{"_id":"57321efd4f1c1ba95a919c18","slug":"district-6515-arms-license-illegal","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिले के 6515 शस्त्र लाइसेंस हुए अवैध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिले के 6515 शस्त्र लाइसेंस हुए अवैध
ब्यूरो/अमर उजाला, पीलीभीत
Updated Tue, 10 May 2016 11:18 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शासन के निर्देश के बाद भी शस्त्रों का डाटा ऑनलाइन न कराने वाले 6515 शस्त्र धारकों का लाइसेंस निरस्त कर शस्त्र को अवैध घोषित करने के निर्देश शासन ने जिला प्रशासन को दिए हैं। जिसकी कार्रवाई शुरू हो गई है। एडीएम ने बताया कि अब इन शस्त्रों को जमा कराने का काम शुरू किया जाएगा।
पिछले दिनों शासन के निर्देश पर शस्त्र लाइसेंस का डाटा कंप्यूटर पर फीड कर ऑनलाइन किए जाने की प्रक्रिया शुरू हुई थी। करीब दो वर्ष तक चली इस प्रक्रिया में जिले में पंजीकृत 17406 में से मात्र 10891 शस्त्र धारकों ने भी डाटा ऑनलाइन कराया है। 6515 शस्त्र धारकों का डाटा अभी भी ऑनलाइन नहीं हुआ है। इस पर शासन ने 31 मार्च को वेबसाइट पर अपलोडिंग की प्रक्रिया रोक दी। इसके बाद ऑनलाइन होने से शेष बचे जिले के 6515 शस्त्रलाइसेंस को निरस्त मान लिया गया है। शासन के इसकी प्रक्रिया शुरू होने के बाद जिला प्रशासन ने भी कार्रवाई शुरू कर दी है। एडीएम अजयकांत सैनी ने बताया कि ऑन लाइन न कराने वाले लाइसेंस धारकों को चिन्हित कर उनके शस्त्र एवं कारतूस आदि जमा कराए जाएंगे साथ ही लाइसेंस निरस्त किए जाएंगे। इसके लिए अभिलेखों की जांच कर थाना बार सूची तैयार कराई जा रही है।
यह भी जान लें...
कुल शस्त्रधारक 17406
आनॅनाइन लाइसेंस 10891
शेष शस्त्र लाइसेंस 6515
विज्ञापन
पिछले दिनों शासन के निर्देश पर शस्त्र लाइसेंस का डाटा कंप्यूटर पर फीड कर ऑनलाइन किए जाने की प्रक्रिया शुरू हुई थी। करीब दो वर्ष तक चली इस प्रक्रिया में जिले में पंजीकृत 17406 में से मात्र 10891 शस्त्र धारकों ने भी डाटा ऑनलाइन कराया है। 6515 शस्त्र धारकों का डाटा अभी भी ऑनलाइन नहीं हुआ है। इस पर शासन ने 31 मार्च को वेबसाइट पर अपलोडिंग की प्रक्रिया रोक दी। इसके बाद ऑनलाइन होने से शेष बचे जिले के 6515 शस्त्रलाइसेंस को निरस्त मान लिया गया है। शासन के इसकी प्रक्रिया शुरू होने के बाद जिला प्रशासन ने भी कार्रवाई शुरू कर दी है। एडीएम अजयकांत सैनी ने बताया कि ऑन लाइन न कराने वाले लाइसेंस धारकों को चिन्हित कर उनके शस्त्र एवं कारतूस आदि जमा कराए जाएंगे साथ ही लाइसेंस निरस्त किए जाएंगे। इसके लिए अभिलेखों की जांच कर थाना बार सूची तैयार कराई जा रही है।
विज्ञापन
यह भी जान लें...
कुल शस्त्रधारक 17406
आनॅनाइन लाइसेंस 10891
शेष शस्त्र लाइसेंस 6515