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देवी मेला में दरोगा को जमकर पीटा
ब्यूरो पीलीभीत।
Updated Sat, 16 Apr 2016 10:51 PM IST
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दलित की पिटाई
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चाय को लेकर कुछ लोगों से हुआ विवाद
कोतवाल ने अधिकारियों से छिपाई घटना
मामले की जांच सीओ सिटी को सौंपी
यशवंतरी देवी मंदिर परिसर में लगे मेला में शहर कोतवाली में तैनात दरोगा धर्मेंद्र कुमार का चाय को लेकर कुछ लोगों से विवाद हो गया। वर्दी का रौब दिखाते हुए दरोगा ने इन लोगों से अभद्रता की तो उन्होंने दरोगा को जमकर धुन दिया। इज्जत बचाने के लिए पुलिस मामले को दबाने में जुट गई है। इसकी जानकारी अधिकारियों को भी नहीं दी गई, लेकिन जब मामला उजागर हुआ तो शहर कोतवाली पुलिस ने आनन-फानन में घायल दरोगा का मेडिकल परीक्षण कराया। मेडिकल में दरोगा की गर्दन, हाथों पर चोटें पाई गई हैं, हालांकि एएसपी का कहना है कि पिटाई नहीं हुई है, दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई थी। एसपी ने मामले की जांच सीओ सिटी को सौंपी है।
दरोगा धर्मेंद्र कुमार शहर कोतवाली में तैनात हैं। ऐतिहासिक मां यशवंतरी देवी मंदिर में लगे मेले में उनकी ड्यूटी लगी है। मंदिर के सेवादारों को कुछ लोग चाय बनाकर पिला रहे थे। इसी बीच दरोगा अपने एक अन्य साथी के साथ वहां पहुंचा और दो चाय मंगाई। कुछ देर बाद दरोगा के परिचित तीन लोग और पहुंच गए। दरोगा ने उनके लिए भी चाय भेजने को कहा तो चाय बांट रहे एक व्यक्ति ने खुद आकर चाय ले जाने की बात कही। इस पर दरोगा का पारा चढ़ गया। उसने वर्दी का रौब झाड़ते हुए अभद्रता शुरू कर दी। यह बात वहां मौजूद लोगों को नागवार गुजरी और वे भड़क गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक गुस्साए लोगों ने दरोगा की जमकर पिटाई कर दी। इससे मेले में अफरा-तफरी मच गई। खबर मिलने पर शहर कोतवाल बीके गौतम अन्य पुलिस वालों के साथ मौके पर पहुंचे और किसी तरह से समझाबुझाकर लोगों के चंगुल से दरोगा को मुक्त कराया। मौके की नजाकत को देखते हुए कोतवाल ने दरोगा को डांटडपट कर वहां से भगा दिया।
शहर कोतवाल ने इस पूरे मामले को दबाने की कोशिश की। यहां तक कि अधिकारियों को भी घटना की जानकारी नहीं दी। शनिवार को जब मामला एएसपी और एसपी के संज्ञान में आया तो शहर कोतवाल ने मामूली कहासुनी होने की बात बताई। हालांकि पुलिस ने पिटाई से घायल दरोगा का मेडिकल परीक्षण कराया है। पुलिस ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है। एसपी ने पूरे मामले की जांच सीओ सिटी निर्मल कुमार विष्ट को सौंपी है। दरोगा का मेडिकल करने वाले जिला अस्पताल के डॉक्टर केके वर्मा ने बताया कि दरोगा के हाथ और गर्दन सहित शरीर के कई हिस्सों पर चोटें मिली हैं। सीओ सिटी ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
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सीसीटीवी फुटेज खंगालेगी पुलिस
खुराफातियों पर नजर रखने के लिए मंदिर के पास और मेले में कई स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। मामला उजागर होने पर पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज खंगालेगी। फुटेज और सीओ की जांच के बाद पुलिस आरोपियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई का मन बना रही है।
शहर कोतवाल ने जानकारी दी है कि मेले में कुछ लड़के बदमाशी कर रहे थे। दरोगा ने जब मना किया तो लड़के उनसे भिड़ गए। मारपीट की बात गलत है। मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद रिपोर्ट दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
-विकास कुमार वैद्य, एएसपी
कोतवाल ने अधिकारियों से छिपाई घटना
मामले की जांच सीओ सिटी को सौंपी
यशवंतरी देवी मंदिर परिसर में लगे मेला में शहर कोतवाली में तैनात दरोगा धर्मेंद्र कुमार का चाय को लेकर कुछ लोगों से विवाद हो गया। वर्दी का रौब दिखाते हुए दरोगा ने इन लोगों से अभद्रता की तो उन्होंने दरोगा को जमकर धुन दिया। इज्जत बचाने के लिए पुलिस मामले को दबाने में जुट गई है। इसकी जानकारी अधिकारियों को भी नहीं दी गई, लेकिन जब मामला उजागर हुआ तो शहर कोतवाली पुलिस ने आनन-फानन में घायल दरोगा का मेडिकल परीक्षण कराया। मेडिकल में दरोगा की गर्दन, हाथों पर चोटें पाई गई हैं, हालांकि एएसपी का कहना है कि पिटाई नहीं हुई है, दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई थी। एसपी ने मामले की जांच सीओ सिटी को सौंपी है।
दरोगा धर्मेंद्र कुमार शहर कोतवाली में तैनात हैं। ऐतिहासिक मां यशवंतरी देवी मंदिर में लगे मेले में उनकी ड्यूटी लगी है। मंदिर के सेवादारों को कुछ लोग चाय बनाकर पिला रहे थे। इसी बीच दरोगा अपने एक अन्य साथी के साथ वहां पहुंचा और दो चाय मंगाई। कुछ देर बाद दरोगा के परिचित तीन लोग और पहुंच गए। दरोगा ने उनके लिए भी चाय भेजने को कहा तो चाय बांट रहे एक व्यक्ति ने खुद आकर चाय ले जाने की बात कही। इस पर दरोगा का पारा चढ़ गया। उसने वर्दी का रौब झाड़ते हुए अभद्रता शुरू कर दी। यह बात वहां मौजूद लोगों को नागवार गुजरी और वे भड़क गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक गुस्साए लोगों ने दरोगा की जमकर पिटाई कर दी। इससे मेले में अफरा-तफरी मच गई। खबर मिलने पर शहर कोतवाल बीके गौतम अन्य पुलिस वालों के साथ मौके पर पहुंचे और किसी तरह से समझाबुझाकर लोगों के चंगुल से दरोगा को मुक्त कराया। मौके की नजाकत को देखते हुए कोतवाल ने दरोगा को डांटडपट कर वहां से भगा दिया।
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शहर कोतवाल ने इस पूरे मामले को दबाने की कोशिश की। यहां तक कि अधिकारियों को भी घटना की जानकारी नहीं दी। शनिवार को जब मामला एएसपी और एसपी के संज्ञान में आया तो शहर कोतवाल ने मामूली कहासुनी होने की बात बताई। हालांकि पुलिस ने पिटाई से घायल दरोगा का मेडिकल परीक्षण कराया है। पुलिस ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है। एसपी ने पूरे मामले की जांच सीओ सिटी निर्मल कुमार विष्ट को सौंपी है। दरोगा का मेडिकल करने वाले जिला अस्पताल के डॉक्टर केके वर्मा ने बताया कि दरोगा के हाथ और गर्दन सहित शरीर के कई हिस्सों पर चोटें मिली हैं। सीओ सिटी ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
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सीसीटीवी फुटेज खंगालेगी पुलिस
खुराफातियों पर नजर रखने के लिए मंदिर के पास और मेले में कई स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। मामला उजागर होने पर पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज खंगालेगी। फुटेज और सीओ की जांच के बाद पुलिस आरोपियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई का मन बना रही है।
शहर कोतवाल ने जानकारी दी है कि मेले में कुछ लड़के बदमाशी कर रहे थे। दरोगा ने जब मना किया तो लड़के उनसे भिड़ गए। मारपीट की बात गलत है। मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद रिपोर्ट दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
-विकास कुमार वैद्य, एएसपी