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छात्र अराज की मौत की मजिस्ट्रेटी जांच शुरू
ब्यूरो, अमर उजाला पीलीभीत
Updated Thu, 18 Dec 2014 11:42 PM IST
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बहेड़ी के एसडीएम ने एबीएसए के साथ आकर मृतक छात्र के घर वालों और साथी छात्रों के बयान दर्ज किए।
एसडीएम रामेश्वर तिवारी के नेतृत्व में टीम मृतक छात्र अराज के घर पहुंची। टीम ने उसके पिता नसीम अहमद से घटना के बाबत जानकारी ली। एसडीएम को पिता नसीम अहमद ने बताया कि कॉलेज प्रशासन ने पुत्र की मौत की उन्हें जानकारी नहीं दी थी। भोजीपुरा अस्पताल में उसकी मौत होने पर अस्पताल से उसे पता चला। मृतक की बहन जीनम ने कहा कि मेरे भाई का टोपा मेज के नीचे पड़ा था। जिससे मुझे भाई के घायल होने की जानकारी मिली थी। टीम ने गांव के साथी छात्रों से भी घटना के बाबत जानकारी ली। इस दौरान गांव वालों ने आरोप लगाते हुए कहा कि कॉलेज की कोई मान्यता नहीं है, जबकि केजी से लेकर बीए, आईआईटी की भी कक्षाएं लगती हैं। गांव डांग निवासी इम्तियाज अहमद ने एसडीएम को बताया कि उनके गांव के इलियास अहमद की पुत्री जैनब बी कक्षा प्रथम की छात्रा है। इस घटना से हफ्ते भर पहले डीएसआर कॉलेज के टीचर ने फीस जमा न होने पर हाथ तोड़ दिया था। जब ग्रामीणों ने मान्यता संबंधी सवाल बीएसए देवेश कुमार से उठाए, तो उन्होंने कहा कि अभी तक कॉलेज प्रशासन शिक्षा विभाग को मान्यता संबंधी कागज उपलब्ध नहीं कराए हैं। एसडीएम रामेश्वर तिवारी ने बताया कि जांच के बाद सच्चाई सामने आ जाएगी। पीड़ित पक्ष को न्याय दिलाया जाएगा।
कॉलेज प्रशासन पर दर्ज हुई एक और रिपोर्ट: एबीएसए
एबीएस देवेश कुमार ने बताया कि बुधवार को कॉलेज प्रशासन के खिलाफ थाना देवरनियां (बरेली) में अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 की धारा 18 ए के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई जा चुकी है।
पिता ने लगाए एसडीएम पर आरोप
मृतक के पिता नसीम अहमद ने एसडीएम पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि एसडीएम व शिक्षा विभाग के अधिकारी कॉलेज प्रशासन को बचाने की कोशिश कर रहा है।
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यह है मामला
थाना जहानाबाद के गांव अमखेड़ा निवासी नसीम अहमद का पुत्र अराज बरेली के गांव पिपरानानकार के डीएसआर कॉलेज में कक्षा यूकेजी का छात्र था। 15 दिसंबर को उसकी संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। घरवालों ने कॉलेज प्रशासन पर फीस जमा न करने पर पिटाई कर मार डालने का आरोप लगाया था।
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एसडीएम रामेश्वर तिवारी के नेतृत्व में टीम मृतक छात्र अराज के घर पहुंची। टीम ने उसके पिता नसीम अहमद से घटना के बाबत जानकारी ली। एसडीएम को पिता नसीम अहमद ने बताया कि कॉलेज प्रशासन ने पुत्र की मौत की उन्हें जानकारी नहीं दी थी। भोजीपुरा अस्पताल में उसकी मौत होने पर अस्पताल से उसे पता चला। मृतक की बहन जीनम ने कहा कि मेरे भाई का टोपा मेज के नीचे पड़ा था। जिससे मुझे भाई के घायल होने की जानकारी मिली थी। टीम ने गांव के साथी छात्रों से भी घटना के बाबत जानकारी ली। इस दौरान गांव वालों ने आरोप लगाते हुए कहा कि कॉलेज की कोई मान्यता नहीं है, जबकि केजी से लेकर बीए, आईआईटी की भी कक्षाएं लगती हैं। गांव डांग निवासी इम्तियाज अहमद ने एसडीएम को बताया कि उनके गांव के इलियास अहमद की पुत्री जैनब बी कक्षा प्रथम की छात्रा है। इस घटना से हफ्ते भर पहले डीएसआर कॉलेज के टीचर ने फीस जमा न होने पर हाथ तोड़ दिया था। जब ग्रामीणों ने मान्यता संबंधी सवाल बीएसए देवेश कुमार से उठाए, तो उन्होंने कहा कि अभी तक कॉलेज प्रशासन शिक्षा विभाग को मान्यता संबंधी कागज उपलब्ध नहीं कराए हैं। एसडीएम रामेश्वर तिवारी ने बताया कि जांच के बाद सच्चाई सामने आ जाएगी। पीड़ित पक्ष को न्याय दिलाया जाएगा।
कॉलेज प्रशासन पर दर्ज हुई एक और रिपोर्ट: एबीएसए
एबीएस देवेश कुमार ने बताया कि बुधवार को कॉलेज प्रशासन के खिलाफ थाना देवरनियां (बरेली) में अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 की धारा 18 ए के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई जा चुकी है।
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पिता ने लगाए एसडीएम पर आरोप
मृतक के पिता नसीम अहमद ने एसडीएम पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि एसडीएम व शिक्षा विभाग के अधिकारी कॉलेज प्रशासन को बचाने की कोशिश कर रहा है।
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यह है मामला
थाना जहानाबाद के गांव अमखेड़ा निवासी नसीम अहमद का पुत्र अराज बरेली के गांव पिपरानानकार के डीएसआर कॉलेज में कक्षा यूकेजी का छात्र था। 15 दिसंबर को उसकी संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। घरवालों ने कॉलेज प्रशासन पर फीस जमा न करने पर पिटाई कर मार डालने का आरोप लगाया था।