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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   Crores of rupees returned by the departments, if no expenditure

खर्च न होने पर विभागों ने लौटाए करोड़ों रुपये

Sat, 01 Apr 2017 10:40 PM IST
पीलीभ्ाीत ब्यूराो
पीलीभ्ाीत ब्यूराो Updated Sat, 01 Apr 2017 10:40 PM IST
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 वित्तीय वर्ष 2016-17 शुक्रवार को समाप्त हो गया। अंतिम दिन वित्तीय कार्यों को लेकर ट्रेजरी आधी रात बाद तक खुली रही। जिले के विकास एवं विभिन्न योजनाओं के लिए शासन से विभागों को समय समय पर धनराशि आवंटित की जाती है। 31 मार्च तक इस धनराशि को खर्च करना होता है। इसमें कई योजनाओं की धनराशि वित्तीय वर्ष समाप्त होने के अंतिम दिनों में आती है जबकि कुछ विभागों को अंत समय में ही धनराशि प्राप्त हो सकी। शुक्रवार को वित्तीय वर्ष समाप्त होने के बाद लगभग एक दर्जन विभागों को धनराशि सरेंडर करनी पड़ी। इसमें बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग में हॉटकुक के 33.22 लाख और हौसला पोषणा 2.47 करोड़, बेसिक शिक्षा विभाग के विद्यालयों में बिजली फिटिंग को आए 14 लाख, शारदा सागर के 50 लाख, आयुर्वेदिक कॉलेज की फार्मेसी के 27 लाख, कृषि विभाग के 32 लाख, चुनाव कार्यालय के आठ लाख, मत्स्य विभाग के पांच और वन विभाग के दो लाख रुपये शामिल हैं। 
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नहीं ट्रांसफर हुई मछुआ आवास की धनराशि
जिले में मछुआ समुदाय के लोगों को आवास दिलाने के लिए तत्कालीन कैबिनेट मंत्री हाजी रियाज अहमद ने अपने विभाग से 216 आवास स्वीकृत कराए थे, लेकिन इसकी धनराशि नहीं मिल सकी थी। वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन लखनऊ मुख्यालय ने इस बाबत करीब 80 लाख रुपये स्वीकृत कर विभाग को उपलब्ध कराने के लिए भेजने का प्रयास किया, लेकिन अंतिम दिन सरवर पर अत्याधिक लोड होने के चलते देररात तक यह धनराशि जिले को प्राप्त नहीं हो सकी।
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स्कूलों में फिर रहेगा अंधेरा
बेसिक स्कूलों में विद्युतीकरण के लिए कई माह पूर्व धनराशि आई थी लेकिन इसका उपयोग करने की जहमत विभागीय अधिकारियों ने नहीं उठाई। परिणाम स्वरूप 31 मार्च को 14 लाख रुपये वापस हो गए। यदि इस धनराशि का उपयोग कर लिया जाता तो कुछ स्कूलों में विद्युत यंत्रों का लाभ बच्चों को मिल सकता था।
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वित्तीय वर्ष समाप्त होने से पूर्व विभागों को प्राप्त धनराशि खर्च हो सके इसका पूरा प्रयास किया गया है। यदि किसी विभाग की धनराशि काम न होने के कारण वापस हुई है तो यह गलत है। इसकी जांच कराई जाएगी। अगर कोई दोषी मिलता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- मासूम अली सरवर, डीएम
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