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Pilibhit News: उप मुख्यमंत्री के निर्देश दरकिनार, अव्यवस्थाएं बरकरार
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पीलीभीत के जिला चिकित्सालय के वार्ड में बेड पर नहीं रखे तकिया।संवाद
पीलीभीत। उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक के निर्देश के बाद भी अब तक जिला अस्पताल में व्यवस्थाओं को दुरुस्त नहीं किया गया है। निर्देश के अनुपालन में जिला अस्पताल में मरीजों के सुबह का नाश्ता, तीमारदार के लिए दो समय का भोजन, महिला सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की जानी थी। ताकि कोलकाता के मेडिकल कॉलेज जैसी घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके, लेकिन जिला अस्पताल में अब तक कोई व्यवस्था नहीं की गई है।
गत सप्ताह उप मुख्यमंत्री ने प्रदेश भर के जिला अस्पतालों के सीएमएस और मेडिकल कॉलेज के प्राचार्यों के साथ वर्चुअल बैठक की थी। इस दौरान उन्होंने सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं की व्यवस्थाओं से संबंधित जानकारी ली थी। सुरक्षा व्यवस्थाओं को मजबूत करने के लिए उन्होंने अस्पतालों में महिला सुरक्षा कर्मियों की तैनाती के साथ ही मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे।
एक सप्ताह का समय बीत चुका है। इसके बावजूद जिला अस्पताल में निर्देशों के अनुसार व्यवस्थाएं नहीं की गई हैं। जिला अस्पताल में पुरुष सुरक्षा गार्डों और ओपीडी में चार होमगार्डों की तैनाती तो है लेकिन अब तक महिला गार्डों की तैनाती नहीं की गई है।
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वहीं वार्डों में भी अव्यवस्थाओं का अंबार पूर्व की भांति ही बरकरार है। इस संबंध में सीएमएस और प्राचार्य की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।
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मेन्यू के अनुसार नाश्ता नहीं
मरीजाें को वर्तमान में सिर्फ दलिया ही नाश्ते में दिया जा रहा है। जबकि अस्पताल में मरीजों को नए मेन्यू के अनुसार अंडा, दलिया और दूध देने के निर्देश दिए गए थे। साथ ही मरीजों के साथ रुकने वाले एक तीमारदार के लिए भी भोजन की व्यवस्था की जानी थी।
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तकिया और चादरें खुद लानी पड़ रहीं
जिला अस्पताल के वार्डों में भर्ती होने वाले मरीजों के लिए बेड पर दो तकिये, साफ चादरें और गद्दे की व्यवस्था की जानी थी लेकिन वर्तमान में बेडों पर गद्दे तो हैं लेकिन मरीजों को चादर और तकिया खुद ही लाने को मजबूर होना पड़ रहा है।
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54 गार्डों को तैनात करने का दावा
मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से अस्पताल और कॉलेज में कुल 54 गार्डों को तैनात करने का दावा किया गया है। जबकि यह गार्ड सिर्फ ओपीडी में तैनात रहते हैं। कुछ गार्ड मेडिकल कॉलेज में भी तैनात हैं। अब तक मेडिकल कॉलेज में वार्डों के बाहर महिला और पुरुष गार्डों की तैनाती नहीं है।
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20 महिला सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की मांग की गई है। सभी वित्तीय अधिकार प्राचार्य के पास हैं। उनकी ओर से निर्देश दिए जाएंगे। इसके बाद ही व्यवस्था की जाएगी।
-डॉ. आरके सागर, सीएमएस
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गत सप्ताह उप मुख्यमंत्री ने प्रदेश भर के जिला अस्पतालों के सीएमएस और मेडिकल कॉलेज के प्राचार्यों के साथ वर्चुअल बैठक की थी। इस दौरान उन्होंने सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं की व्यवस्थाओं से संबंधित जानकारी ली थी। सुरक्षा व्यवस्थाओं को मजबूत करने के लिए उन्होंने अस्पतालों में महिला सुरक्षा कर्मियों की तैनाती के साथ ही मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे।
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एक सप्ताह का समय बीत चुका है। इसके बावजूद जिला अस्पताल में निर्देशों के अनुसार व्यवस्थाएं नहीं की गई हैं। जिला अस्पताल में पुरुष सुरक्षा गार्डों और ओपीडी में चार होमगार्डों की तैनाती तो है लेकिन अब तक महिला गार्डों की तैनाती नहीं की गई है।
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वहीं वार्डों में भी अव्यवस्थाओं का अंबार पूर्व की भांति ही बरकरार है। इस संबंध में सीएमएस और प्राचार्य की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।
मेन्यू के अनुसार नाश्ता नहीं
मरीजाें को वर्तमान में सिर्फ दलिया ही नाश्ते में दिया जा रहा है। जबकि अस्पताल में मरीजों को नए मेन्यू के अनुसार अंडा, दलिया और दूध देने के निर्देश दिए गए थे। साथ ही मरीजों के साथ रुकने वाले एक तीमारदार के लिए भी भोजन की व्यवस्था की जानी थी।
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तकिया और चादरें खुद लानी पड़ रहीं
जिला अस्पताल के वार्डों में भर्ती होने वाले मरीजों के लिए बेड पर दो तकिये, साफ चादरें और गद्दे की व्यवस्था की जानी थी लेकिन वर्तमान में बेडों पर गद्दे तो हैं लेकिन मरीजों को चादर और तकिया खुद ही लाने को मजबूर होना पड़ रहा है।
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54 गार्डों को तैनात करने का दावा
मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से अस्पताल और कॉलेज में कुल 54 गार्डों को तैनात करने का दावा किया गया है। जबकि यह गार्ड सिर्फ ओपीडी में तैनात रहते हैं। कुछ गार्ड मेडिकल कॉलेज में भी तैनात हैं। अब तक मेडिकल कॉलेज में वार्डों के बाहर महिला और पुरुष गार्डों की तैनाती नहीं है।
20 महिला सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की मांग की गई है। सभी वित्तीय अधिकार प्राचार्य के पास हैं। उनकी ओर से निर्देश दिए जाएंगे। इसके बाद ही व्यवस्था की जाएगी।
-डॉ. आरके सागर, सीएमएस