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मासूम की मौत पर निजी अस्पताल में हंगामा
पीलीभ्ाीत ब्यूराो
Updated Sat, 31 Dec 2016 11:17 PM IST
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अस्पपताला में हंगामा
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छत से गिरकर घायल हुए एक साल के मासूम की इलाज के दौरान मौत के बाद निजी अस्पताल में परिवार वालों ने जमकर हंगामा किया। डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही व रुपये वसूलने के लिए बाइक जमा करा लेने का आरोप भी लगाया। इसकी सूचना मिलने पर सीओ सिटी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और जानकारी जुटाई। बाद में दोनों पक्षों में सुलह होने पर मामला शांत हो सका।
मोहल्ला सुनगढ़ी निवासी प्रवीन शुक्ला का एक साल का बेटा रुद्र शुक्रवार दोपहर को छत पर खेलते वक्त नीचे गिरकर घायल हो गया था। बच्चे को गंभीर हालत में परिवारीजनों ने गौहनिया चौराहा के निकट एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। देर रात आपरेशन के बाद बच्चे की मौत हो गई। जिस पर परिवारीजन शव लेकर घर चले गए। दूसरे दिन शनिवार सुबह बच्चे का अंतिम संस्कार करने के बाद परिवारीजन निजी अस्पताल पहुंचे और हंगामा करना शुरू कर दिया। परिवार वालों का आरोप था कि चिकित्सक की लापरवाही से बच्चे की मौत हुई है। इसके अलावा अस्पताल का बिल जमा होने के बाद भी बकाया दिखाते हुए उनकी बाइक छीन ली गई। इसका विरोध करने पर अस्पताल कर्मचारी अभद्रता करते रहे। जबकि अस्पताल प्रशासन अपने ऊपर लगे आरोपों को निराधार बताता रहा। हंगामे की सूचना पर इंस्पेक्टर सुनगढ़ी हरगोविंद सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। बातचीत कर मामला शांत कराने की कोशिश की, लेकिन भीड़ उग्र होती रही। कुछ ही देर में सीओ सिटी अनुराग दर्शन भी आ गए। दोनों पक्षों को आमने-सामने कर बातचीत की गई। हालांकि बाद में दोनों में सुलह हो गई। सीओ सिटी ने बताया कि परिवार वालों से कार्रवाई के लिए तहरीर मांगी गई थी, लेकिन दोनों ने आपस में समझौता कर कार्रवाई से इंकार कर दिया है।
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मोहल्ला सुनगढ़ी निवासी प्रवीन शुक्ला का एक साल का बेटा रुद्र शुक्रवार दोपहर को छत पर खेलते वक्त नीचे गिरकर घायल हो गया था। बच्चे को गंभीर हालत में परिवारीजनों ने गौहनिया चौराहा के निकट एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। देर रात आपरेशन के बाद बच्चे की मौत हो गई। जिस पर परिवारीजन शव लेकर घर चले गए। दूसरे दिन शनिवार सुबह बच्चे का अंतिम संस्कार करने के बाद परिवारीजन निजी अस्पताल पहुंचे और हंगामा करना शुरू कर दिया। परिवार वालों का आरोप था कि चिकित्सक की लापरवाही से बच्चे की मौत हुई है। इसके अलावा अस्पताल का बिल जमा होने के बाद भी बकाया दिखाते हुए उनकी बाइक छीन ली गई। इसका विरोध करने पर अस्पताल कर्मचारी अभद्रता करते रहे। जबकि अस्पताल प्रशासन अपने ऊपर लगे आरोपों को निराधार बताता रहा। हंगामे की सूचना पर इंस्पेक्टर सुनगढ़ी हरगोविंद सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। बातचीत कर मामला शांत कराने की कोशिश की, लेकिन भीड़ उग्र होती रही। कुछ ही देर में सीओ सिटी अनुराग दर्शन भी आ गए। दोनों पक्षों को आमने-सामने कर बातचीत की गई। हालांकि बाद में दोनों में सुलह हो गई। सीओ सिटी ने बताया कि परिवार वालों से कार्रवाई के लिए तहरीर मांगी गई थी, लेकिन दोनों ने आपस में समझौता कर कार्रवाई से इंकार कर दिया है।
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