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निर्भया कांड से कम नहीं है वीडियो क्लीपिंग में दरिंदगी

Tue, 05 Jan 2016 11:31 PM IST
plibhit
plibhit Updated Tue, 05 Jan 2016 11:31 PM IST
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Nirbhaya case is less than in the video Cliping Drindgi
विवाहिता को अगवाकर सामूहिक दुराचार मामले पर अगर नजर डाली जाए तो पुलिस की भारी लापरवाही सामने आई है। परिवार वालों ने आसाम चौकी पुलिस को विवाहिता के गायब होने की सूचना समय से दे दी थी, लेकिन वह उसे टरकाती रही। यही नहीं गुमशुदगी भी दर्ज नहीं की। वायरल हुई वीडियो में जिस तरीके से बदमाश विवाहिता की आबरू लूट रहे हैं, उससे निर्भया कांड की याद एक बार फिर ताजा हो गई है। महिला के साथ दरिंदों ने जो किया है उसे देखकर रूह कांप उठती है।
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चार माह की मासूम पुत्री को लेकर ससुराल जाते समय गायब हुई दलित विवाहिता के मामले में पुलिस बेहद लापरवाह रहीं। 23 नवंबर की रात तक जब विवाहिता अपने घर नहीं पहुंची तो 24 नवंबर को ही विवाहिता के पिता ने सुनगढ़ी थाने की आसाम पुलिस चौकी पर पहुंच कर पुत्री की गुमशुदगी की तहरीर दी थी, लेकिन पुलिस ने न तो रिपोर्ट दर्ज की और न ही उच्चाधिकारियों व  वायरलेस आदि पर सूचना प्रसारित कर इस संबंध में बरेली व बदायूं के थानों को एलर्ट किया। यदि पुलिस मासूम बच्ची के साथ गायब विवाहिता के मामले में सूचना के बाद थोड़ी भी गंभीरता बरतती तो शायद दिल्ली की निर्भया कांड जैसे बदमाश महिला के साथ दरिंदगी नहीं कर पाते। वीडियो क्लीपिंग में जिस तहर से बदमाशों ने महिला की आबरू लूट अपनी हवस मिटाई हैं, उससे साफ है कि बदमाशों ने उसका अपहरण किया है। जिस स्थान पर पांच-छह युवक उसके शरीर को भेड़ियों की तरह नोच रहे हैं,  उस स्थान पर लगीं झाडिय़ां जंगल होने का अहसास करा रही हैं। गुमशुदगी के मामलों को हल्के में लेना पीलीभीत पुलिस की आदत में शुमार है। यही वजह रही कि इस मामले में भी वह शुरू से लापरवाह रही। दरिंदगी की शिकार बनी महिला के पिता ने बताया कि पुत्री के गायब होने के बाद से वह कई बार आसाम पुलिस चौकी गए और चौकी प्रभारी इंद्रजीत सिंह भदौरिया से मिलकर पता लगाने के लिए गिड़गिड़ाए, लेकिन पुलिस उन्हें यह कहकर गुमराह करती रही कि सर्विलांस पर उसकी पुत्री का नंबर लगा है। अभी लोकेशन नहीं मिल रही है। कहीं कहती बरेली में लोकेशन मिली थी। आज जा रहे हैं.... कल जा रहे हैं। यदि पुलिस मामले को गंभीरता से लेती तो उनकी पुत्री सकुशल बरामद हो जाती।
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हैवानों की उम्र 25 साल के भीतर
वीडियो क्लीपिंग में दिख रहे सभी पांच-छह दरिंदों का चेहरा साफ दिखाई पड़ रहा है। उनकी उम्र 25 साल के अंदर है। वीडियो में बदमाशों की आवाज उत्तराखंड के लोगों से मिलती जुलती है। एक बदमाश चीते के कलर की शर्ट पहन रखी है। सभी बदमाश नीली जींस की पैंट पहने हैं।
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आठ मिनट का है वीडियो
वायरल वीडियो पूरे आठ मिनट का है। आठ मिनट के भीतर जिस तरह दरिंदों ने महिला के साथ दरिंदगी की है, उसे देखकर रूह कांप जाती है।

भैया छोड़.... दो ......... भैया
पीड़िता वीडियो क्लीपिंग में बदमाशों के सामने गिड़गिड़ा रही है। वह चीख चीखकर कह रही है कि भैया मुझे छोड़ दो, लेकिन दरिंदे उसे बुरी तरह से नोच रहे हैं। वह रोते हुए कहती है कि भैया छोड़ दो। उसके बार- बार गिड़गिड़ाने व दया की भीख मांगने के बाद भी दरिंदों का दिल नहीं पसीजा, वह उसे अपनी हवस का शिकार बनाते रहे। वीडियो में दिख रहे उसके आंसू उसकी बेबसी बयां कर रहे हैं।

फंसी खाकी तो दर्ज कर ली गुमशुगदी
वीडियो वायरल होने पर हरकत में आई पुलिस दो दिसंबर को महिला की गुमशुदगी दर्ज करने का दावा भले ही कर रही हो, लेकिन पीड़िता के पिता की मानें तो पुलिस ने उनकी न तो गुमशुदगी दर्ज की थी और न ही उन्हें थाने से कुछ लिखकर मंगलवार तक (आज तक) दिया था। इससे साफ है कि खाकी ने खुद को फंसा देखकर मंगलवार को उसकी गुमशुदगी दर्ज की है। एक सवाल यह भी खड़ा होता है कि जब महिला के गायब होने के दूसरे दिन पुलिस को तहरीर दी गई तो पुलिस ने दो दिसंबर को गुमशुदगी दर्ज क्यों की। मान लें की पुलिस को दो दिसंबर को तहरीर दी गई तो गुमशुदगी दर्ज करने के बाद विवाहिता को तलाश करने के प्रयास पुलिस ने क्यों नहीं किए? इसका जवाब न तो एसपी दे पा रहे हैं और न ही प्रभारी निरीक्षक।

बरेली में टीमों ने की धड़पकड़
प्रभारी निरीक्षक थाना सुनगढ़ी बृजेश सिंह के नेतृत्व में बरेली पहुंची पुलिस ने वीडियो क्लीपिंग में आए बदमाशों की शिनाख्त कराने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। टीम ने कई संभावित स्थानों पर दबिशें भी दी हैं, लेकिन पुलिस टीम को कोई अभी सफलता नहीं मिली है। प्रभारी निरीक्षक बृजेश सिंह ने बताया कि शिनाख्त के प्रयास किए जा रहे हैं। एक दो स्थानों पर छापे मारी भी की गई है, लेकिन संदिग्ध पुलिस के हाथ नहीं लगे हैं।

बसपा प्रदेश अध्यक्ष को भेजी रिपोर्ट
पीलीभीत। बसपा के प्रदेश अध्यक्ष रामअचल राजभर ने मंडल कोआर्डिनेटर बरेली मंडल रामसनेही गौतम से दलित महिला के साथ अपहरण के बाद गैंगरेप मामले की विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी। मंडल कोआर्डिनेटर रामसनेही गौतम ने बताया कि सपा में गुंडा माफिया बेलगाम हैं। पीलीभीत की यह घटना उसी का प्रमाण है। दलित समाज की लड़की को गुंडों ने अगवा कर जो घिनौनी हरकत की है उसकी जितनी निंदा की जाए कम है। उन्होंने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष ने उनसे पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी। उन्होंने अपनी रिपोर्ट प्रदेश अध्यक्ष को भेज दी है। नेता प्रतिपक्ष नसीमुद्दीन सिद्दीकी को भी घटना से अवगत करा दिया गया है। यह मामला विधानसभा और विधान परिषद में भी उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस मामले में अतिशीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो बसपा बड़ा कदम उठाएगी।  



मां-बच्ची की हत्या की आशंका
पीलीभीत। दरिंदगी की बनाई गई वीडियो क्लिप में विवाहिता के साथ गई उसकी चार माह की बच्ची कहीं नहीं दिखाई दे रही है। न ही आसपास से कहीं किसी बच्ची के रोने आदि की आवाज आ रही है। घटना के बाद से विवाहिता का भी अब तक कोई पता नहीं चल सका है। इससे परिवार वाले अब दोनों की हत्या कर शव गायब करने की आशंका भी जता रहे हैं।


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