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एक साल तक बेटी को बनाता रहा हवस का शिकार
पीलीभीत/न्यूरिया।
Updated Wed, 03 Jun 2015 11:46 PM IST
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थाना न्यूरिया क्षेत्र में पिता और बेटी के पवित्र रिश्ते को कलंकित करने वाली घटना सामने आई है। थाना क्षेत्र के गांव का एक व्यक्ति अपनी 18 वर्षीय बेटी को साल भर से हवस का शिकार बनाता रहा। जुल्म की इंतहा होने पर पीड़ित ने बाप के काले करतूतों की शिकायत सौतेले भाई से की और उसके साथ थाने पहुंचकर पुलिस को तहरीर दी। पुलिस ने मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर दुराचार व मारपीट करने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया है।
आरोपी पिता करीब एक साल से अपनी बेटी को काम के बहाने खेतों में ले जाता था और उसके साथ दुराचार करता था। बाद में किसी से कुछ बताने पर जान से मार डालने की धमकी भी देता था। इस डर के कारण वह चुप रही। पीड़ित ने बताया कि मंगलवार को भी पिता ने उसके साथ शारीरिक संबंध बनाने की कोशिश की, लेकिन उसने इंकार कर दिया।
इससे गुस्साए आरोपी ने उसकी पिटाई कर दी। युवती ने अपने 20 वर्षीय सौतेले भाई को पूरी बात बताई और उसके साथ मंगलवार की रात करीब 10 बजे थाना पहुंचकर पुलिस को पूरे मामले की जानकारी दी। एसओ विनय कुमार सरोज ने रात में ही छापा मारकर आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया। युवती के अदालत में कलम बंद बयान कराए गए हैं।
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युवती सौतेले भाई के साथ थाने गई थी। उसने अपने पिता पर साल भर से शारीरिक संबंध बनाने की शिकायत की थी। युवती का मेडिकल परीक्षण कराया गया था। जिसके आधार पर दुराचार व मारपीट की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है। आरोपी को गिरफ्तार कर चालान भेजा गया है।
जेके शाही, एसपी
मां के न रहने का पिता ने उठाया फायदा
पीलीभीत। थाना न्यूरिया क्षेत्र में समाज और मानवता को बेहद शर्मसार करने वाले मामले में जो बात उभर कर सामने आई है उससे यह प्रतीत होता है कि आरोपी के अंदर पत्नी (पीड़ित की मां) की हत्या के मामले में जेल जाने का मलाल था। इसी मलाल और रंजिश के चलते ही वह बेटी को हवस का शिकार बनाता रहा।
थाना न्यूरिया के एक गांव में रहने वाले आरोपी ने गांव की ही एक बेवा महिला से विवाह किया था। महिला अपने पहले पति से पैदा हुए चार वर्षीय बेटे को लेकर आरोपी के साथ रहने लगी थी। उसने आरोपी से एक बेटी (जो अब दुराचार पीड़ित है) को जन्म दिया। वर्ष 2003 में उसकी गला दबाकर हत्या कर दी गई थी।
इस मामले में पुलिस ने मृतका के पति (दुराचार का आरोपी) पर ही उसकी हत्या का आरोप लगाते हुए जेल भेजा था। हालांकि कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में आरोपी को दोषमुक्त कर दिया था। जेल से छूटने के बाद दुराचार के आरोपी पिता ने बंगाल की एक महिला से दूसरी शादी कर ली। जिससे चार साल का एक बेटा है।
पुलिस व लोगों का मानना है कि पत्नी की हत्या के मामले में जेल जा चुका पिता पहली पत्नी से पैदा हुई बेटी (दुराचार पीड़ित) से अंदरूनी रंजिश मानने लगा और और उसे धमकी देकर उसे अपनी हवस का शिकार बनाता रहा। युवती भी मां की हत्या के आरोप में जेल जा चुके दरिंदे पिता से डरती रही।
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आरोपी पिता करीब एक साल से अपनी बेटी को काम के बहाने खेतों में ले जाता था और उसके साथ दुराचार करता था। बाद में किसी से कुछ बताने पर जान से मार डालने की धमकी भी देता था। इस डर के कारण वह चुप रही। पीड़ित ने बताया कि मंगलवार को भी पिता ने उसके साथ शारीरिक संबंध बनाने की कोशिश की, लेकिन उसने इंकार कर दिया।
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इससे गुस्साए आरोपी ने उसकी पिटाई कर दी। युवती ने अपने 20 वर्षीय सौतेले भाई को पूरी बात बताई और उसके साथ मंगलवार की रात करीब 10 बजे थाना पहुंचकर पुलिस को पूरे मामले की जानकारी दी। एसओ विनय कुमार सरोज ने रात में ही छापा मारकर आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया। युवती के अदालत में कलम बंद बयान कराए गए हैं।
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युवती सौतेले भाई के साथ थाने गई थी। उसने अपने पिता पर साल भर से शारीरिक संबंध बनाने की शिकायत की थी। युवती का मेडिकल परीक्षण कराया गया था। जिसके आधार पर दुराचार व मारपीट की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है। आरोपी को गिरफ्तार कर चालान भेजा गया है।
जेके शाही, एसपी
मां के न रहने का पिता ने उठाया फायदा
पीलीभीत। थाना न्यूरिया क्षेत्र में समाज और मानवता को बेहद शर्मसार करने वाले मामले में जो बात उभर कर सामने आई है उससे यह प्रतीत होता है कि आरोपी के अंदर पत्नी (पीड़ित की मां) की हत्या के मामले में जेल जाने का मलाल था। इसी मलाल और रंजिश के चलते ही वह बेटी को हवस का शिकार बनाता रहा।
थाना न्यूरिया के एक गांव में रहने वाले आरोपी ने गांव की ही एक बेवा महिला से विवाह किया था। महिला अपने पहले पति से पैदा हुए चार वर्षीय बेटे को लेकर आरोपी के साथ रहने लगी थी। उसने आरोपी से एक बेटी (जो अब दुराचार पीड़ित है) को जन्म दिया। वर्ष 2003 में उसकी गला दबाकर हत्या कर दी गई थी।
इस मामले में पुलिस ने मृतका के पति (दुराचार का आरोपी) पर ही उसकी हत्या का आरोप लगाते हुए जेल भेजा था। हालांकि कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में आरोपी को दोषमुक्त कर दिया था। जेल से छूटने के बाद दुराचार के आरोपी पिता ने बंगाल की एक महिला से दूसरी शादी कर ली। जिससे चार साल का एक बेटा है।
पुलिस व लोगों का मानना है कि पत्नी की हत्या के मामले में जेल जा चुका पिता पहली पत्नी से पैदा हुई बेटी (दुराचार पीड़ित) से अंदरूनी रंजिश मानने लगा और और उसे धमकी देकर उसे अपनी हवस का शिकार बनाता रहा। युवती भी मां की हत्या के आरोप में जेल जा चुके दरिंदे पिता से डरती रही।