फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   The strangulation murder of five innocent

पांच साल के मासूम की गला दबाकर हत्या

Thu, 16 Feb 2017 10:49 PM IST
पीलीभ्ाीत ब्यूराो
पीलीभ्ाीत ब्यूराो Updated Thu, 16 Feb 2017 10:49 PM IST
विज्ञापन
The strangulation murder of five innocent
पूछताछ करती पु‌िललिस
परेवा अनूप गांव के समीप बृहस्पतिवार को पांच वर्षीय बच्चे का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। बच्चा अपने ननिहाल में रहता था, जो बुधवार की शाम से लापता था। शव के गले में निशान पाए गए हैं, जिससे हत्या की आशंका जताई जा रही है। परिवार वालों ने एक रिश्तेदार पर हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
विज्ञापन

बिलसंडा क्षेत्र के ईसापुर गांव के रहने वाले महेशपाल मजदूरी करते है। उनके तीन बच्चे गौरव (5), खुशी (4) और  तीन वर्षीय मयंक है। बड़ा बेटा गौरव बरखेड़ा क्षेत्र के परेवा अनूप गांव में अपने नाना श्रीकृष्ण के यहां रहता था और गांव के ही निजी विद्यालय में कक्षा एक का छात्र था। बुधवार शाम करीब पांच बजे नाना का बिहारी नाम का एक रिश्तेदार उसको अपने साथ ले गया। जिसके बाद से दोनों का कोई पता नहीं लगा। देर शाम तक मासूम के वापस न आने पर परिवारीजन चिंतित हो गए। गांव व आसपास के इलाके में तलाश की गई, लेकिन कोई सुराग नहीं लग सका। बिहारी के मोबाइल नंबर पर कॉल की गई, तो स्विच ऑफ निकला। देर रात करीब एक बजे शिकायत पुलिस से की गई। पुलिस ने अपहरण का मुकदमा दर्ज कर बच्चे की तलाश शुरू कर दी। बृहस्पतिवार सुबह करीब सात बजे लापता गौरव का शव मकान से एक किलोमीटर दूर अमेड़ी नदी के पास एक खेत की मेड़ पर पड़ा मिला। शव की आंख में चोट के निशान थे और कान से खून बह रहा था। गले पर भी काफी निशान पाए गए। ग्रामीणों से इसकी जानकारी मिलने पर परिवारीजन मौके पर पहुंचे और शव को घर ले आए। कुछ ही देर में पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। परिवारीजनों ने बच्चे को साथ ले गए रिश्तेदार बिहारी पर हत्या की आशंका जताते हुए कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि बिहारी अक्सर शराब पीकर घर आता था, जिसके लिए उसे टोका जाता था। चार दिन पहले भी उससे इसी बात पर बहस हुई थी। 
विज्ञापन


तो तीन दिन से बना रखी थी हत्या की योजना
आरोपी बिहारी मृतक के नाना श्रीकृष्ण का दूर का रिश्तेदार है। पिछले पांच-छह साल से वह कभी एक हफ्ते तो कभी पंद्रह दिन ठहरने के लिए उनके घर आता रहता था। ऐसा कभी कुछ नहीं हुआ, जिससे परिवार को उसके मंसूबों का पता लग पाता। परिवार वालों का कहना है कि तीन दिन से आरोपी मृतक के मामा दस वर्षीय हरिओम को घुमाने अमरिया ले जाने की कोशिश में था, लेकिन परिवार वालों ने साथ नहीं भेजा। इसके बाद उसने हरिओम के बजाए गौरव को अपना निशाना बना लिया। 
विज्ञापन
विज्ञापन


परचून की दुकान से दिलाई थी नमकीन-बिस्कुट
बुधवार शाम को बालक को साथ ले जाने के बाद उसने पहले उसे गांव के ही अशोक की परचून दुकान से बिस्कुट-नमकीन दिलाई। जिसके आठ रुपये उधार कर गया था। इसके अलावा गांव के कई लोगों ने भी उसे बच्चे संग देखा। 

बेटे की मौत से टूट गई मंजू 
गौरव को बेहतर शिक्षा दिलाने के लिए उसके माता-पिता ने दो साल पहले ननिहाल में भेज दिया था। यहां उसका दाखिला मकान के पास एक निजी स्कूल में करा दिया गया। माता-पिता भी आए दिन उससे मिलने आते रहते थे। बुधवार को भी मां मंजूदेवी व पिता महेशपाल बेटे से मिलने आने वाले थे, लेकिन मतदान होने पर वह नहीं आ सके। बृहस्पतिवार सुबह अचानक बेटे की हत्या की सूचना पहुंची तो दंपति टूट गए। कुछ ही देर में ननिहाल पहुंचे, जहां बेटे का शव देख मंजूदेवी गश खा गई। 

000
शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। एक रिश्तेदार पर हत्या का आरोप परिवार ने लगाया है, लेकिन उसका नाम-पता अभी नहंी बता सका है। प्राप्त जानकारी के आधार पर आरोपी की धरपकड़ के प्रयास किए जा रहे है। 
योगेंद्र पाल शर्मा, इंस्पेक्टर बरखेड़ा
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed