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पीलीभीत के युवक की दिल्ली में संदिग्ध हालात में मौत
Updated Sat, 29 Jul 2017 05:38 PM IST
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पीलीभीत। नोएडा में रहकर पढ़ाई कर रहे शहर के अठारह वषीय हर्षित पांडेय की दिल्ली में संदिग्ध हालात में मौत हो गई। दिल्ली पुलिस ने हादसे में मरने की बात कही है। जबकि शरीर पर कोई चोट न होने के कारण परिवारीजनों को बात गले नहीं उतर रही है। ऐसे में पिता ने बेटे की मौत पर इंसाफ की गुहार लगाते हुए दिल्ली के उत्तम नगर थाने की पुलिस को तहरीर देकर निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है।
सुनगढ़ी थाना क्षेत्र के सिविल लाइन नार्थ निवासी हर्षित पांडेय (18) पुत्र जगदीश चंद्र पांडेय नोएडा के सेक्टर 45 में एक साल से रह रहा था। 25 जुलाई की रात दिल्ली पुलिस से उनको सूचना मिली कि हर्षित की सड़क हादसे में मौत हो गई है। इस पर परिवारीजन दिल्ली रवाना हो गए। वहंी पर हर्षित का पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद शव घर लाकर परिवारीजनों ने गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया। पुलिस से भले उनको हादसे में मरने की बात पता लगी हो, लेकिन परिवारीजनों को मामला कुछ और ही लग रहा है। पिता जगदीश चंद्र पांडेय ने बताया कि उनके बेटे के शरीर पर कोई चोट नहंी थी। उसकी संदिग्ध हालात में मौत हुई है।
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गायकी में एक बेहतर मुकाम पर था मेरा बेटा...
पीलीभीत। इंश्योरेंस कंपनी में काम करने वाले जगदीश चंद्र पांडेय के दो बेटे हर्षित और मुदित है। मृतक हर्षित बड़ा था और एक अच्छा गायक था। कम उम्र में ही वह अपनी आवाज के चलते पहचान बना चुका था। शहर के लिटिल एंजिल्स स्कूल से इंटरमीडिएट पास करने के बाद वह नोएडा प्रोफार्मर ऑफ आर्ट सिंगर डायरेक्शन का कोर्स करने चला गया। छोटा बेटा मुदित हल्द्वानी में होटल मैनेजमेंट का कोर्स करने हाल ही में गया है। परिवारीजनों ने बताया कि वह पढ़ाई में अव्वल रहने के साथ ही गायकी का हुनर उसकी पहचान बनता जा रहा था। उसके गाए हुए गई गानें यूटूब पर अपलोड हैं। इसके अलावा उसकी एक एलबम जल्द रिलीज होने वाली है। उसकी गायकी के चलते सोशल साइट्स पर उसके पंजाब, हरियाणा, मध्यप्रदेश के अलावा विदेशों में भी काफी दोस्त बन गए थे। जोकि उसको कॉल कर उसकी आवाज की तारीफ करते। पिता ने बताया कि वह पंजाबी, मराठी आदि कई भाषाओं में गाने गाया करता। उसने गायक बनने की ठान ली थी और एक बड़े मुकाम पर पहुंचना चाहता था। कभी किसी से फसाद या अन्य कोई शिकायत नहीं। उसकी मौत से पूरा परिवार बदहवाश है। गमगीन माहौल के बीच उसकी मौत की तस्वीर स्पष्ट करने के लिए परिवारीजन कानूनी लड़ाई जारी रखने की हिम्मत जुटा रहे हैं। चेरयमैन प्रभात जायसवाल ने भी पीड़ित परिवार के घर जाकर पिता को ढांढस बंधाया।
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सुनगढ़ी थाना क्षेत्र के सिविल लाइन नार्थ निवासी हर्षित पांडेय (18) पुत्र जगदीश चंद्र पांडेय नोएडा के सेक्टर 45 में एक साल से रह रहा था। 25 जुलाई की रात दिल्ली पुलिस से उनको सूचना मिली कि हर्षित की सड़क हादसे में मौत हो गई है। इस पर परिवारीजन दिल्ली रवाना हो गए। वहंी पर हर्षित का पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद शव घर लाकर परिवारीजनों ने गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया। पुलिस से भले उनको हादसे में मरने की बात पता लगी हो, लेकिन परिवारीजनों को मामला कुछ और ही लग रहा है। पिता जगदीश चंद्र पांडेय ने बताया कि उनके बेटे के शरीर पर कोई चोट नहंी थी। उसकी संदिग्ध हालात में मौत हुई है।
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गायकी में एक बेहतर मुकाम पर था मेरा बेटा...
पीलीभीत। इंश्योरेंस कंपनी में काम करने वाले जगदीश चंद्र पांडेय के दो बेटे हर्षित और मुदित है। मृतक हर्षित बड़ा था और एक अच्छा गायक था। कम उम्र में ही वह अपनी आवाज के चलते पहचान बना चुका था। शहर के लिटिल एंजिल्स स्कूल से इंटरमीडिएट पास करने के बाद वह नोएडा प्रोफार्मर ऑफ आर्ट सिंगर डायरेक्शन का कोर्स करने चला गया। छोटा बेटा मुदित हल्द्वानी में होटल मैनेजमेंट का कोर्स करने हाल ही में गया है। परिवारीजनों ने बताया कि वह पढ़ाई में अव्वल रहने के साथ ही गायकी का हुनर उसकी पहचान बनता जा रहा था। उसके गाए हुए गई गानें यूटूब पर अपलोड हैं। इसके अलावा उसकी एक एलबम जल्द रिलीज होने वाली है। उसकी गायकी के चलते सोशल साइट्स पर उसके पंजाब, हरियाणा, मध्यप्रदेश के अलावा विदेशों में भी काफी दोस्त बन गए थे। जोकि उसको कॉल कर उसकी आवाज की तारीफ करते। पिता ने बताया कि वह पंजाबी, मराठी आदि कई भाषाओं में गाने गाया करता। उसने गायक बनने की ठान ली थी और एक बड़े मुकाम पर पहुंचना चाहता था। कभी किसी से फसाद या अन्य कोई शिकायत नहीं। उसकी मौत से पूरा परिवार बदहवाश है। गमगीन माहौल के बीच उसकी मौत की तस्वीर स्पष्ट करने के लिए परिवारीजन कानूनी लड़ाई जारी रखने की हिम्मत जुटा रहे हैं। चेरयमैन प्रभात जायसवाल ने भी पीड़ित परिवार के घर जाकर पिता को ढांढस बंधाया।
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