जबकि कुछ के साथ प्रतिनिधि व अन्य लोग थे। इसके चलते सभागार में कुर्सियां कम पड़ गईं। बैठक शुरू होने के बाद पहुंचे विधायकों के बैठने की व्यवस्था करनी मुश्किल हो गई। इस पर काफी देर हंगामा हुआ। पहले विधायकों ने बैठक छोड़ने का ऐलान किया। बाद में कुछ सदस्यों ने महिला सदस्य के पतियों से बाहर जाने तो कहा तो महिला सदस्य आग बबूला हो गई और हंगामा कर बैठक छोड़ने की धमकी दे डाली। इस पर सीडीओ ने सभी को समझाकर शांत कराया। तय हुआ कि आगामी बैठक में केवल सदस्य ही बैठक में मौजूद रहेंगे।
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यह प्रस्ताव हुए पास
-कैंटीन के पीछे नया सभाकक्ष बनेगा।
-परिसंपत्तियों की सूची सभी सदस्यों को मिलेगी।
-जमीन के पट्टे व किरायानामा निरस्त होगा।
-पूरनपुर के स्कूल के नाम होगी जमीन
-बारातघर का होगा उच्चीकरण।
-जनप्रतिनिधियों की शिकायतों का बनेगा रजिस्टर।
-शिलापटों पर संबधित सदस्य के नाम अंकित होंगे।
-बैठक में अनुपस्थित अधिकारियों पर कार्रवाई होगी।
-शौचालय निर्माण की जांच को कमेटी बनेगी।
-प्रति माह बोर्ड की बैठक करने पर बनी सहमति
-ब्लाक स्तरीय बैठकों में जिपं सदस्यों को भी बुलाया जाए।
सदस्यों ने लगाए आरोप
- बिजली विभाग कर रहा वसूली
- जिला पंचायत में चल रहा 35 प्रतिशत कमीशन
- बनने के साथ टूटने लगी सड़कें
- बैठक के बाद नहीं मिलती सदस्यों को तवज्जो
- खास के इशारे पर चल रहे निर्माण कार्य
-अल्पसंख्यक गांव में ठप पड़ी हैं पानी की टंकियां
सामने आई अविश्वास प्रस्ताव गिरने की खुन्नस
पीलीभीत। जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ पेश हुआ अविश्वास प्रस्ताव गिरने की खुन्नस सोमवार को खुलकर सामने आ गई। प्रस्ताव प्रस्तुत करने वाले पक्ष के कुछ लोगों ने बैठक से बाहर निकले सदस्यों को घेरकर सरेआम धमकी देकर अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में शपथपत्र देने के एवज में दी गई रकम भी वापस मांगी। इसको लेकर कुछ सदस्यों से उनकी नोंकझोक भी हुई। मामला बढ़ता देख अन्य सदस्यों ने किसी तरह मामला शांत कराया।
विधानसभा चुनाव के बाद जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ बीसलपुर की जिला पंचायत सदस्य शोभना देवी की ओर से 19 सदस्यों के शपथपत्रों के साथ अविश्वास प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया था। इसके लिए बुलाई गई बैठक में मात्र एक महिला सदस्य ही पहुंची थी जिससे प्रस्ताव गिर गया था। सूत्रों की मानें तो अविश्वास प्रस्ताव से पूर्व सदस्यों की खरीद फरोख्त हुई थी, लेकिन पर्याप्त संख्या बल न जुटने और भाजपा पदाधिकारियों व हाईकमान से सहयोग न मिलने से अविश्वास प्रस्ताव प्रस्तुत करने वालों के मंसूबे धराशायी हो गए थे। सोमवार को करीब डेढ़ बजे बैठक समाप्त होने के बाद जैसे ही सदस्य सभागार से बाहर निकलने शुरू हुए बीसलपुर से आए लोगों ने कुछ सदस्यों को घेर लिया और सरेआम धमकी देकर दी गई रकम वापस मांगने लगे। इसको लेकर जिला पंचायत सदस्य मोहम्मद अकरम व महेंद्र सिंह से इन लोगों की कहासुनी हुई। बात बढ़ने पर अन्य सदस्यों ने मामले को शांत कराया। सोमवार को जिला पंचायत में हुई यह कहासुनी भले ही कुछ देर में शांत हो गई हो लेकिन यह कब तक शांत रहेगी और किस रूप में सामने आएगी कुछ नहीं कहा जा सकता। वहीं दूसरी ओर सत्ता हासिल करने को जनप्रतिनिधि किस हद तक जाने को तैयार रहते हैं यह भी इससे साफ हो गया।
जल्द भाजपा में जा सकती है जिला पंचायत अध्यक्ष
पीलीभीत। यूं तो जिला पंचायत अध्यक्ष सपा से जीतकर आई थीं लेकिन सोमवार की बैठक में वह भाजपा के रंग में रंगी नजर आई। बैठक की पूरी कमान उनके पड़ोस में बैठे बीसलपुर विधायक रामसरन वर्मा के हाथों रही। माना जा रहा है कि वह जल्द ही पाला बदलकर भाजपा में जा सकती हैं। बैठक के बाद इसकी चर्चा भी रही।
करीब दो साल पूर्व हुए चुनाव में जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर पूरनपुर के तत्कालीन सपा विधायक पीतमराम की पुत्रवधू आरती महेंद्र ने सपा प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़कर कब्जा जमाया था। प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद उनकी कुर्सी डगमगाने लगी थी। उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव भी लाया गया लेकिन उनके ससुर ने कुछ भाजपा के लोगों से नजदीकियां बनाकर कुर्सी को बचा लिया। अविश्वास प्रस्ताव गिरने के दिन से ही यह चर्चा आम हो गई थी कि जल्द ही आरती पाला बदल सकती हैं। विधानसभा चुनाव और अविश्वास प्रस्ताव गिरने के बाद सोमवार को हुई पहली बैठक का नजारा कुछ अलग दिखा। जिला पंचायत अध्यक्ष सपा की होते हुए भी उनके बराबर की कुर्सी पर बीसलपुर विधायक रामसरन वर्मा विराजमान थे और बैठक की कार्रवाई शुरू होने से लेकर समाप्ति तक काफी कुछ कार्रवाई उनके निर्देशन में ही चलती रही। बीच में कई बार वह अध्यक्ष आरती महेंद्र से कानाफूसी करते भी देखे गए। इतना ही नहीं बैठक की समाप्ति पर भाजपा जिलाध्यक्ष सुरेश गंगवार भी पहली बार जिला पंचायत पहुंचे। इसको लेकर जिला पंचायत में जल्द बड़े बदलाव की अटकलें तेज हो गई हैं और माना जा रहा है कि जल्द वह पाला बदल सकती है।