फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   Daughters will stay at home until criminals are caught

जब तक अपराधी पकड़े नहीं जाते घर पर ही रहेंगी बेटियां

Mon, 15 Nov 2021 01:44 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 15 Nov 2021 01:44 AM IST
विज्ञापन
Daughters will stay at home until criminals are caught
बरखेड़ा। दुष्कर्म के बाद जिस गांव की छात्रा की हत्या की गई, उस गांव की आबादी करीब दो हजार है। गांव में आठवीं कक्षा के बाद पढ़ाई का कोई इंतजाम नहीं है। न सरकारी स्कूल है न निजी। अधिकतर बेटियां गांव से बाहर ही पढ़ती हैं। गांव के अधिकांश लोग खेती किसानी पर निर्भर हैं। सुबह के वक्त अधिकतर महिलाएं घरों के काम करती हैं। घटना के बाद कई परिवारों के अभिभावक बेटियों की सुरक्षा को लेकर चिंतित है। उनका कहना है कि जब अपराधी पकड़े नहीं जाते बेटियां घर ही रहेंगी।
विज्ञापन

छात्रा की हत्या किए जाने की वारदात से पूरा गांव रात में बेखबर था। लाश मिलने के बाद भी गांव को पता नहीं चला क्योंकि अधिकतर लोग सो चुके थे। सूचना पर पहुंची पुलिस लाश लेकर चंद मिनटों में ही चली गई थी। घटना की जानकारी ग्रामीणों को सुबह हुई। इसके बाद गांव के लोगों में बेटियों की सुरक्षा को लेकर चिंता हो गई। रविवार होने की वजह से स्कूल तो बंद थे लेकिन जो बेटियां रोजाना ट्यूशन जाती थीं, वे नहीं गईं। अभिभावक कह रहे थे कि बेटियों को पढ़ने के लिए कैसे भेजेंगे। उनका कहना है कि अगर जब तक अपराधी नहीं पकड़े जाते तब तक बेटियों को घर पर बैठाना ही उचित होगा। बताया कि गांव की कुछ बेटिया करीब डेढ़ किलोमीटर दूर बरखेड़ा तक आती जाती है। कई माता-पिता के व्यस्त होने पर बेटियां अकेले ही पढ़ने जाती हैं। करीब 15-20 बेटियां ऐसी हैं जो रोजाना पैदल और साइकिल से आती-जाती हैं। ऐसे में उनके सुरक्षा को लेकर बेहद चिंता है।
विज्ञापन

अभिभावकों का बयान
घटना से सन्न है पूरा गांव
जब तक सुरक्षा का भरोसा नहीं तब तक बेटियों को स्कूल नहीं भेजेंगे। एक ग्रामीण ने बताया कि मेरी दो बेटियां हर रोज बरखेड़ा पढ़ने जाती हैं लेकिन जब तक अपराधी गिरफ्तार नहीं हो जाते और हमें बेटियों की सुरक्षा का भरोसा नहीं हो जाता है तब तक हम उन्हें पढ़ने नहीं भेजेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

दहशत में हूं, जल्द अपराधी पकड़े जाएं
मेरी उम्र 45 वर्ष है। मैं इसी गांव में रहता हूं। मैंने ऐसी वारदात कभी अपने गांव या आसपास न देखी न सुनी है। जब से सुना है दहशत में हूं। यही चाहता हूं कि अपराधी जल्द पकड़े जाएं।

बेटियों के साथ हर रोज जाना आना संभव नहीं
गांव में ऐसे लोग नहीं हैं जिनके पास बेटियों के साथ आने जाने का समय हो। सुबह के वक्त हमें खेत में काम करना होता है और महिलाओं को घरों में काम करना पड़ता है। ऐसे में हर रोज बेटी के साथ जाना-आना संभव नहीं है।
सुरक्षित माहौल दे सरकार
सरकार ऐसा माहौल दे जिससे बेटियां सुरक्षित तरीके से कहीं भी आ जा सकें। अपराधी इस तरह की वारदात का साहस न कर सकें। न ही किसी बेटी की पढ़ाई बाधित हो।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed