{"_id":"69f39b97868dd632bc037a1d","slug":"deic-will-be-built-in-the-district-hospital-newborn-children-will-get-treatment-pilibhit-news-c-121-1-pbt1010-158484-2026-04-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pilibhit News: जिला अस्पताल में बनेगा डीईआईसी, जन्मजात बच्चों को मिलेगा इलाज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pilibhit News: जिला अस्पताल में बनेगा डीईआईसी, जन्मजात बच्चों को मिलेगा इलाज
Thu, 30 Apr 2026 11:42 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Thu, 30 Apr 2026 11:42 PM IST
विज्ञापन
पीलीभीत। जिला अस्पताल में जल्द डिस्ट्रिक्ट अर्ली इंटरवेंशन सेंटर (डीईआईसी) की स्थापना होने जा रही है, जिससे जन्मजात बीमारियों से पीड़ित बच्चों को समय पर जांच व उपचार की सुविधा मिल सकेगी। शासन से सख्ती के बाद भूमि चयनित कर ली गई है। विभाग की ओर से धनराशि आवंटन के लिए 2.91 करोड़ का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।
जिले के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए जिला अस्पताल परिसर में डीईआईसी केंद्र स्थापित करने की प्रक्रिया तेज हो गई है। इसके लिए करीब 2.91 करोड़ रुपये की लागत से भवन निर्माण और आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग की ओर से केंद्र के लिए 6300 वर्ग मीटर भूमि की तलाश लंबे समय से चल रही थी। प्राचार्य डॉ. संगीता अनेजा की ओर से हालही में भूमि चिन्हित होने के बाद अब शासन को धनराशि आवंटन के लिए प्रस्ताव भेज दिया गया है। प्रस्ताव को स्वीकृति मिलते ही निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है। डीईआईसी केंद्र के शुरू होने से नवजात व छोटे बच्चों में जन्म से होने वाली बीमारियां जैसे सुनने में दिक्कत, दृष्टि दोष, हृदय संबंधी समस्याएं व अन्य विकास संबंधी विकारों की समय रहते पहचान की जा सकेगी। इसके साथ ही बच्चों को विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में इलाज और परामर्श भी मिलेगा। यह केंद्र राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत संचालित होगा व इससे जिले के हजारों बच्चों को सीधा लाभ पहुंचेगा।
विज्ञापन
जिले के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए जिला अस्पताल परिसर में डीईआईसी केंद्र स्थापित करने की प्रक्रिया तेज हो गई है। इसके लिए करीब 2.91 करोड़ रुपये की लागत से भवन निर्माण और आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग की ओर से केंद्र के लिए 6300 वर्ग मीटर भूमि की तलाश लंबे समय से चल रही थी। प्राचार्य डॉ. संगीता अनेजा की ओर से हालही में भूमि चिन्हित होने के बाद अब शासन को धनराशि आवंटन के लिए प्रस्ताव भेज दिया गया है। प्रस्ताव को स्वीकृति मिलते ही निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है। डीईआईसी केंद्र के शुरू होने से नवजात व छोटे बच्चों में जन्म से होने वाली बीमारियां जैसे सुनने में दिक्कत, दृष्टि दोष, हृदय संबंधी समस्याएं व अन्य विकास संबंधी विकारों की समय रहते पहचान की जा सकेगी। इसके साथ ही बच्चों को विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में इलाज और परामर्श भी मिलेगा। यह केंद्र राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत संचालित होगा व इससे जिले के हजारों बच्चों को सीधा लाभ पहुंचेगा।
विज्ञापन