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मुकदमे में धारा बदलने पर भड़के ग्रामीण
ब्यूरो माधोटांडा।
Updated Mon, 11 Apr 2016 10:50 PM IST
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भड़के ग्रामीण
- फोटो : अमर उजाला
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मुकदमे में धारा बदलने पर भड़के ग्रामीण
ग्रामीणों ने मात्र एक आरोपी को जेल भेजने पर किया पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन
रेत से भरी ट्राली से हुई किसान की मौत के मामले में एक आरोपी को जेल न भेजने व दर्ज मुकदमे को अन्य धाराओं में तरमीम करने करने के विरोध में ग्रामीणों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मामले की विवेचना किसी उपनिरीक्षक से कराने की मांग की।
थाना क्षेत्र के गांव हरीपुर निवासी कालीचरन की चार दिन पूर्व रेत से भरी ट्राली से दबने से मौत हो गई थी। इस मामले में पुलिस ने कस्बा निवासी निसार व उसके भाई सोनू के खिलाफ धारा 304 के तहत मुकदमा दर्ज किया था। इसकी विवेचना उपनिरीक्षक सतेंद्र कुमार को सौंपी गई थी। विवेचक ने दर्ज मुकदमे को धारा 279 व 304 ए में तरमीम करते हुए मात्र निसार को जेल भेज दिया। जानकारी मिलने पर मृतक के परिवार वाले व अन्य ग्रामीण आक्रोशित हो उठे। ग्रामीणों ने गांव के मुख्य चौराहे के समीप पुलिस के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। मृतक के परिवार वालों का कहना था कि असली आरोपी सोनू है और उसको क्लीन चिट दी गई है। आरोपियों ने 15 दिन पूर्व कालीचरन को धमकी भी दी थी, लेकिन फिर भी पुलिस ने धारा 304 हटाकर मात्र दुघर्टना में मौत होने की बात कहकर एक आरोपी को जेल भेजा है। प्रदर्शनकारियों ने विवेचक को बदलने और दूसरे आरोपी को भी जल्द गिरफ्तार कर जेल भेजने की मांग की। प्रदर्शन करने वालों में हरप्रसाद, रामगोपाल, रामलली, जानकी प्रसाद, आनंद कुमार, श्यामकली, मुन्नीदेवी, धर्मेंद्र, आनंद कुमार, मीना देवी, राधेश्याम, रामवती, प्रेमराज आदि शामिल रहे।
ग्रामीणों ने मात्र एक आरोपी को जेल भेजने पर किया पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन
रेत से भरी ट्राली से हुई किसान की मौत के मामले में एक आरोपी को जेल न भेजने व दर्ज मुकदमे को अन्य धाराओं में तरमीम करने करने के विरोध में ग्रामीणों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मामले की विवेचना किसी उपनिरीक्षक से कराने की मांग की।
थाना क्षेत्र के गांव हरीपुर निवासी कालीचरन की चार दिन पूर्व रेत से भरी ट्राली से दबने से मौत हो गई थी। इस मामले में पुलिस ने कस्बा निवासी निसार व उसके भाई सोनू के खिलाफ धारा 304 के तहत मुकदमा दर्ज किया था। इसकी विवेचना उपनिरीक्षक सतेंद्र कुमार को सौंपी गई थी। विवेचक ने दर्ज मुकदमे को धारा 279 व 304 ए में तरमीम करते हुए मात्र निसार को जेल भेज दिया। जानकारी मिलने पर मृतक के परिवार वाले व अन्य ग्रामीण आक्रोशित हो उठे। ग्रामीणों ने गांव के मुख्य चौराहे के समीप पुलिस के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। मृतक के परिवार वालों का कहना था कि असली आरोपी सोनू है और उसको क्लीन चिट दी गई है। आरोपियों ने 15 दिन पूर्व कालीचरन को धमकी भी दी थी, लेकिन फिर भी पुलिस ने धारा 304 हटाकर मात्र दुघर्टना में मौत होने की बात कहकर एक आरोपी को जेल भेजा है। प्रदर्शनकारियों ने विवेचक को बदलने और दूसरे आरोपी को भी जल्द गिरफ्तार कर जेल भेजने की मांग की। प्रदर्शन करने वालों में हरप्रसाद, रामगोपाल, रामलली, जानकी प्रसाद, आनंद कुमार, श्यामकली, मुन्नीदेवी, धर्मेंद्र, आनंद कुमार, मीना देवी, राधेश्याम, रामवती, प्रेमराज आदि शामिल रहे।
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