फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   tiger's dead body

महोफ रेंज के जंगल में मिला बाघ का शव

Fri, 20 Apr 2018 12:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो  पीलीभीत।
अमर उजाला ब्यूरो  पीलीभीत। Updated Fri, 20 Apr 2018 12:03 AM IST
विज्ञापन
tiger's dead body
tiger - फोटो : amar ujala
धारदार हथियार से शिकार करने का निकला मामला
विज्ञापन

एक दिन पूर्व हमले में घायल तीन समेत सात पर केस, तीन कर्मचारियों पर गिरी गाज


टाइगर रिजर्व पीलीभीत की महोफ रेंज के जंगल में दो किलोमीटर भीतर की तरफ कंपार्टमेंट नंबर 112 के पास बृहस्पतिवार सुबह करीब सात बजे एक बाघ का शव पड़ा मिला। बाघ की उम्र करीब पांच साल बताई गई है। उसकी गर्दन पर धारदार हथियार के निशान भी मिले हैं। विभागीय अफसरों ने शव को पोस्टमार्टम के लिए आईवीआरआई बरेली भेज दिया है। 
इधर, बाघ का शव मिलने के बाद काफी देर तक चुप्पी साधने के बाद वन विभाग के अफसरों ने शाम पांच बजे प्रेसवार्ता की। जिसमें बाघ की मौत को एक दिन पहले चौड़ाखेड़ा गांव में बाघ के हमले में घायल हुए तीन लोगों की हुई घटना से जोड़ा गया। बाघ हमले में घायल तीनों युवकों समेत सात लोगों को शिकारी बताते हुए उनके खिलाफ केस दर्ज कर उन्हें हिरासत में लिया है। साथ ही लापरवाही के आरोप में एक वन रक्षक व वन दरोगा को निलंबित कर दिया है जबकि महोफ रेंज के प्रभारी क्षेत्रीय वनाधिकारी (रेंजर) को रेंज से हटा टाइगर रिजर्व कार्यालय से अटैच कर दिया गया है। 
विज्ञापन

वन संरक्षक पीपी सिंह ने बताया कि बुधवार सुबह चौड़ाखेड़ा गांव में बाघ के हमले में रूपलाल, ओमप्रकाश और श्रीकृष्ण के घायल होने की जानकारी पर वह पीलीभीत पहुंचे थे। घायलों द्वारा बताए गए खेत पर वनविभाग की टीम पहुंची तो वहां पर न तो कोई बाघ का पगमार्क मिला, न ही खून के निशान। यह भी सामने आया कि खेत भी घायलों का नहीं है। वहां पर जो गन्ना कटा मिला वह भी कई दिन पुराना निकला। इसके अलावा जिला अस्पताल जाकर घायल को बाघ के फोटो दिखाकर हुई पूछताछ के बाद शक और गहरा गया। इस पर महोफ रेंज के जंगल में कांबिंग कराई गई, तो बृहस्पतिवार सुबह करीब सात बजे करीब दो किलोमीटर अंदर की तरफ सात साइकिल, कुल्हाड़ी, फंदा, लाठी, चप्पलें आदि पड़े मिले। कुछ ही दूरी पर बाघ का शव और खून पड़ा मिला। जिससे यह उजागर हो गया कि घटनास्थल यही है। बाघ की गर्दन पर धारदार हथियार का निशान है। इसके बाद गहनता से पूछताछ की गई तो सामने आया कि बाघ और जंगल में घुसे सात लोगों के बीच संघर्ष हुआ। इसमें बाघ भी मर गया और तीन लोग बाघ के हमले में घायल हो गए। घायलों ने अपने चार अन्य साथी बालक राम, प्रमोद, ईश्वरी प्रसाद, नत्थू नाम बताए। सभी के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है। इसके अलावा प्रभागीय क्षेत्रीय वनाधिकारी महोफ वीके गुप्ता को टाइगर रिजर्व कार्यालय से संबद्ध कर दिया है। इसके अलावा  वन दरोगा वशिष्ट कुमार और वनरक्षक कुबेर सिंह को निलंबित कर दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed