{"_id":"52c88a0ffb07a466b62fc7adc40b8dde","slug":"yuvak-ke-chehrye-per-tezab-dala-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सो रहे युवक के चेहरे पर तेजाब डाला","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
सो रहे युवक के चेहरे पर तेजाब डाला
पीलीभ्ाीत
Updated Wed, 28 Jan 2015 11:23 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
थाना न्यूरिया के गांव मरौरी निवासी 20 वर्षीय बालकराम राजपूत के चेहरे पर
विज्ञापन
किसी ने सोते समय तेजाब डाल दिया, जिससे वह झुलस गया। उसे जिला अस्पताल
में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने पीड़ित के बड़े भाई मेलाराम की ओर से
अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। उधर
घरवालों ने किसी रंजिश से इंकार किया है।
गांव मरौरी निवासी आत्माराम खेती-किसानी व उनका पुत्र बालकराम मजदूरी करता है। मंगलवार की रात बालकराम छप्पर में बाहर सो रहा था। उससे कुछ दूरी पर आत्माराम व उनकी पत्नी सो रहीं थी। आत्माराम ने बताया कि रात करीब 11 बजे किसी ने बेटे बालकराम के चेहरे पर तेजाब फेंक दिया और भाग निकला।
बेटे के चीखने पर वह लोग उठे और पास पहुंचे तो देखा कि बालकराम का चेहरा झुलसा हुआ था। यह देख घर में चीख पुकार मच गई। आसपास के लोगों की भीड़ भी जुट गई। घर वालों ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया है, जहां उसकी हालत ठीक बताई गई है। उन्होंने बताया कि उनकी और मेरे बेटे की किसी से कोई दुश्मनी नहीं हैं।
कार्यवाहक एसओ इंद्रजीत सिंह भदौरिया ने बताया कि झुलसे युवक के भाई मेवालाल की ओर से अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच की जा रही है। इमरजेंसी के डॉक्टर सत्येंद्र सिंह ने बताया कि तेजाब के पड़ने से बालकराम का चेहरा करीब 30 प्रतिशत झुलसा है।
तेजाब हमले की घटनाएं बढ़ीं नहीं चेत रहा प्रशासन
पीलीभीत। सुप्रीम कोर्ट ने तेजाब की खुलेआम बिक्री पर रोक लगाने के निर्देश दिए थे। कोर्ट के इस आदेश पर जिले में प्रशासन ने कागजी खानापूरी कर ली, लेकिन धरातल पर रोक नहीं लगाई गई। परिणामस्वरूप जिले में तेजाब से हमले की घटनाएं बढ़ रहीं हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने खुलेआम हो रही तेजाब बिक्री पर रोक लगाते हुए मानक तय किए थे। इसमें से एक विक्रेता द्वारा ग्राहक की आईडी देख कर ही तेजाब बेचने की बात कही थी। अन्य कई दिशा निर्देश भी जारी किए थे। यह निर्देश धरातल पर लागू होने की जगह महज कागजों तक ही सीमित रह गए। दुकानदार बेखौफ होकर जानलेवा बन रहे तेजाब की बिक्री कर रहे हैं। शायद यही वजह है कि मानकों का असर जिले में तेजाब विक्रेताओं पर पड़ता नजर नहीं दिख रहा है।
पूर्व में यह हो चुकी हैं घटनाएं
03 दिसंबर 2012 : कांशीराम कॉलोनी में एक पति ने अपनी पत्नी पर तेजाब डाल दिया था, जिससे वह झुलस गई थी।
20 मई 2013 : कोतवाली बीसलपुर के नवदिया भगत में सौतेले पुत्र ने मां पर तेजाब फेंक कर जान लेने की कोशिश की थी।
12 जुलाई 2013 : दियोरिया कोतवाली के गांव बढेपुरा में मायके में रह रही पत्नी साविता पर पति ने तेजाब फेंका था।
20 जुलाई : बिलसंडा थाने के गांव मार में वीरबहादुर को शराब में तेजाब पिलाकर जान लेने की कोशिश।
15 अगस्त 2013: गांव बार नवादा में सो रहे एक ही परिवार के चार सदस्यों पर तेजाब फेंके जाने की घटना। इस घटना में बुरी तरह झुलसी 14 वर्षीय असगरा की एक हफ्ते बाद मौत हो गई थी।
नौ अक्तूबर 2013 : कोतवाली बीसलपुर क्षेत्र की ग्राम पंचायत रसयांखानपुर के ग्राम प्रधान शाकिर अली पर सोते समय कुछ लोगों ने तेजाब डाल दिया था।
तीन तरह का बिक रहा तेजाब
बाजारों में तेजाब तीन प्रकार का उपलब्ध है। पहला नमक का तेजाब (हाइड्रो क्लोरिक एसिड), दूसरा गंधक का तेजाब (सल्फ यूरिक एसिड), तीसरा सीरे का तेजाब (नाइट्रिक एसिड)। यह तीनों प्रकार के तेजाब शरीर के लिए घातक हैं। इनमें नाइट्रिक एसिड सबसे ज्यादा खतरनाक है।
गांव मरौरी निवासी आत्माराम खेती-किसानी व उनका पुत्र बालकराम मजदूरी करता है। मंगलवार की रात बालकराम छप्पर में बाहर सो रहा था। उससे कुछ दूरी पर आत्माराम व उनकी पत्नी सो रहीं थी। आत्माराम ने बताया कि रात करीब 11 बजे किसी ने बेटे बालकराम के चेहरे पर तेजाब फेंक दिया और भाग निकला।
बेटे के चीखने पर वह लोग उठे और पास पहुंचे तो देखा कि बालकराम का चेहरा झुलसा हुआ था। यह देख घर में चीख पुकार मच गई। आसपास के लोगों की भीड़ भी जुट गई। घर वालों ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया है, जहां उसकी हालत ठीक बताई गई है। उन्होंने बताया कि उनकी और मेरे बेटे की किसी से कोई दुश्मनी नहीं हैं।
कार्यवाहक एसओ इंद्रजीत सिंह भदौरिया ने बताया कि झुलसे युवक के भाई मेवालाल की ओर से अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच की जा रही है। इमरजेंसी के डॉक्टर सत्येंद्र सिंह ने बताया कि तेजाब के पड़ने से बालकराम का चेहरा करीब 30 प्रतिशत झुलसा है।
तेजाब हमले की घटनाएं बढ़ीं नहीं चेत रहा प्रशासन
पीलीभीत। सुप्रीम कोर्ट ने तेजाब की खुलेआम बिक्री पर रोक लगाने के निर्देश दिए थे। कोर्ट के इस आदेश पर जिले में प्रशासन ने कागजी खानापूरी कर ली, लेकिन धरातल पर रोक नहीं लगाई गई। परिणामस्वरूप जिले में तेजाब से हमले की घटनाएं बढ़ रहीं हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने खुलेआम हो रही तेजाब बिक्री पर रोक लगाते हुए मानक तय किए थे। इसमें से एक विक्रेता द्वारा ग्राहक की आईडी देख कर ही तेजाब बेचने की बात कही थी। अन्य कई दिशा निर्देश भी जारी किए थे। यह निर्देश धरातल पर लागू होने की जगह महज कागजों तक ही सीमित रह गए। दुकानदार बेखौफ होकर जानलेवा बन रहे तेजाब की बिक्री कर रहे हैं। शायद यही वजह है कि मानकों का असर जिले में तेजाब विक्रेताओं पर पड़ता नजर नहीं दिख रहा है।
पूर्व में यह हो चुकी हैं घटनाएं
03 दिसंबर 2012 : कांशीराम कॉलोनी में एक पति ने अपनी पत्नी पर तेजाब डाल दिया था, जिससे वह झुलस गई थी।
20 मई 2013 : कोतवाली बीसलपुर के नवदिया भगत में सौतेले पुत्र ने मां पर तेजाब फेंक कर जान लेने की कोशिश की थी।
12 जुलाई 2013 : दियोरिया कोतवाली के गांव बढेपुरा में मायके में रह रही पत्नी साविता पर पति ने तेजाब फेंका था।
20 जुलाई : बिलसंडा थाने के गांव मार में वीरबहादुर को शराब में तेजाब पिलाकर जान लेने की कोशिश।
15 अगस्त 2013: गांव बार नवादा में सो रहे एक ही परिवार के चार सदस्यों पर तेजाब फेंके जाने की घटना। इस घटना में बुरी तरह झुलसी 14 वर्षीय असगरा की एक हफ्ते बाद मौत हो गई थी।
नौ अक्तूबर 2013 : कोतवाली बीसलपुर क्षेत्र की ग्राम पंचायत रसयांखानपुर के ग्राम प्रधान शाकिर अली पर सोते समय कुछ लोगों ने तेजाब डाल दिया था।
तीन तरह का बिक रहा तेजाब
बाजारों में तेजाब तीन प्रकार का उपलब्ध है। पहला नमक का तेजाब (हाइड्रो क्लोरिक एसिड), दूसरा गंधक का तेजाब (सल्फ यूरिक एसिड), तीसरा सीरे का तेजाब (नाइट्रिक एसिड)। यह तीनों प्रकार के तेजाब शरीर के लिए घातक हैं। इनमें नाइट्रिक एसिड सबसे ज्यादा खतरनाक है।