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सद्दाम को अभिलेख में दिखाया गया है फिट ?

Thu, 31 Mar 2016 11:29 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला पीलीभीत
ब्यूरो/अमर उजाला पीलीभीत Updated Thu, 31 Mar 2016 11:29 PM IST
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पुलिस हिरासत में मारे गए दोनों युवकों के मामले में पुलिस कदम-कदम पर गलतियां करती रही। सीएचसी की रेफर स्लिप व एंबुलेंस की कालबुक पर गौर करने से यह बात साफ हो गई है कि पुलिस प्रशासन ने अपनों को बचाने के लिए सीएचसी के डाक्टर से लेकर एंबुलेंस स्टाफ तक को मैनेज किया, लेकिन उसका दांव चल नहीं पाया। रेफर स्लिप के अनुसार सद्दाम को जब सीएचसी से जिला अस्पताल भेजा गया तो वह फिट था। 
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अपने बचाव में घर से पकड़कर लाने से लेकर मौत होने तक पुलिस चालें चलती रही। दोनों युवकों की हालत सुबह कोतवाली के लॉकअप में खराब हुई तो पुलिस के हाथ-पांव फूले। पुलिस वाले आननफानन में उन्हें थाने से चंद कदम की दूरी पर स्थित सीएचसी पर  ले गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक एक की मौत अस्पताल पहुंचने से पहले तो दूसरे की मौत अस्पताल में पहुंचने के कुछ देर बाद हो गई। कोतवाल की सूचना पर एसडीएम व सीओ भी अस्पताल पहुंच गए। इसके बाद ही अपनों को बचाने का खेल शुरू हुआ। कोतवाल व डाक्टर की गुफ्तगू के बाद डाक्टर ने दोनों को जिला मुख्यालय के लिए रेफर स्लिप तैयार कर कोतवाल को पकड़ा दी। इसके बाद 108 एंबुलेंस को बुलाया गया और दोनों को उसमे लाद कर जिला मुख्यालय रवाना कर दिया गया। माना जा रहा है कि सीएचसी में डॉक्टर यदि मृत घोषित कर देते तो पुलिस को शवों का पंचनामा भरकर जिला मुख्यालय भेजना पड़ता। इससे वहां जनाक्रोश भड़क सकता था। इसीलिए पुलिस ने जिला अस्पताल रेफर करा लिया। लेकिन इस आपाधापी में अस्पताल से लेकर एंबुलेंस स्टाफ ने खेल करते समय काफी चूक की जो दोनों की भूमिका पर सवालिया निशान लगाने के लिए काफी है। मसलन सीएचसी द्वारा जो रेफर स्लिप दी उस पर पिता का नाम, पता और उम्र भी डॉक्टर लिखना भूल गए। एंबुलेंस स्टाफ ने तो इससे भी बड़ी गलती की। 108 एंबुलेंस सिर्फ गंभीर मरीजों को ले जाने के लिए प्रयोग की जाती है। स्टाफ अगर दोनों को मृत मानता तो उन्हें अपनी एंबुलेंस से नहीं ले जा सकता था। लिहाजा कथित रूप से सीएचसी पर मर चुके दोनों युवकों को अभिलेख में जिंदा दिखाने के लिए पहले से की गई इंट्री में ओवर राइटिंग कर दोनों को गंभीर मानते हुए सीएचसी से जिला अस्पताल के लिए लेकर रवाना हो गए। आपा धापी में की गई ओवर राइटिंग में इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन ने आंकड़े भरे वह किसी स्वस्थ मनुष्य की तरह थे।
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ये की इंट्री
नाम सद्दाम, उम्र 25
धड़कन 65
बीपी    112/70
तापमान 98
आक्सीजन 95
पुतली-  ठीक
सांसे-  ठीक
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शहर के मशहूर हृदय रोग विशेषज्ञ डा. प्रांजल अग्रवाल को जब इस स्लिप की डिटेल दिखाई गई तो उन्होंने बताया कि ये लक्षण लगभग स्वस्थ व्यक्ति के होते हैं।
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