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हत्यारोपियों के खून से सने कपड़े पुलिस ने नहीं किए बरामद
Bilsnda
Updated Fri, 11 Sep 2015 10:57 PM IST
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गांव मीरपुर हीरपुर में हुए दोहरे हत्याकांड के आठ दिन बीत गए, लेकिन पुलिस फरार पांचवें आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। पुलिस ने गिरफ्तार चार के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त धारदार हथियार बरामद होने का दावा किया, लेकिन आरोपियों के हत्या के बाद खून से सने कपड़े बरामद करने की जरूरत नहीं समझी।
ग्राम मीरपुर हीरपुर निवासी पूर्व प्रधान नेवाराम के पुत्र राजू और ओमकार की छेड़छाड़ की रंजिश के चलते हमलावरों ने खेत पर हत्या कर दी थी, जबकि हमलावरों ने पूर्व प्रधान को गंभीर रूप से घायल कर दिया था। पुलिस ने रामनरेश की ओर से गांव के ही सत्यपाल, अमरपाल, वीरपाल, गोपाली और अर्जित के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। पुलिस गोपाली को छोड़कर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से धारदार हथियार बरामद करने का भी दावा किया है। खास पहलू यह है कि पुलिस हत्यारोपियों के खून सने कपड़े अभी तक बरामद नहीं कर सकी है। पुलिस उन कपड़ों को बरामद करने का प्रयास करती भी दिखाई नहीं दे रही है। जानकारों का मानना है कि पुलिस की ऐसा न कर पुलिस आरोपियों को लाभ पहुंचा रही है।
घटना के तीन दिन बाद मुल्जिम गिरफ्तार किए गए थे। उनके कब्जे से आला कत्ल बरामद कर लिए गए हैं। आरोपियों ने भी पुलिस को दिए बयान में अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है। अन्य तमाम सबूत भी पुलिस के पास हैं। कपड़ा बरामदगी पुलिस ने जरूरी नहीं समझी।
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राजेश यादव, थानाध्यक्ष
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ग्राम मीरपुर हीरपुर निवासी पूर्व प्रधान नेवाराम के पुत्र राजू और ओमकार की छेड़छाड़ की रंजिश के चलते हमलावरों ने खेत पर हत्या कर दी थी, जबकि हमलावरों ने पूर्व प्रधान को गंभीर रूप से घायल कर दिया था। पुलिस ने रामनरेश की ओर से गांव के ही सत्यपाल, अमरपाल, वीरपाल, गोपाली और अर्जित के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। पुलिस गोपाली को छोड़कर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से धारदार हथियार बरामद करने का भी दावा किया है। खास पहलू यह है कि पुलिस हत्यारोपियों के खून सने कपड़े अभी तक बरामद नहीं कर सकी है। पुलिस उन कपड़ों को बरामद करने का प्रयास करती भी दिखाई नहीं दे रही है। जानकारों का मानना है कि पुलिस की ऐसा न कर पुलिस आरोपियों को लाभ पहुंचा रही है।
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घटना के तीन दिन बाद मुल्जिम गिरफ्तार किए गए थे। उनके कब्जे से आला कत्ल बरामद कर लिए गए हैं। आरोपियों ने भी पुलिस को दिए बयान में अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है। अन्य तमाम सबूत भी पुलिस के पास हैं। कपड़ा बरामदगी पुलिस ने जरूरी नहीं समझी।
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राजेश यादव, थानाध्यक्ष