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इंतजार कर रहे थे परिवार वाले.. घर पहुंची मौत की खबर, मचा कोहराम

Thu, 07 Mar 2019 11:06 PM IST
Prashant Singh Prashant Singh
Updated Thu, 07 Mar 2019 11:06 PM IST
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इंतजार कर रहे थे परिवार वाले.. घर पहुंची मौत की खबर, मचा कोहराम
पीलीभीत। लखीमपुर खीरी जिले के भीरा थाना क्षेत्र के कचनारा मोड़ पर बृहस्पतिवार तड़के ईंटों से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से पीलीभीत के तीनों मजदूरों की मौत होने की खबर घर पहुंची तो कोहराम मच गया। परिजनों के मुताबिक तीनों मजदूर सुबह तक लौटने की कहकर घर से गए थे। परिवार वाले उनकी वापसी का इंतजार थे, लेकिन वे तो नहीं लौटे उनकी उनकी मौत की मनहूस खबर पहुंच गई, जिससे परिवार में मातम छा गया। मृतकों में गजरौला थाना क्षेत्र के गांव बिहारीपुर निवासी भगवान दास (35)पुत्र नत्थूलाल, ताराचंद कश्यप (40) पुत्र उमरायलाल और माधोटांडा थाना क्षेत्र के डगा गांव निवासी आरिफ (30) पुत्र असलम हैं। इस हादसे में बिहारीपुर गांव निवासी अवनीत और मोहन स्वरूप घायल हुए हैं। सभी बुधवार रात बिहारीपुर भट्ठे से ट्रैक्टर ट्रॉली में ईंटें लादकर लखीमपुर खीरी के पलिया पहुंचाने जा रहे थे। बृहस्पतिवार सुबह परिवार के लोग जागे ही थे कि फोन पर तीनों की मौत की खबर मिली।
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दो मई को होनी है बिटिया की शादी, तैयारियों में जुटे थे ताराचंद
गजरौला। हादसे में जान गंवाने वाले ताराचंद कश्यप के दो बेटे गौरव (12), सौरभ (10) और तीन बेटी खुशबू (20), सरिता (15) और आठ वर्षीय पूजा हैं। इन दिनों तारांचद के परिवार में खुशनुमा माहौल था। दरअसल, उनकी बड़ी बेटी खुशबू का रिश्ता बरेली के बादशाह नगर से तय हो चुका है। दो मई को उसकी शादी होनी तय है। घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं। बेटी की शादी के लिए रकम जुटाने को ताराचंद रात-दिन मेहनत करने में जुटे थे। बुधवार रात ताराचंद सुबह तक लौटने की कहकर घर से निकले थे। बृहस्पतिवार सुबह अचानक हादसे में उनकी मौत की खबर मिली तो परिजन बदहवास हो गए। पत्नी क्रांति देवी और मां टिकोली देवी सुधबुध भूल गईं। खुशियों का माहौल मातम में बदल गया है। दिन भर परिजनों को ढांढस बंधाने के लिए ग्रामीणों की भीड़ लगी रही।
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भगवान दास के बड़े भाई की भी हादसे में गई थी जान
गजरौला। भगवानदा चार भाइयों में दूसरे नंबर के थे। लखीमपुर खीरी में हुए हादसे में उनकी मौत के बाद परिवार के सामने एक बार फिर डेढ़ दशक पुराना मंजर छा गया है। जिस तरह से परिवार के भरण पोषण को मजदूरी करने के लिए निकलने के बाद भगवान दास की हादसे में जान चली गई। उसी तरह उनके बड़े भाई धर्मपाल भी जान गंवा चुके हैं। परिजनों ने बताया कि करीब 15 साल पहले धर्मपाल दिल्ली में मजदूरी करने गए थे। वहां पर एक तीन मंजिला इमारत पर काम करते वक्त वह नीचे गिर गए थे, जिसमें उनकी मौत हो गई थी। बृहस्पतिवार को भगवान दास की हादसे में मौत के बाद हर कोई इसी को लेकर चर्चा करता दिखाई दिया। परिवार में चीख पुकार मची है। पत्नी रेनू देवी का बुुरा हाल है। वहीं भगवान दास की गृहस्थी भी कच्ची है। उनके चार बच्चे 15 वर्षीय गुड्डू, नौ वर्षीय शिवानी, छह इवर्षीय नैनसी, पांच साल की सलोनी है।
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पति की मौत की खबर सुनकर बदहवाश हो गई शमां
माधोटांडा। आरिफ तीन भाइयों में बड़े थे। उनके दो छोटे भाई फारूख और अफरोज हैं। एक विवाहित बहन तबस्सुम है। आरिफ क्षेत्र के भट्ठों से ईंटें खरीदकर उनकी दूसरी जगह बिक्री करने का काम करते थे। वह पलिया से मिले आर्डर पर ईंटें पहुंचाने के लिए मजदूरों के साथ ट्रैक्टर-ट्राली से जा रहे थे। बृहस्पतिवार को उनकी मौत की खबर मिलने के बाद से पत्नी शमां बदहवाश हो गईं। पति की मौत के गम में वह बार-बार गश खाकर गिरती रहीं। परिवार के पास जमीन नहीं है। वही ईटों की बिक्री करके गृहस्थी का भरण पोषण करते थे। उनके तीन बेटे मुजाहिद, मुजारिब और कमर हैं।
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