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झूले से संबंधित एनओसी या फिटनेस प्रमाणपत्र मुझसे नहीं लिया गया : कार्यकारी अभियंता
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सूरजकुंड झूला हादसा : एसआईटी के नोटिस का दिया जवाब
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेले में 7 फरवरी को झूला टूटने के हादसे की जांच कर रही एसआईटी के नोटिस का गुरुग्राम के लोक निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता अमित ने जवाब भेज दिया है। उन्होंने पुलिस को दिए जवाब में कहा है कि झूले से संबंधित एनओसी या फिटनेस प्रमाणपत्र उनसे नहीं लिया गया था। हादसे से पहले झूले की जांच से जुड़ा कोई काम भी उनके पास नहीं था।
कार्यकारी अभियंता ने जवाब में बताया कि गुरुग्राम, फरीदाबाद समेत 6 जिले उनके कार्यक्षेत्र में आते हैं। प्रत्येक जिले में उपमंडल अधिकारी और कनिष्ठ अभियंता तैनात हैं। उन्होंने कहा कि मेले में झूला लगाने से पहले संबंधित कमेटी ने उनके कार्यालय से किसी तरह का पत्राचार नहीं किया था। न ही उन्हें बताया गया था कि मेले में उनकी ड्यूटी लगाई गई है।
एसआईटी ने हादसे की जांच के दौरान कार्यकारी अभियंता को नोटिस जारी कर झूले से संबंधित तकनीकी प्रक्रिया और उनके कार्यालय की भूमिका के बारे में जवाब मांगा था। अब उनके जवाब के आधार पर पुलिस मेले में झूले की फिटनेस, एनओसी और उससे जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है।
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बता दें कि 7 फरवरी की शाम करीब सवा छह बजे सूरजकुंड मेले के झूला ग्राउंड में सुनामी झूला अचानक एक तरफ से टूट गया था। हादसे के समय झूले पर बड़ी संख्या में लोग सवार थे। बचाव कार्य के दौरान हरियाणा पुलिस के निरीक्षक जगदीश प्रसाद की मौत हो गई थी, जबकि करीब 15 लोग घायल हुए थे। मामले की जांच एसआईटी कर रही है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेले में 7 फरवरी को झूला टूटने के हादसे की जांच कर रही एसआईटी के नोटिस का गुरुग्राम के लोक निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता अमित ने जवाब भेज दिया है। उन्होंने पुलिस को दिए जवाब में कहा है कि झूले से संबंधित एनओसी या फिटनेस प्रमाणपत्र उनसे नहीं लिया गया था। हादसे से पहले झूले की जांच से जुड़ा कोई काम भी उनके पास नहीं था।
कार्यकारी अभियंता ने जवाब में बताया कि गुरुग्राम, फरीदाबाद समेत 6 जिले उनके कार्यक्षेत्र में आते हैं। प्रत्येक जिले में उपमंडल अधिकारी और कनिष्ठ अभियंता तैनात हैं। उन्होंने कहा कि मेले में झूला लगाने से पहले संबंधित कमेटी ने उनके कार्यालय से किसी तरह का पत्राचार नहीं किया था। न ही उन्हें बताया गया था कि मेले में उनकी ड्यूटी लगाई गई है।
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एसआईटी ने हादसे की जांच के दौरान कार्यकारी अभियंता को नोटिस जारी कर झूले से संबंधित तकनीकी प्रक्रिया और उनके कार्यालय की भूमिका के बारे में जवाब मांगा था। अब उनके जवाब के आधार पर पुलिस मेले में झूले की फिटनेस, एनओसी और उससे जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है।
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बता दें कि 7 फरवरी की शाम करीब सवा छह बजे सूरजकुंड मेले के झूला ग्राउंड में सुनामी झूला अचानक एक तरफ से टूट गया था। हादसे के समय झूले पर बड़ी संख्या में लोग सवार थे। बचाव कार्य के दौरान हरियाणा पुलिस के निरीक्षक जगदीश प्रसाद की मौत हो गई थी, जबकि करीब 15 लोग घायल हुए थे। मामले की जांच एसआईटी कर रही है।