{"_id":"590225194f1c1be959c0ca09","slug":"kotwal-escaped-the-victim-from-the-police-station","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोतवाल ने पीड़ित को थाने से भगाया ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
कोतवाल ने पीड़ित को थाने से भगाया
पीलीभ्ाीत ब्यूराो
Updated Thu, 27 Apr 2017 10:36 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पीड़ितों को इंसाफ दिलाने के चाहे जितने दावे करें, मगर उनकी सख्ती का थानेदारों पर कोई असर नहीं पड़ रहा। बैंक खाते से 28 हजार रुपये निकलने की शिकायत करने पहुंचे पीड़ित की तहरीर पर कार्रवाई करने के बजाए कोतवाल देश पाल सिंह ने अनसुना कर दिया। यही नहीं रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए डीआईजी, एसपी के पास जाने की सलाह देने के साथ पीड़ित से अभद्रता की और थाने से भगा दिया। कोतवाल की शिकायत फोन पर एसपी से की गई, लेकिन कोई समाधान न होने पर पीड़ित को बैरंग लौटना पड़ा।
आवास विकास कालोनी निवासी खुशबू अयाज खां पुत्री अयाज खां ने बताया कि बृहस्पतिवार सुबह दस बजे उनके पिता के मोबाइल पर अंजान नंबर से फोन पहुंचा। जालसाज ने खुद को आरबीआई कर्मचारी बताया और खाता बंद होने की चेतावनी देकर खुशबू का मोबाइल नंबर पूछ लिया। फिर उसने जालसाजी से खुशबू के मोबाइल पर कॉल करके एटीएम कार्ड का नंबर और गोपनीय कोड हासिल कर लिया। कुछ देर बाद ही खुशबू के यूनियन बैंक खाते से 24.5 हजार और बैंक ऑफ बड़ौदा के खाते से साढ़े तीन हजार रुपये निकाल लिए। खुशबू को इसकी जानकारी तब हुई जब उसके मोबाइल पर मैसेज पहुंचा। पीड़ित ने तत्काल बैंक जाकर मामले की जानकारी की। इसके बाद अपनी मां जीनत जहां और भाई मोनिस इस्लाम खां के साथ तहरीर लेकर कोतवाली पहुंची। आरोप है कि वहां मौजूद कोतवाल मामला सुनते ही भड़क गए। कार्रवाई करने के बजाए पीड़ित को ही गुनहगार ठहराना शुरू कर दिया। कार्रवाई के लिए डीआईजी-एसपी के पास जाने की कहकर अभद्रता करने लगे। कोतवाल के अभद्रता करने पर पीड़ित ने एसपी को फोन करके शिकायत की। पीड़ित का कहना है कि एसपी को फोन करने के काफी देर बाद तक वे कोतवाली में खड़े रहे, लेकिन इसके बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई। इससे वे हताश होकर लौट आए।
000
पीड़ित से फोन पर शिकायत मिली थी, जिस पर कोतवाल को तलब किया गया है। उनसे कार्यशैली में सुधार लाने को कहने के साथ अंतिम मौका दिया गया है। पीड़ित की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई कराई जाएगी। - देवरंजन वर्मा, एसपी
विज्ञापन
विज्ञापन
आवास विकास कालोनी निवासी खुशबू अयाज खां पुत्री अयाज खां ने बताया कि बृहस्पतिवार सुबह दस बजे उनके पिता के मोबाइल पर अंजान नंबर से फोन पहुंचा। जालसाज ने खुद को आरबीआई कर्मचारी बताया और खाता बंद होने की चेतावनी देकर खुशबू का मोबाइल नंबर पूछ लिया। फिर उसने जालसाजी से खुशबू के मोबाइल पर कॉल करके एटीएम कार्ड का नंबर और गोपनीय कोड हासिल कर लिया। कुछ देर बाद ही खुशबू के यूनियन बैंक खाते से 24.5 हजार और बैंक ऑफ बड़ौदा के खाते से साढ़े तीन हजार रुपये निकाल लिए। खुशबू को इसकी जानकारी तब हुई जब उसके मोबाइल पर मैसेज पहुंचा। पीड़ित ने तत्काल बैंक जाकर मामले की जानकारी की। इसके बाद अपनी मां जीनत जहां और भाई मोनिस इस्लाम खां के साथ तहरीर लेकर कोतवाली पहुंची। आरोप है कि वहां मौजूद कोतवाल मामला सुनते ही भड़क गए। कार्रवाई करने के बजाए पीड़ित को ही गुनहगार ठहराना शुरू कर दिया। कार्रवाई के लिए डीआईजी-एसपी के पास जाने की कहकर अभद्रता करने लगे। कोतवाल के अभद्रता करने पर पीड़ित ने एसपी को फोन करके शिकायत की। पीड़ित का कहना है कि एसपी को फोन करने के काफी देर बाद तक वे कोतवाली में खड़े रहे, लेकिन इसके बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई। इससे वे हताश होकर लौट आए।
विज्ञापन
000
पीड़ित से फोन पर शिकायत मिली थी, जिस पर कोतवाल को तलब किया गया है। उनसे कार्यशैली में सुधार लाने को कहने के साथ अंतिम मौका दिया गया है। पीड़ित की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई कराई जाएगी। - देवरंजन वर्मा, एसपी
विज्ञापन