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किसान के लापता बेटे की हत्या
ब्यूरो /पीलीभीत
Updated Tue, 01 Nov 2016 10:25 PM IST
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किसान के लापता बेटे की हत्या
- फोटो : पीलीभ्ाीत/उत्ततर प्रदेश्ा
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शुक्रवार शाम से लापता चल रहे चैतपुर गांव के निवासी किसान रामसहाय के 28 वर्षीय पुत्र मान सिंह का शव मुढ़ैलाकलां गांव में गन्ने के खेत में पड़ा मिला। शव काफी हद तक सड़ चुक था और पैंट उतरी हुई थी। चेहरा पूरी तरह से काला पड़ चुका था। एएसपी, सीओ सिटी ने मौका मुआयना कर परिवारीजनों से जानकारी जुटाई। परिवारीजनों के हत्या की आशंका जाहिर करने पर पुलिस ने छानबीन शुरू कर दी है।
गजरौला थाना क्षेत्र के चैतपुर गांव के रहने वाले किसान रामसहाय का 28 वर्षीय पुत्र मान सिंह 28 अक्तूबर को बिठौराकलां गांव में मेला देखने गया था। इसके बाद से उसका कोई सुराग नहीं लग रहा था। दो दिन तलाश के बाद भी न मिलने पर परिवारीजनों ने पुलिस को तहरीर दी थी। जिस पर पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज की थी। लापता होने के तीन दिन बाद मंगलवार सुबह मान सिंह का शव मकान से करीब एक किलोमीटर दूर मुढ़ैलाकलां गांव में गन्ने के खेत में पड़ा मिला। शव अर्ध नग्न हालत में था और काफी सड़ चुका था। चेहरा पूरी तरह से काला पड़ा होने पर परिवारीजन चेहरे पर काला तेल लगा होने की आशंका व्यक्त कर रहे थे। ग्रामीणों से जानकारी मिलने पर परिवार वाले मौके पर पहुंचे और शव की शिनाख्त मान सिंह के रुप में की। इसकी सूचना मिलने पर एसओ गजरौला रेहान खां मौके पर पहुंचे। कुछ ही देर में एएसपी रामसुरेश यादव, सीओ सिटी निर्मल कुमार विष्ट भी मौका मुआयना करने पहुंच गए। प्रथम दृष्टया मामला हत्या का प्रतीत होने पर पुलिस ने परिवारीजनों से जानकारी जुटाने के प्रयास किए। इस दौरान घर वालों ने हत्या की आशंका तो जाहिर की, लेकिन किसी तरह की रंजिश से साफ इंकार किया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर कार्रवाई शुरू कर दी है।
पहले देरी से पहुंचे, फिर दिखाई लापरवाही
एक ओर थाना पुलिस से लेकर अफसर सभी घटना का जल्द खुलासे का भरोसा दिला रहे हैं। वहीं लापरवाही भी जारी रही। बताते है कि खेत में शव मिलने की सूचना पुलिस को करीब साढ़े सात बजे दे दी गई थी, लेकिन पांच किलोमीटर की दूरी तय करने में पुलिस को तीन घंटे का समय लग गया। इसके बाद फील्ड यूनिट और डॉग स्क्वायड को मौके पर बुलाने की भी जहमत नहीं उठाई गई।
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...तो मारपीट के दौरान तो नहीं हुई हत्या!
आसपास के ग्रामीणों से बातचीत करने पर पुलिस को पता लगा है कि शुक्रवार को बिठौराकलां में लगे मेले में दो गांवों के युवकों के बीच जमकर विवाद हुआ था। दोनों पक्षों में मारपीट हुई थी। ऐसे में विवाद के दौरान मान सिंह की हत्या तो नहीं कर दी गई। इस पहलू पर भी पुलिस जांच कर रही है।
गुमशुदगी को हत्या में किया तरमीम
लापता होने के बाद मृतक के पिता रामसहाय की तहरीर पर पुलिस पहले ही गुमशुदगी दर्ज कर चुकी है। ऐसे में अब लाश मिलने के बाद कार्रवाई को आगे बढ़ाया गया है। एसओ रेहान खां ने बताया कि दर्ज की गई गुमशुदगी को अज्ञात के खिलाफ हत्या की धाराओं में तरमीम किया गया है।
तीन महीने पहले हुई थी मान सिंह की शादी
मृतक मान सिंह बेहद सीधा स्वभाव का युवक था। उसका किसी से कोई विवाद नहीं था। बोलने में भी उसको दिक्कत रहती थी। उसका एक छोटा भाई 12 वर्षीय रामरतन है। तीन बहने है, जिसमें से दो की शादी हो चुकी है। परिवार की दस बीघा जमीन पिता रामसहाय के नाम है। इसका भी कोई विवाद नहंी था। अभी तीन महीने पहले 12 जुलाई को उसकी शादी दियोरियाकलां कोतवाली क्षेत्र के मनकापुर गांव निवासी पिंकी देवी से हुई थी। उसके लापता होने के बाद लाश मिलने की खबर का पता लगते ही पत्नी पिंकीदेवी और मां वेदमती का रो-रोकर बुरा हाल है।
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गजरौला थाना क्षेत्र के चैतपुर गांव के रहने वाले किसान रामसहाय का 28 वर्षीय पुत्र मान सिंह 28 अक्तूबर को बिठौराकलां गांव में मेला देखने गया था। इसके बाद से उसका कोई सुराग नहीं लग रहा था। दो दिन तलाश के बाद भी न मिलने पर परिवारीजनों ने पुलिस को तहरीर दी थी। जिस पर पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज की थी। लापता होने के तीन दिन बाद मंगलवार सुबह मान सिंह का शव मकान से करीब एक किलोमीटर दूर मुढ़ैलाकलां गांव में गन्ने के खेत में पड़ा मिला। शव अर्ध नग्न हालत में था और काफी सड़ चुका था। चेहरा पूरी तरह से काला पड़ा होने पर परिवारीजन चेहरे पर काला तेल लगा होने की आशंका व्यक्त कर रहे थे। ग्रामीणों से जानकारी मिलने पर परिवार वाले मौके पर पहुंचे और शव की शिनाख्त मान सिंह के रुप में की। इसकी सूचना मिलने पर एसओ गजरौला रेहान खां मौके पर पहुंचे। कुछ ही देर में एएसपी रामसुरेश यादव, सीओ सिटी निर्मल कुमार विष्ट भी मौका मुआयना करने पहुंच गए। प्रथम दृष्टया मामला हत्या का प्रतीत होने पर पुलिस ने परिवारीजनों से जानकारी जुटाने के प्रयास किए। इस दौरान घर वालों ने हत्या की आशंका तो जाहिर की, लेकिन किसी तरह की रंजिश से साफ इंकार किया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर कार्रवाई शुरू कर दी है।
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पहले देरी से पहुंचे, फिर दिखाई लापरवाही
एक ओर थाना पुलिस से लेकर अफसर सभी घटना का जल्द खुलासे का भरोसा दिला रहे हैं। वहीं लापरवाही भी जारी रही। बताते है कि खेत में शव मिलने की सूचना पुलिस को करीब साढ़े सात बजे दे दी गई थी, लेकिन पांच किलोमीटर की दूरी तय करने में पुलिस को तीन घंटे का समय लग गया। इसके बाद फील्ड यूनिट और डॉग स्क्वायड को मौके पर बुलाने की भी जहमत नहीं उठाई गई।
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...तो मारपीट के दौरान तो नहीं हुई हत्या!
आसपास के ग्रामीणों से बातचीत करने पर पुलिस को पता लगा है कि शुक्रवार को बिठौराकलां में लगे मेले में दो गांवों के युवकों के बीच जमकर विवाद हुआ था। दोनों पक्षों में मारपीट हुई थी। ऐसे में विवाद के दौरान मान सिंह की हत्या तो नहीं कर दी गई। इस पहलू पर भी पुलिस जांच कर रही है।
गुमशुदगी को हत्या में किया तरमीम
लापता होने के बाद मृतक के पिता रामसहाय की तहरीर पर पुलिस पहले ही गुमशुदगी दर्ज कर चुकी है। ऐसे में अब लाश मिलने के बाद कार्रवाई को आगे बढ़ाया गया है। एसओ रेहान खां ने बताया कि दर्ज की गई गुमशुदगी को अज्ञात के खिलाफ हत्या की धाराओं में तरमीम किया गया है।
तीन महीने पहले हुई थी मान सिंह की शादी
मृतक मान सिंह बेहद सीधा स्वभाव का युवक था। उसका किसी से कोई विवाद नहीं था। बोलने में भी उसको दिक्कत रहती थी। उसका एक छोटा भाई 12 वर्षीय रामरतन है। तीन बहने है, जिसमें से दो की शादी हो चुकी है। परिवार की दस बीघा जमीन पिता रामसहाय के नाम है। इसका भी कोई विवाद नहंी था। अभी तीन महीने पहले 12 जुलाई को उसकी शादी दियोरियाकलां कोतवाली क्षेत्र के मनकापुर गांव निवासी पिंकी देवी से हुई थी। उसके लापता होने के बाद लाश मिलने की खबर का पता लगते ही पत्नी पिंकीदेवी और मां वेदमती का रो-रोकर बुरा हाल है।