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बाघ के शिकारी के दो साथी गिरफ्तार
पीलीभीत।
Updated Sat, 16 Jan 2016 07:48 PM IST
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महोफ रेंजर ने अपनी टीम के मदद से बाघ के शिकारी दुलाल के दो साथियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। दुलाल को पिछले वर्ष नेपाल पुलिस ने बाघ की खाल के साथ गिरफ्तार किया था।
नेपाल पुलिस ने करीब एक साल पहले जनवरी माह में ही माधोटांडा थाना क्षेत्र के गांव गभिया निवासी दुलाल मंडल को बाघ की खाल सहित गिरफ्तार किया था। इसके बाद सक्रिय हुई एसटीएफ और वनविभाग की टीम ने एक माह के अंदर दुलाल के साथी होने के आरोप में नौ लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इस मामले में उसके कुछ और साथियों के होने की संभावना जताई जा रही थी। तीन दिन पूर्व बराही रेंजर द्वारा अक्तूबर 2014 में बराही रेंज में हुई बाघ की हत्या के मामले में फरार मुख्य आरोपी कंधई और दाताराम को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इसमें कंधई ने पूछताछ के दौरान दुलाल के दो साथियों के नाम भी बताए थे। कंधई द्वारा बताए गए दोनों आरोपियों गभिया निवासी बाबू साना और गोपालदास को महोफ रेंजर केपी सिंह की टीम ने शुक्रवार की रात गिरफ्तार कर लिया। दोनों से कुछ भी बरामद न होने पर शनिवार को उन्हें जेल भेज दिया गया।
दांत न निकाल पाने पर काट ली थी बाघ की गर्दन
दुलाल एवं उसके साथियों ने बाघ की हत्या की और सबसे पहले उसकी खाल उतारी, जिसकी बिक्री करने दुलाल नेपाल चला गया और खाल का सौदा करते समय पकड़ा गया। इधर बाबू, गोपाल ने कंधई एवं अन्य साथियों की मदद से बाघ के दांत निकालने के प्रयास किए, लेकिन सफल नहीं हुए। इस पर उन्होंने बाघ के धड़ से गर्दन को अलग कर दिया और उसका मांस हटाकर खोपड़ी (सिर का कंकाल) निकाल लिया। इस कंकाल की बिक्री बाबू और गोपालदास ने नेपाल निवासी पच्चू और जंगबहादूर उर्फ जीतू के हाथों किया जाना बताया है। रेंजर केपी सिंह ने बताया नेपाल में होने के कारण इन तस्करों को गिरफ्तार नहीं किया जा सका है। उनकी सुरागकशी की जा रही है।
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नेपाल पुलिस ने करीब एक साल पहले जनवरी माह में ही माधोटांडा थाना क्षेत्र के गांव गभिया निवासी दुलाल मंडल को बाघ की खाल सहित गिरफ्तार किया था। इसके बाद सक्रिय हुई एसटीएफ और वनविभाग की टीम ने एक माह के अंदर दुलाल के साथी होने के आरोप में नौ लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इस मामले में उसके कुछ और साथियों के होने की संभावना जताई जा रही थी। तीन दिन पूर्व बराही रेंजर द्वारा अक्तूबर 2014 में बराही रेंज में हुई बाघ की हत्या के मामले में फरार मुख्य आरोपी कंधई और दाताराम को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इसमें कंधई ने पूछताछ के दौरान दुलाल के दो साथियों के नाम भी बताए थे। कंधई द्वारा बताए गए दोनों आरोपियों गभिया निवासी बाबू साना और गोपालदास को महोफ रेंजर केपी सिंह की टीम ने शुक्रवार की रात गिरफ्तार कर लिया। दोनों से कुछ भी बरामद न होने पर शनिवार को उन्हें जेल भेज दिया गया।
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दांत न निकाल पाने पर काट ली थी बाघ की गर्दन
दुलाल एवं उसके साथियों ने बाघ की हत्या की और सबसे पहले उसकी खाल उतारी, जिसकी बिक्री करने दुलाल नेपाल चला गया और खाल का सौदा करते समय पकड़ा गया। इधर बाबू, गोपाल ने कंधई एवं अन्य साथियों की मदद से बाघ के दांत निकालने के प्रयास किए, लेकिन सफल नहीं हुए। इस पर उन्होंने बाघ के धड़ से गर्दन को अलग कर दिया और उसका मांस हटाकर खोपड़ी (सिर का कंकाल) निकाल लिया। इस कंकाल की बिक्री बाबू और गोपालदास ने नेपाल निवासी पच्चू और जंगबहादूर उर्फ जीतू के हाथों किया जाना बताया है। रेंजर केपी सिंह ने बताया नेपाल में होने के कारण इन तस्करों को गिरफ्तार नहीं किया जा सका है। उनकी सुरागकशी की जा रही है।
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