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वार्डन की मौत, शिक्षिकाओं ने घेरा बीएसए कार्यालय
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,पीलीभीत
Updated Tue, 23 Jan 2018 07:01 PM IST
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सड़क हादसे का शिकार हुई बा स्कूल की वार्डन कुंती देवी की मौत के बाद जिले भर की बा स्कूल की शिक्षिकाएं आक्रोशित हो उठी। बीएसए कार्यालय पहुंची शिक्षिकाओं ने अफसरों पर उत्पीड़न करने का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की। इससे पूर्व वार्डनों व शिक्षिकाओं ने केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी को ज्ञापन सौंपकर अधिकारियों के उत्पीड़न से निजात दिलाने की मांग की।
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जिले के सभी नौ कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की वार्डन व शिक्षिकाओं को सुबह आठ बजे तक गांधी स्टेडियम में पहुंचने के निर्देश दिए गए थे। इधर बा स्कूल बिलसंडा की वार्डन कुंती देवी की मौत की सूचना मिलते ही सभी वार्डन व शिक्षिकाएं आक्रोशित हो उठी। सभी शिक्षिकाएं इकट्ठा होकर मंडी समिति जा पहुंची। यहां उन्होंने कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंची केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी को ज्ञापन सौंपते हुए डीएम शीतल वर्मा व बीएसए डॉ. इंद्रजीत प्रजापति पर मानसिक उत्पीड़न करने का आरोप लगाया। कहा कि 22 जनवरी को बालिका शिक्षा के समन्वयक मनीष श्रीवास्तव ने वार्डन कुंती देवी को 23 जनवरी को होने वाली जिलास्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता के लिए सुबह आठ बजे तक गांधी स्टेडियम में पहुंचने के निर्देश दिए। वार्डन ने गत वर्ष की भांति 11 बजे तक ट्रेन द्वारा स्टेडियम पहुंचने की बात कही। जिस पर जिला समन्वयक ने मैजिक वाहन से सुबह आठ बजे तक हर हालत में पहुंचने के निर्देश दिए गए। आरोप है कि वार्डन कुंती को एक सप्ताह से छुट्टी नहीं दी जा रही थी। इसके चलते वह काफी परेशान चल रहीं थीं। मानसिक उत्नीड़न के चलते ही वार्डन कुंती देवी की सड़क हादसे में मौत हुई है। आरोप लगाया कि डीएम व बीएसए द्वारा निरीक्षण के नाम पर मानसिक उत्पीड़न करते हुए संविदा समाप्ति का नोटिस दिया जा रहा है। पूर्णकालिक स्टाफ से चार-चार बार अंगूठा लगवाकर हाजिरी लगवाई जा रही है। बीएसए द्वारा रात में निरीक्षण करने के दौरान साथ आए अन्य लोगों के कहने पर कार्रवाई की जा रही है। शिक्षिकाओं ने केंद्रीय मंत्री से अधिकारियों द्वारा किए जा रहे मानसिक उत्पीड़न से निजात दिलाने की मांग की गई। केंद्रीय मंत्री ने मामले को संज्ञान में लेते हुए अधिकारियों से बात करने का आश्वासन दिया। इधर केंद्रीय मंत्री को ज्ञापन सौंपने के बाद सभी वार्डन व शिक्षिकाएं बीएसए कार्यालय में बीएसए का घेराव करने जा पहुंची। करीब दो बजे के बाद पहुंची शिक्षिकाओं को बीएसए नहीं मिले। इससे गुस्साई शिक्षिकाओं ने कार्यालय परिसर में ही नारेबाजी शुरू कर दी। शाम करीब पांच बजे तक शिक्षिकाएं बीएसए का इंतजार करती रहीं, लेकिन बीएसए नहीं पहुंचे। इस पर शिक्षिकाएं बैरंग लौट गई। शिक्षिकाओं ने बीएसए पर कॉल रिसीव न करने का आरोप लगाया। ज्ञापन सौंपने वालों में वार्डन स्मृति शुक्ला, पूनम कटियार, निशा पांडेय, नीतू त्रिवेदी, कहकंशा, रति, मीनाक्षी, ममता, शाइस्ता आदि शिक्षिकाएं मौजूद रहीं।
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मानसिक उत्पीड़न का आरोप बेबुनियाद
जिले के सभी बा स्कूलों की वार्डन को प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए समय से पहुंचने के निर्देश दिए गए थे। प्रतिभागी छात्राओं को वाहनों से स्टेडियम लाने को कहा गया। इसका विभाग द्वारा भुगतान किया जाता है। मानसिक उत्पीड़न करने का आरोप बेबुनियाद है। मृत वार्डन पोस्टमार्टम कराकर एंबुलेंस से शव को उनके गृहनगर भिजवाया गया है।
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डॉ. इंद्रजीत प्रजापति, बीएसए