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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   The story of the abduction of a student not being thwarted by the police

पुलिस के गले नहीं उतर रही छात्र के अपहरण की कहानी

Tue, 14 Nov 2017 10:51 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो पीलीभीत।
अमर उजाला ब्यूरो पीलीभीत। Updated Tue, 14 Nov 2017 10:51 PM IST
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जांच करने पहुंचे दरोगा को नहीं मिला कोई सुराग, छानबीन जारी
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मेनका गांधी के प्रतिनिधि के बेटे को अगवा करने की कोशिश का मामला

भाजपा के पूर्व नगर उपाध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी के प्रतिनिधि अनिल राठौर के बेटे विवेक का अपहरण करने की कोशिश का मामला पुलिस की प्रारंभिक जांच में उलझकर रह गया है। पीड़ित की बताई कहानी पुलिस के गले नहीं उतर रही है। सामने आए कई सवालों के जवाब तलाशने में पुलिस जुटी है। फिलहाल मुकदमा दर्ज करने के आगे कोई प्रगति नहीं हो सकी है।

मोहल्ला मोहम्मद वासिल निवासी अनिल राठौर के 15 वर्षीय बेटे विवेक को रविवार देर शाम बाइक सवार दो युवक मुंह पर कपड़ा रखकर अगवा कर मां यशवंतरी देवी मंदिर ले गए थे। यहां अपहरण कर्ताओं को चकमा देकर विवेक छूटकर भाग निकला था। सोमवार दोपहर को कोतवाली पुलिस ने पिता से मिली तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। इसके बाद पुलिस ने घटना की जांच शुरू की। मौके पर दरोगा भेजकर जानकारी करनी चाही, लेकिन कोई घटना से जुड़े सवालों का जवाब नहीं दे सका। इसके अलावा बताई गई कहानी को लेकर पुलिस असमंजस की स्थिति में है। 15 साल के किशोर को आसानी से बाइक पर बैठाकर कैसे ले जाया गया? उसको अगर अपहरणकर्ता मां यशवंतरी देवी मंदिर परिसर तक ले गए, फिर कार का इंतजार क्यों किया गया? जबकि मार्ग पर ट्रैफिक चलता रहता है? ऐसे ही कई सवालों के जवाब भी पुलिस तलाश रही है। कोतवाल एसके सिंह ने बताया कि परिवार वाले किसी तरह की रंजिश से इंकार कर रहे हैं। मौके पर कोई अन्य जानकारी नहीं दे सका है। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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