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खेत पर गए युवक का अपहरण
पीलीभीत
Updated Fri, 19 Feb 2016 11:17 PM IST
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गेहूं की फसल देखने गए थाना जहानाबाद के गांव गौनेरीबदी निवासी 20 वर्षीय गुड्डू का अपहरण कर लिया गया। घर वालों ने एसपी से मिलकर गांव के ही तीन लोगों पर अपहरण का आरोप लगाया है। एसपी ने तीनों आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर गायब युवक को बरामद करने के निर्देश एसओ को दिए हैं। उधर, कॉल डिटेल और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस घटना को संदिग्ध मान रही है।
गांव गौनेरीबदी निवासी रिफाकत अपनी मां मुन्नी बेगम और पिता शराफत के साथ पुलिस लाइन पहुंचा। एसपी के कैंप कार्यालय के सामने मुन्नी बेगम सड़क पर लेट गईं और दहाड़े मारकर चीखने लगीं। इससे पुलिस लाइन में हड़कंप मच गया। एसपी ने मुन्नी बेगम और उनके पति को बुलाकर घटना की जानकारी ली। रिफाकत ने उन्हें बताया कि चार दिन पहले गांव के कुछ लोगों ने उनकी गेहूं की फसल से होकर ट्रैक्टर ट्रॉली निकाली थी। इससे काफी फसल बर्बाद हो गई। छोटे भाई गुड्डू ने जब विरोध किया तो आरोपियों ने उसका अपहरण करने और जान से मारने की धमकी दी थी। 18 फरवरी को गुड्डू फसल देखने के लिए दोपहर करीब दो बजे घर से निकला था। शाम 6.48 बजे रिफाकत के मोबाइल पर गुड्डू की कॉल आई। फोन रिसीव करने पर गुड्डू की आवाज आई। वह किसी से कह रहा था कि मुझे क्यों उठाकर ले जा रहे हो। किसने तुम्हें पैसे दिए हैं। इसके बाद फोन कट गया। इसके करीब आधे घंटे बाद भतीजे शाहरूख को कॉल की गई और कहा गया कि घर पर बात करा दो। इसके बाद गुड्डू का मोबाइल स्विच ऑफ हो गया। एसपी ने एसओ को मामले की रिपोर्ट दर्ज कर युवक को बरामद करने के आदेश दिए हैं। एसओ दुर्गेश मिश्र ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मामला चुनावी रंजिश को लेकर झूठा फंसाने का प्रतीत हो रहा है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
परिस्थितिजन्य साक्ष्य झुठला रहे अपहरण की कहानी
पीलीभीत। गांव गौनेरीबदी निवासी गुड्डू के अपहरण का मामला लोगों के भी गले नहीं उतर रहा है। पुलिस जांच और परिस्थितिजन्य साक्ष्य भी परिवार वालों के दावों पर सवालिया निशान लगा रहे हैं। हालांकि पुलिस ने कॉल डिटेल निकलवाकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
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अपहृत युवक के भाई रिफाकत के मुताबिक, गुड्डू के मोबाइल से उसके मोबाइल पर 6.48 बजे कॉल आई थी। इसके करीब आधे घंटा बाद उसके भतीजे शाहरूख के मोबाइल पर कॉल कर गुड्डू ने घर बात कराने को कहा था। अब सवाल यह उठता है कि यदि उसका अपहरण किया गया तो अपहरणकर्ताओं ने उसका मोबाइल अपने कब्जे में क्यों नहीं लिया। उसे जब कॉल करने का वक्त मिल ही गया था तो उसने अपहरणकर्ताओं के नाम क्यों नहीं बताए। एसओ दुर्गेश मिश्र की मानें तो मोबाइल कॉल डिटेल के मुताबिक गुड्डू की लोकेशन बरेली में बदायूं रोड पर स्थित एक पेट्रोल पंप के आसपास की मिली है। पुलिस कॉल डिटेल और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर घटना को संदिग्ध मान रही है।
भाई के बयान भी विरोधाभाषी
पुलिस लाइन में रिफाकत ने पत्रकारों को बताया कि उसके और उसके चचेरे भाई के मोबाइल पर दोनों बार आई कालों की रिकार्डिंग है। जब उससे रिकार्डिंग सुनाने के कहा गया तो उसका कहना था कि मोबाइल घर पर छूट गया है। करीब 20 मिनट बाद उसने अपना बयान बदल दिया। बोला, उसके मोबाइल की रिकार्डिंग डिलीट हो गई है, जबकि उसके चचेरे भाई के मोबाइल में रिकार्डिंग मौजूद है।
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गांव गौनेरीबदी निवासी रिफाकत अपनी मां मुन्नी बेगम और पिता शराफत के साथ पुलिस लाइन पहुंचा। एसपी के कैंप कार्यालय के सामने मुन्नी बेगम सड़क पर लेट गईं और दहाड़े मारकर चीखने लगीं। इससे पुलिस लाइन में हड़कंप मच गया। एसपी ने मुन्नी बेगम और उनके पति को बुलाकर घटना की जानकारी ली। रिफाकत ने उन्हें बताया कि चार दिन पहले गांव के कुछ लोगों ने उनकी गेहूं की फसल से होकर ट्रैक्टर ट्रॉली निकाली थी। इससे काफी फसल बर्बाद हो गई। छोटे भाई गुड्डू ने जब विरोध किया तो आरोपियों ने उसका अपहरण करने और जान से मारने की धमकी दी थी। 18 फरवरी को गुड्डू फसल देखने के लिए दोपहर करीब दो बजे घर से निकला था। शाम 6.48 बजे रिफाकत के मोबाइल पर गुड्डू की कॉल आई। फोन रिसीव करने पर गुड्डू की आवाज आई। वह किसी से कह रहा था कि मुझे क्यों उठाकर ले जा रहे हो। किसने तुम्हें पैसे दिए हैं। इसके बाद फोन कट गया। इसके करीब आधे घंटे बाद भतीजे शाहरूख को कॉल की गई और कहा गया कि घर पर बात करा दो। इसके बाद गुड्डू का मोबाइल स्विच ऑफ हो गया। एसपी ने एसओ को मामले की रिपोर्ट दर्ज कर युवक को बरामद करने के आदेश दिए हैं। एसओ दुर्गेश मिश्र ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मामला चुनावी रंजिश को लेकर झूठा फंसाने का प्रतीत हो रहा है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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परिस्थितिजन्य साक्ष्य झुठला रहे अपहरण की कहानी
पीलीभीत। गांव गौनेरीबदी निवासी गुड्डू के अपहरण का मामला लोगों के भी गले नहीं उतर रहा है। पुलिस जांच और परिस्थितिजन्य साक्ष्य भी परिवार वालों के दावों पर सवालिया निशान लगा रहे हैं। हालांकि पुलिस ने कॉल डिटेल निकलवाकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
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अपहृत युवक के भाई रिफाकत के मुताबिक, गुड्डू के मोबाइल से उसके मोबाइल पर 6.48 बजे कॉल आई थी। इसके करीब आधे घंटा बाद उसके भतीजे शाहरूख के मोबाइल पर कॉल कर गुड्डू ने घर बात कराने को कहा था। अब सवाल यह उठता है कि यदि उसका अपहरण किया गया तो अपहरणकर्ताओं ने उसका मोबाइल अपने कब्जे में क्यों नहीं लिया। उसे जब कॉल करने का वक्त मिल ही गया था तो उसने अपहरणकर्ताओं के नाम क्यों नहीं बताए। एसओ दुर्गेश मिश्र की मानें तो मोबाइल कॉल डिटेल के मुताबिक गुड्डू की लोकेशन बरेली में बदायूं रोड पर स्थित एक पेट्रोल पंप के आसपास की मिली है। पुलिस कॉल डिटेल और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर घटना को संदिग्ध मान रही है।
भाई के बयान भी विरोधाभाषी
पुलिस लाइन में रिफाकत ने पत्रकारों को बताया कि उसके और उसके चचेरे भाई के मोबाइल पर दोनों बार आई कालों की रिकार्डिंग है। जब उससे रिकार्डिंग सुनाने के कहा गया तो उसका कहना था कि मोबाइल घर पर छूट गया है। करीब 20 मिनट बाद उसने अपना बयान बदल दिया। बोला, उसके मोबाइल की रिकार्डिंग डिलीट हो गई है, जबकि उसके चचेरे भाई के मोबाइल में रिकार्डिंग मौजूद है।