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पीड़िता का पांच दिन बाद भी नहीं हुई मेडिकल जांच
पीलीभीत।
Updated Sun, 05 Apr 2015 11:54 PM IST
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गैंगरेप
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पीड़िता किशोरी के मामले अस्पताल कर्मचारियों व पुलिस की लापरवाही से
रविवार की शाम तक भी पीड़िता बरेली से रेफर होकर पीलीभीत जिला महिला
अस्पताल नहीं पहुंची। जिससे उसकी अभी तक मेडिको लीगल सप्लीमेंट्री नहीं बन
सकी है। उधर पुलिस ने दूसरे आरोपी मंगल को तो हिरास में ले लिया है, लेकिन
इस मामले में लिप्त अन्य लोगों की तलाश करने के झंझट से बचने के लिए पुलिस
की जांच अपने ढर्रे पर चल रही है।
यही वजह है कि पीड़िता किशोरी व उसकी मां के चिल्ला चिल्ला कर सात लोगों के मामले में शामिल होने की बात कहने के बाद भी पुलिस अपनी जांच किशोरी द्वारा पहचाने गए दो आरोपियों तक ही सीमित है। पुलिस दूसरे आरोपी को हिरासत में लेकर इस घटना का पटाक्षेप करने की तैयारी में है।
पहली अप्रैल को गैंगरेप का शिकार हुई शहर निवासी एक 14 वर्षीय किशोरी के मामले में पुलिस का रवैया शुरू से ही गैर जिम्मेदराना रहा है। पुलिस ने पीलीभीत में पहले उसका मेडिकोलीगल नहीं कराया। बाद में बरेली जिला चिकित्सालय डॉक्टरों ने भी उसका मेडिको लीगल करने से हाथ खड़े कर दिए। उनका कहना था कि किशोरी का प्राथमिक उपचार पीलीभीत महिला चिकित्सालय में हुआ है वहीं मेडिकोलीगल सप्लीमेंट्री रिपोर्ट भी तैयार होगी।
इसके लिए किशोरी को शनिवार रात तक पीलीभीत आने की बात थी, लेकिन रविवार देर सायं तक किशोरी पीलीभीत नहीं पहुंची। इसके चलते घटना के पांच दिन बांद भी किशोरी की मेडिकोलीगल सप्लीमेंट्री रिपोर्ट नहीं तैयार हो सकी।
दूसरा आरोपी भी गिरफ्तार
सुनगढ़ी कोतवाल ने बताया कि किशोरी ने जिस दूसरे युवक को पहचाना था उसे हिरासत में लेकर उससे पूछताछ शुरू कर दी गई है। उसके कपड़े आदि भी कब्जे में लेकर जांच को भेजे जा रहे हैं। विवेचक अमित कुमार सिंह ने बताया कि किशोरी और उसकी मां अब घटना में दो लोगों (एक जो पहले जेल जा चुका व दूसरा जो हिरासत में लिया गया) के ही शामिल होने की बात कही है।
जबकि किशोरी व उसकी मां अभी भी घटना में सात लोगों के शामिल होने की बात कह रहे हैं। इससे साफ जाहिर है कि पुलिस इस घटना में शामिल पांच अन्य अज्ञात युवकों को तलाशना करने के बजाय इन दोनों को जेल भेज घटना का पटाक्षेप करना चाहती है।
बहन से अवैध संबंधों के चलते तो नहीं हुई घटना
प्रभारी निरीक्षक बृजेश सिंह ने बताया कि किशोरी के साथ हुए गैंगरेप के मामले में जांच के दौरान यह बात प्रकाश में आई है कि किशोरी के मामले में एक आरोपी के बहन के संबंध किशोरी के भाई से थे। जिसकी शादी घटना में शामिल दूसरे आरोपी से हो चुकी है। पुलिस को शक है कि कहीं इसी के चलते किशोरी के साथ गैंगरेप की घटना तो नहीं घटित हुई। पुलिस इस थ्योरी पर भी अपनी जांच कर रही है।
यही वजह है कि पीड़िता किशोरी व उसकी मां के चिल्ला चिल्ला कर सात लोगों के मामले में शामिल होने की बात कहने के बाद भी पुलिस अपनी जांच किशोरी द्वारा पहचाने गए दो आरोपियों तक ही सीमित है। पुलिस दूसरे आरोपी को हिरासत में लेकर इस घटना का पटाक्षेप करने की तैयारी में है।
पहली अप्रैल को गैंगरेप का शिकार हुई शहर निवासी एक 14 वर्षीय किशोरी के मामले में पुलिस का रवैया शुरू से ही गैर जिम्मेदराना रहा है। पुलिस ने पीलीभीत में पहले उसका मेडिकोलीगल नहीं कराया। बाद में बरेली जिला चिकित्सालय डॉक्टरों ने भी उसका मेडिको लीगल करने से हाथ खड़े कर दिए। उनका कहना था कि किशोरी का प्राथमिक उपचार पीलीभीत महिला चिकित्सालय में हुआ है वहीं मेडिकोलीगल सप्लीमेंट्री रिपोर्ट भी तैयार होगी।
इसके लिए किशोरी को शनिवार रात तक पीलीभीत आने की बात थी, लेकिन रविवार देर सायं तक किशोरी पीलीभीत नहीं पहुंची। इसके चलते घटना के पांच दिन बांद भी किशोरी की मेडिकोलीगल सप्लीमेंट्री रिपोर्ट नहीं तैयार हो सकी।
दूसरा आरोपी भी गिरफ्तार
सुनगढ़ी कोतवाल ने बताया कि किशोरी ने जिस दूसरे युवक को पहचाना था उसे हिरासत में लेकर उससे पूछताछ शुरू कर दी गई है। उसके कपड़े आदि भी कब्जे में लेकर जांच को भेजे जा रहे हैं। विवेचक अमित कुमार सिंह ने बताया कि किशोरी और उसकी मां अब घटना में दो लोगों (एक जो पहले जेल जा चुका व दूसरा जो हिरासत में लिया गया) के ही शामिल होने की बात कही है।
जबकि किशोरी व उसकी मां अभी भी घटना में सात लोगों के शामिल होने की बात कह रहे हैं। इससे साफ जाहिर है कि पुलिस इस घटना में शामिल पांच अन्य अज्ञात युवकों को तलाशना करने के बजाय इन दोनों को जेल भेज घटना का पटाक्षेप करना चाहती है।
बहन से अवैध संबंधों के चलते तो नहीं हुई घटना
प्रभारी निरीक्षक बृजेश सिंह ने बताया कि किशोरी के साथ हुए गैंगरेप के मामले में जांच के दौरान यह बात प्रकाश में आई है कि किशोरी के मामले में एक आरोपी के बहन के संबंध किशोरी के भाई से थे। जिसकी शादी घटना में शामिल दूसरे आरोपी से हो चुकी है। पुलिस को शक है कि कहीं इसी के चलते किशोरी के साथ गैंगरेप की घटना तो नहीं घटित हुई। पुलिस इस थ्योरी पर भी अपनी जांच कर रही है।