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अब खुद भरकर देना होगा पुरानी तैनाती का विवरण
Updated Sat, 24 Jun 2017 05:19 PM IST
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पीलीभीत। एक दिन पूर्व री-पोस्टिंग पर तैनाती पाने वाले 67 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर करने के बाद थाना स्तर से लेकर अफसरों के कार्यालयों में री-पोस्टिंग रोकने के लिए एसपी देवरंजन वर्मा ने अनूठा कदम उठाया है। जिसमें पुलिसकर्मियों को जनपद में अपनी पूर्व की समस्त तैनातियों का ब्योरा खुद लिखकर देना होगा। पीलीभी तैनाती स्व-प्रमाण पत्र स्कीम लागू कर सभी को प्रमाण पत्र भरने के लिए मुहैया करा दिए गए है। इसको जमा न करने वाले पुलिसकर्मियों का जून माह का वेतन रोका जाएगा।
पिछले काफी समय में ऐसा कई बार सामने आया है कि एक ही पुलिसकर्मी की बार-बार तैनाती एक स्थान हो गई। जिसके बाद उन पर संगीन आरोप भी सामने आए। साथ ही विभागीय नियमों का भी खुलेआम उल्लंघन होता रहा। अफसरों के पास इसका कोई लेखाजोखा मुहैया न होने के कारण री-पोस्टिंग पर रोक नहीं लग सकी। अब डीजीपी की सख्ती के बाद जिला स्तर पर एसपी ने भी री-पोस्टिंग को लेकर रणनीति तैयार कर ली है। इसमें अफसरों से लेकर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों तक सभी को शामिल किया गया है। पीलीभीत स्व प्रमाण पत्र स्कीम लागू कर दी गई है। इसका एक प्रपत्र तैयार कराकर सभी को दे दिया है। जिसमें पुलिसकर्मियों को खुद जिले में अपनी समस्त तैनातियों का ब्योरा लिखित में देना होगा। ऐसा करने के बाद पुलिसकर्मी का उत्तर दायित्व निर्धारित हो सकेगा कि वह अपनी तैनाती का सही विवरण दे। गलत पाए जाने उसको दंडित किया जाएगा। पुलिस लाइन में आमद कराने के साथ ही कर्मचारी से प्रमाण पत्र भरवा लिया जाएगा। स्थानांतरण के लिए प्रार्थना पत्र देने वाला पुलिसकर्मी भी इसको भरकर देगा। जिसके बाद तबादले की सूची बनाने से पहले समस्त पुलिसकर्मियों की पूर्व तैनाती को इससे मिलान कर लिया जाएगा। इससे काफी हद तक री-पोस्टिंग पर रोक लग सकेगी। खास बात यह है कि पुलिसकर्मी द्वारा इस प्रमाण पत्र में अपनी कंप्यूटर टाइपिंग और मुंशी के कार्य संबंधी योग्यता का भी विवरण देना होगा। जिससे उसकी योग्यता के आधार पर तैनाती करने में अफसरों को मदद मिलेगी।
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पुलिसकर्मी के खुद तैनाती का विवरण देने से समुचित पर्यवेक्षण हो सकेगा और री-पोस्टिंग का समाधान हो सकेगा। अराजपत्रित अधिकारियों और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों से इसको भरवाया जा रहा है। इसको भरकर न देने वालों का जून माह का वेतन रोक दिया जाएगा। ऐसा करने से लंबे से तैनाती की समस्या का भी समाधान होगा।
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- देवरंजन वर्मा, एसपी
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पिछले काफी समय में ऐसा कई बार सामने आया है कि एक ही पुलिसकर्मी की बार-बार तैनाती एक स्थान हो गई। जिसके बाद उन पर संगीन आरोप भी सामने आए। साथ ही विभागीय नियमों का भी खुलेआम उल्लंघन होता रहा। अफसरों के पास इसका कोई लेखाजोखा मुहैया न होने के कारण री-पोस्टिंग पर रोक नहीं लग सकी। अब डीजीपी की सख्ती के बाद जिला स्तर पर एसपी ने भी री-पोस्टिंग को लेकर रणनीति तैयार कर ली है। इसमें अफसरों से लेकर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों तक सभी को शामिल किया गया है। पीलीभीत स्व प्रमाण पत्र स्कीम लागू कर दी गई है। इसका एक प्रपत्र तैयार कराकर सभी को दे दिया है। जिसमें पुलिसकर्मियों को खुद जिले में अपनी समस्त तैनातियों का ब्योरा लिखित में देना होगा। ऐसा करने के बाद पुलिसकर्मी का उत्तर दायित्व निर्धारित हो सकेगा कि वह अपनी तैनाती का सही विवरण दे। गलत पाए जाने उसको दंडित किया जाएगा। पुलिस लाइन में आमद कराने के साथ ही कर्मचारी से प्रमाण पत्र भरवा लिया जाएगा। स्थानांतरण के लिए प्रार्थना पत्र देने वाला पुलिसकर्मी भी इसको भरकर देगा। जिसके बाद तबादले की सूची बनाने से पहले समस्त पुलिसकर्मियों की पूर्व तैनाती को इससे मिलान कर लिया जाएगा। इससे काफी हद तक री-पोस्टिंग पर रोक लग सकेगी। खास बात यह है कि पुलिसकर्मी द्वारा इस प्रमाण पत्र में अपनी कंप्यूटर टाइपिंग और मुंशी के कार्य संबंधी योग्यता का भी विवरण देना होगा। जिससे उसकी योग्यता के आधार पर तैनाती करने में अफसरों को मदद मिलेगी।
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पुलिसकर्मी के खुद तैनाती का विवरण देने से समुचित पर्यवेक्षण हो सकेगा और री-पोस्टिंग का समाधान हो सकेगा। अराजपत्रित अधिकारियों और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों से इसको भरवाया जा रहा है। इसको भरकर न देने वालों का जून माह का वेतन रोक दिया जाएगा। ऐसा करने से लंबे से तैनाती की समस्या का भी समाधान होगा।
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- देवरंजन वर्मा, एसपी