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भूमि हड़पने को नदी का रुख मोड़ रहे भूमाफिया
पीलीभीत
Updated Thu, 18 Feb 2016 11:13 PM IST
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भूमाफिया जमीनें हड़पने के लिए किस कदर प्रकृति से खिलवाड़ करते हैं, यह गुन्हान क्षेत्र में देखा जा सकता है। यहां भूमाफिया ने बाढ़ पीड़ितों की जमीनें हथियाने के लिए जेसीबी मशीनों की मदद से नेपाल की वमनी नदी का रुख ही मोड़ना शुरू कर दिया। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि जमीन बाढ़ पीड़ितों की पहुंच से दूर हो जाए, लेकिन यह खेल बरसात के दिनों में शारदा डैम को भी खतरे में डाल सकता है।
नेपाल सरकार ने पूर्व में इंडो नेपाल सीमा के पिलर नंबर 28 के निकट एक छोटी से माइनर खोद कर नोमेंस लैंड पर डाली थी। इस मामले को अमर उजाला ने उस दौरान प्रमुखता से उठाते हुए नेपाल के नदी नालों द्वारा भविष्य में तबाही मचाने की आशंका जताई थी और यह बात सच भी साबित हुई। उस दौरान पहली ही बरसात में यह माइनर वमनी नदी में तब्दील हो गई थी।
वमनी के पानी की रफ्तार शारदा से भी तेज
वमनी नदी के पानी के बहाव की गति बरसात में शारदा से भी तेज होती है। शारदा के जिस क्षेत्र में वमनी नदी गिरती है, वहां से शारदा न केवल दाएं किनारे की ओर बढ़ रही है, बल्कि अब तक सैकड़ों एकड़ भूमि को रेत के ढेर में तब्दील कर चुकी है।
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दोहरी मार की चपेट में बाढ़ पीड़ित
जब शारदा और वमनी की बाढ़ से गुन्हान की आबादी वाला क्षेत्र व कृषि भूमि रेत के ढेर में तब्दील हुई तो बाढ़ शरणार्थी डैम के वर्जित क्षेत्र में आ गए थे। दो वर्षों के अंतराल में पट्टेदारों की जमीन नदी ने पुन: छोड़ दी थी। इसके बाद पट्टेदारों ने पुन: खेती करनी शुरू कर दी। इधर, दो दिन पूर्व भूमाफिया ने इस इलाके में नया खेल खेलते हुए वमनी नदी की धार का रुख बदलना शुरू कर दिया। जेसीबी मशीनों की मदद से नदी की धार का रुख दाएं किनारे की ओर मोड़ा जा रहा है।
रुख मुड़ा तो हो सकती है तबाही
वमनी नदी का रुख जिस इलाके में मोड़ने का प्रयास किया जा रहा है, वहां से नदी बाएं किनारे की ओर शारदा में गिरती है, लेकिन यदि यह रुख मोड़ दिया गया तो नदी का रुख दाएं किनारे की ओर होगा। इससे एक बार फिर गुन्हान की सैकड़ों एकड़ भूमि नदी में की भेंट चढ़ने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता। नदी का रुख मोड़ने से लगभग 60 किसानों की भूमि नदी के बाएं किनारे की ओर हो जाएगी। भूमाफिया इसी भूमि को हथियाने की कवायद शुरू की है।
बाढ़पीड़ितों ने डीएम से गुहार
रमनगरा ग्राम पंचायत के बाढ़ पीड़ितों ने डीएम को ज्ञापन भेजकर गुहार लगाई है। ज्ञापन में कहा गया है कि भूमाफिया जेसीबी मशीनों की मदद से नदी का रुख बदल रहे हैं। उनकी पट्टे की भूमि यदि बाएं किनारे की ओर चली गई तो भूमाफिया कब्जा कर लेंगे। ज्ञापन भेजने वालों में ग्राम प्रधान प्रशांत साना, कृष्णा हलधर, जयदेव, सुबल दास, भूदेव दास, पवित्र, बिल्लू मलिक, मानिक दास, दुलाल, अजीतदास, कालीदास, सुधीर आदि शामिल रहे।
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नेपाल सरकार ने पूर्व में इंडो नेपाल सीमा के पिलर नंबर 28 के निकट एक छोटी से माइनर खोद कर नोमेंस लैंड पर डाली थी। इस मामले को अमर उजाला ने उस दौरान प्रमुखता से उठाते हुए नेपाल के नदी नालों द्वारा भविष्य में तबाही मचाने की आशंका जताई थी और यह बात सच भी साबित हुई। उस दौरान पहली ही बरसात में यह माइनर वमनी नदी में तब्दील हो गई थी।
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वमनी के पानी की रफ्तार शारदा से भी तेज
वमनी नदी के पानी के बहाव की गति बरसात में शारदा से भी तेज होती है। शारदा के जिस क्षेत्र में वमनी नदी गिरती है, वहां से शारदा न केवल दाएं किनारे की ओर बढ़ रही है, बल्कि अब तक सैकड़ों एकड़ भूमि को रेत के ढेर में तब्दील कर चुकी है।
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दोहरी मार की चपेट में बाढ़ पीड़ित
जब शारदा और वमनी की बाढ़ से गुन्हान की आबादी वाला क्षेत्र व कृषि भूमि रेत के ढेर में तब्दील हुई तो बाढ़ शरणार्थी डैम के वर्जित क्षेत्र में आ गए थे। दो वर्षों के अंतराल में पट्टेदारों की जमीन नदी ने पुन: छोड़ दी थी। इसके बाद पट्टेदारों ने पुन: खेती करनी शुरू कर दी। इधर, दो दिन पूर्व भूमाफिया ने इस इलाके में नया खेल खेलते हुए वमनी नदी की धार का रुख बदलना शुरू कर दिया। जेसीबी मशीनों की मदद से नदी की धार का रुख दाएं किनारे की ओर मोड़ा जा रहा है।
रुख मुड़ा तो हो सकती है तबाही
वमनी नदी का रुख जिस इलाके में मोड़ने का प्रयास किया जा रहा है, वहां से नदी बाएं किनारे की ओर शारदा में गिरती है, लेकिन यदि यह रुख मोड़ दिया गया तो नदी का रुख दाएं किनारे की ओर होगा। इससे एक बार फिर गुन्हान की सैकड़ों एकड़ भूमि नदी में की भेंट चढ़ने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता। नदी का रुख मोड़ने से लगभग 60 किसानों की भूमि नदी के बाएं किनारे की ओर हो जाएगी। भूमाफिया इसी भूमि को हथियाने की कवायद शुरू की है।
बाढ़पीड़ितों ने डीएम से गुहार
रमनगरा ग्राम पंचायत के बाढ़ पीड़ितों ने डीएम को ज्ञापन भेजकर गुहार लगाई है। ज्ञापन में कहा गया है कि भूमाफिया जेसीबी मशीनों की मदद से नदी का रुख बदल रहे हैं। उनकी पट्टे की भूमि यदि बाएं किनारे की ओर चली गई तो भूमाफिया कब्जा कर लेंगे। ज्ञापन भेजने वालों में ग्राम प्रधान प्रशांत साना, कृष्णा हलधर, जयदेव, सुबल दास, भूदेव दास, पवित्र, बिल्लू मलिक, मानिक दास, दुलाल, अजीतदास, कालीदास, सुधीर आदि शामिल रहे।