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Pilibhit News: डीआईओएस घोटाले के बाद विभाग अलर्ट, कर्मियों के खातों की हो रही जांच

Fri, 08 May 2026 02:21 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 08 May 2026 02:21 AM IST
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Department on alert after DIOS scam, employees' accounts under scrutiny
वेतन बिल व्यवस्था को पारदर्शी बनाने पर जोर, शासन के निर्देश के बाद बढ़ी सख्ती
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पीलीभीत। डीआईओएस कार्यालय से जुड़े करोड़ों रुपये के चर्चित घोटाले के मामले में शासन और जिला प्रशासन दोनों स्तर पर सख्ती बढ़ा दी गई है। माध्यमिक शिक्षा निदेशक के निर्देशों के बाद अब वेतन और अन्य बिलों के आहरण से जुड़े कार्यों और डीआईओएस कार्यालय में कार्यरत कर्मियों के बैंक खातों की गहन जांच कराई जा रही है। साथ ही वित्तीय व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
डीआईओएस कार्यालय में वेतन बिलों के अलावा निर्माण मद की करोड़ों रुपये धनराशि में घोटाले का मामला फरवरी माह में सामने आया था। बीसलपुर स्थित एक कॉलेज के आरोपी चपरासी इल्हमा शम्सी ने नियम विरुद्ध तरीके से डीआईओएस कार्यालय में संबद्ध होकर सरकारी धनराशि को ठिकाने लगाने का खेल शुरू किया। जांच में सामने आया कि वर्ष 2018 से फरवरी 2026 तक आरोपी ने करीब 30 करोड़ रुपये से अधिक की विभागीय धनराशि अपनी पत्नियों, रिश्तेदारों और परिचितों के खातों में ट्रांसफर कराई थी। फरवरी माह में बैंक ऑफ बड़ौदा की रिपोर्ट के बाद मामले का खुलासा शुरू हुआ।
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कोतवाली में इल्हाम शम्सी और उसकी पत्नी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। पुलिस अब तक आठ लोगों को जेल भेज चुकी है, जबकि करीब पांच करोड़ रुपये विभिन्न खातों में फ्रीज कराए गए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. महेंद्र देव ने प्रदेशभर के डीआईओएस कार्यालयों को पत्र जारी कर वेतन और अन्य वित्तीय बिलों से जुड़े संवेदनशील कार्यों की विशेष जांच कराकर नियमानुसार भुगतान करने के निर्देश दिए हैं। संवाद
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सख्ती के बाद आंतरिक जांच कराई, पारदर्शिता पर दिया जा रहा जोर
इस मामले में डीएम ज्ञानेंद्र सिंह की सख्ती के बाद डीआईओएस कार्यालय में भी आंतरिक जांच कराई गई। डीआईओएस राजीव कुमार ने बताया कि कार्यालय में तैनात सभी छह कर्मियों के बैंक खातों की जांच कराई गई है। साथ ही वेतन और अन्य बिलों के आहरण की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए नई व्यवस्था लागू की गई है। उन्होंने बताया कि व्यवस्था सुधारने में करीब दो माह का समय लगा। इस दौरान शिक्षकों के वेतन भुगतान में हर माह सात से आठ दिन की देरी हुई, लेकिन अब प्रयास है कि वेतन प्रत्येक माह की दो तारीख तक जारी कर दिया जाए। इसके लिए लगातार निगरानी रखी जा रही है।


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जिले में हर माह 600 माध्यमिक कर्मियों को भेजा जाता है वेतन

जिले में माध्यमिक शिक्षा विभाग के कर्मियों की बात करें तो डीआईओएस कार्यालय में कुल छह कर्मी वर्तमान में तैनात हैं। इसके अलावा जिले भर में इनकी संख्या 600 है। इसमें प्रधानाचार्य, शिक्षक, लिपिक, चपरासी आदि शामिल हैं। हर माह इन 600 कर्मियों के खातों में वेतन भेजा जाता है।
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